बंधनमुक्त होकर लौटी विजिलेंस टीम,आंदोलन समाप्त
उच्च अधिकारियों से वार्ता के बाद खुला तहसील का ताला
राजस्व विभाग का दावा—’रिश्वत नहीं, सरकारी राजस्व की वसूली थी’; एसडीएम बोले—निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
नारायण सिंह रावत की ग्राउंड रिपोर्ट
अविकल उत्तराखंड
सितारगंज। विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद सितारगंज तहसील में उपजा विवाद करीब 20 घंटे बाद समाप्त हो गया। उच्च अधिकारियों और राजस्व कर्मचारी संगठनों के बीच चली लंबी वार्ता के बाद सहमति बनने पर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना समाप्त कर दिया। इसके साथ ही तहसील कार्यालय के मुख्य गेट से ताला खोल दिया गया और सरकारी कामकाज फिर से शुरू हो गया।

करीब 20 घंटे तक चले गतिरोध के दौरान तहसील परिसर में मौजूद विजिलेंस टीम कर्मचारियों के विरोध के बीच वहीं रही। वार्ता सफल होने के बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया, जिसके बाद विजिलेंस टीम भी बंधनमुक्त होकर लौट गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान परिसर में पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी रही।
इस बीच राजस्व विभाग ने प्रेस नोट जारी कर विजिलेंस की कार्रवाई पर अपना पक्ष रखा। विभाग का दावा है कि जिन दो कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, वे रिश्वत नहीं बल्कि सरकारी राजस्व की वैधानिक वसूली कर रहे थे। विभाग के अनुसार संबंधित राशि आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) के अनुपालन में विभागीय केस काउंटर पर जमा कराई जा रही थी, जिसे विजिलेंस ने कथित रिश्वत मानकर कार्रवाई की। विभाग ने कहा कि पूरी वसूली प्रक्रिया राजस्व संहिता और निर्धारित नियमों के अनुरूप की जा रही थी।

उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बुधवार को विजिलेंस टीम ने वरिष्ठ लिपिक (बड़े बाबू) समेत दो कर्मचारियों को कथित रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। इसके विरोध में राजस्व कर्मियों ने तहसील परिसर में धरना शुरू कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था। लगभग 20 घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद गुरुवार को वार्ता सफल रही और आंदोलन समाप्त हो गया। अब पूरे मामले की निगाहें जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हैं।



