‘सूखा, गीला कचरा अलग रखने का ले संकल्प’

“एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन” विषय पर कार्यशाला

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर परामर्शदाता अमन भाटिया ने कहा, हर नागरिक चार नि:शुल्क कदम उठाकर करे शुरुआत

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर जाखन स्थित एक होटल में आयोजित “एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन” विषय पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित हुई।

राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में एक्सिस कंसल्टेंट्स के अमन भाटिया ने “ईपीआर के माध्यम से प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में चक्रीय अर्थव्यवस्था” विषय पर कहा कि हर नागरिक चार नि:शुल्क कदम उठाने का संकल्प ले। जैसे सूखा और गीला कचरा अलग रखना, डिब्बों-बोतलों को खाली कर धोकर सुखाना, कम मात्रा वाले सूखे कचरे को कुछ दिन एकत्र करना, तथा कचरा जलाने या फेंकने के बजाय संग्रहणकर्ता को सौंपना।आगे उन्होंने कहा कि कचरा किस स्थिति में रीसाइक्लर तक पहुंचता है, इसी पर उसका पुनर्चक्रण निर्भर करता है।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा राज्य को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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