महान फिल्मकार सत्यजीत राय की जयंती पर विशेष कार्यक्रम

छात्रों को दिखाई गईं क्लासिक फिल्में

अविकल उत्तराखंड

रामनगर। विश्व प्रसिद्ध फिल्मकार सत्यजीत राय की 105वीं जयंती के अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज ढेला में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
इस दौरान उनकी प्रसिद्ध फिल्मों के माध्यम से छात्रों को उनके योगदान से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में अंग्रेजी प्रवक्ता नवेंदु मठपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि सत्यजीत राय का जन्म 2 मई 1921 को कोलकाता में हुआ था। उनके पिता एक प्रतिष्ठित लेखक थे। उन्होंने प्रेसिडेंसी कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और बाद में विश्व-भारती विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। आगे की पढ़ाई के लिए वे विदेश भी गए।

बताया गया कि फिल्मी दुनिया में आने से पहले उन्होंने एक ब्रिटिश विज्ञापन एजेंसी में कार्य किया। वर्ष 1950 में लंदन प्रवास के दौरान फिल्म निर्माण के प्रति उनकी रुचि विकसित हुई, जब उन्होंने बाइसिकल थीफ देखी, जिसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।

इसके बाद वर्ष 1955 में उन्होंने पाथेर पांचाली का निर्माण किया, जिसने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। यह फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा की ऐतिहासिक कृतियों में गिनी जाती है। अपने करियर में उन्होंने कुल 36 फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें ‘अप्पू ट्रॉयलॉजी’ विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

सत्यजीत राय को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत रत्न सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया। जीवन के अंतिम समय में उन्हें ऑस्कर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘सद्गति’ पर आधारित फिल्म भी दिखाई गई। साथ ही कक्षा 11 की हिंदी पाठ्यपुस्तक में शामिल सत्यजीत राय के संस्मरण ‘अपू के साथ ढाई साल’ के माध्यम से उस दौर के फिल्म निर्माण की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज जोशी, हरीश कुमार, बालकृष्ण चंद, सुभाष गोला, जया बाफिला, संजीव कुमार और पदमा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

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