लंबित मुद्दों पर सरकार से वार्ता की तैयारी
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, उत्तराखण्ड प्रदेश की बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में निगम एवं प्राधिकरण कर्मचारियों को ₹25 लाख ग्रेज्युटी, शिथलीकरण का लाभ तथा वन विकास निगम के स्केलर कर्मचारियों के वेतनमान संशोधन की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
महासंघ की पूर्व निर्धारित महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को अरण्य विकास भवन, 73 नेहरू रोड, डालनवाला में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश राणाकोटी ने की, जबकि संचालन प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी ने किया। बैठक में राज्य के विभिन्न निगमों और प्राधिकरणों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं, वेतन विसंगतियों और सुविधाओं से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। महासंघ ने राज्य निगमों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए ₹25 लाख ग्रेज्युटी लागू किए जाने की मांग उठाते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित इस मांग को सरकार को शीघ्र पूरा करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को शिथलीकरण का लाभ दिया जा रहा है, जबकि निगमों एवं प्राधिकरणों के कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। महासंघ ने मांग की कि राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर सभी निगमों एवं प्राधिकरणों में कार्यरत कर्मचारियों को भी समान रूप से शिथलीकरण का लाभ प्रदान किया जाए। इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर शासन स्तर पर सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।
उत्तराखण्ड वन विकास निगम में कार्यरत स्केलर वर्ग के कर्मचारियों की वेतन विसंगति का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। महासंघ ने वर्तमान वेतनमान ₹19900-63200, लेवल-2, ग्रेड वेतन ₹1900 को संशोधित कर ₹21700-69100, लेवल-3, ग्रेड वेतन ₹2000 किए जाने का प्रस्ताव पारित किया। पदाधिकारियों ने कहा कि स्केलर वर्ग के कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए उन्हें कार्य के अनुरूप उचित वेतनमान मिलना चाहिए।
महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि उपरोक्त सभी मांगों को लेकर शीघ्र ही सचिवालय में शासन स्तर पर वार्ता की जाएगी और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में प्रेम सिंह चौहान, सुन्दराम टम्टा, कुनाल शर्मा, महेन्द्र सिंह गैड़ा, केदार सिंह चौहान, गिरीश प्रसाद जोशी, देवीराम सेमवाल, चतर सिंह, कीरत सिंह नेगी, सुरेन्द्र कुमार, सुनील पुण्डीर, दलीप सिंह रावत, रणजीत सिंह रावत और प्रभात बंसल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।



