2047 के ऊर्जा परिदृश्य पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

विज्ञान संगोष्ठी में सौर, पवन और जल ऊर्जा पर जोर

अविकल उत्तराखंड

दुगड्डा। विकासखंड दुगड्डा में सोमवार को विकासखंड स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी-2026 का आयोजन किया गया। ‘भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 : संभावनाएं एवं चुनौतियां’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने ऊर्जा के वर्तमान स्वरूप, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, ऊर्जा संरक्षण तथा 2047 तक भारत की ऊर्जा जरूरतों और संभावनाओं पर विचार रखे।

कार्यक्रम का उद्घाटन खंड शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि उमाकांत कुकरेती, स्थल संयोजक मुकेश रावत और विशिष्ट अतिथि महेंद्र अग्रवाल ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

विद्यार्थियों ने सौर, पवन, जलविद्युत और जैव ऊर्जा जैसे स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की उपयोगिता पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य हासिल करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

प्रतियोगिता में अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज कण्वघाटी के आदित्य गौड़ ने प्रथम, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झंडीचौड़ की साक्षी रावत ने द्वितीय और राजकीय इंटर कॉलेज दिऊला पौखाल की खुशबू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

निर्णायक मंडल में दीपक नौटियाल, ज्योति ध्यानी और बिपिन चौहान शामिल रहे।
मंच संचालन कविता बिष्ट रावत और शितांशु खुगशाल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समन्वयक पूनम पांथरी तथा सह-समन्वयक रश्मि उनियाल और ऋतु उनियाल ने सहयोग दिया।

आयोजकों ने कहा कि विज्ञान संगोष्ठियों से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूकता विकसित होती है।

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