तमक नाला फ्लैश फ्लड – डीएम-एसपी ने किया हवाई सर्वेक्षण

देखें वीडियो, तमक नाले के जलग्रहण क्षेत्र की स्थिति

लापता बीआरओ कर्मी की तलाश जारी

अविकल उत्तराखंड

चमोली। ज्योतिर्मठ-मलारी मार्ग पर तमक नाले में 10 अगस्त को आई अचानक फ्लैश फ्लड के बाद चल रहे राहत एवं बचाव अभियान का जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गुरुवार को जायजा लिया।

दोनों अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई और स्थलीय निरीक्षण कर रेस्क्यू टीमों से लापता व्यक्ति की तलाश में चलाए जा रहे अभियान की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों और तेज जलप्रवाह को देखते हुए सभी एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ सावधानीपूर्वक अभियान जारी रखने के निर्देश दिए।

10 अगस्त को बह गया था बेली ब्रिज

10 अगस्त को ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में अचानक जलप्रवाह बढ़ने से 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा बनाया गया बेली ब्रिज तेज धारा में बह गया था। इस दौरान बीआरओ का एक कार्मिक और एक कैंपर वाहन भी जलधारा की चपेट में आने की सूचना मिली थी। घटना के बाद से ही लापता कार्मिक की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस-प्रशासन, आईटीबीपी और सेना की टीमें संयुक्त रूप से सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए राहत-बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित विभागों ने युद्धस्तर पर काम किया और ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग को 24 घंटे के भीतर यातायात के लिए सुचारू कर दिया।

ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र का भी किया हवाई निरीक्षण

स्थलीय निरीक्षण से पहले डीएम और एसपी ने तमक नाले के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। अधिकारियों ने फ्लैश फ्लड से प्रभावित क्षेत्र, जलप्रवाह की स्थिति और आसपास के संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान वर्ष 2021 में रैणी क्षेत्र में ऋषिगंगा के ऊपरी हिस्से में ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ के उद्गम क्षेत्र का भी हवाई निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति और संभावित जोखिमों का आकलन किया।

डीएम गौरव कुमार ने कहा कि तमक नाले में अचानक आई फ्लैश फ्लड के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। विशेषज्ञ संस्थान से विस्तृत तकनीकी आकलन कराया जाएगा, ताकि घटना के कारणों का पता लगाने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी निवारक उपाय किए जा सकें।

डीएम और एसपी ने प्रभावित ग्रामीणों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों को नियमानुसार अधिकतम संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही रेस्क्यू अभियान में जुटे जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें रिफ्रेशमेंट वितरित किया।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ, कर्नल शांतनु, लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक, मेजर विकास, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी समेत बीआरओ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

धराली व रैणी आपदा की याद फिर ताजा

तमक नाला क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की घटना ने वर्ष 2025 की 5 अगस्त के धराली व 2021 की रैणी आपदा की याद भी ताजा कर दी है। सात फरवरी 2021 को ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों में भारी जलप्रवाह पैदा कर दिया था। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी और ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट समेत बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था।

बीते साल उत्तरकाशी जिले के धराली में के गदेरे ने भी कहर बरपा दिया था। कई बिल्डिंग ,बगीचे व लोग मलबे में दफन हो गए थे।।

तमक नाले की हालिया घटना के बाद प्रशासन ने ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र और संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है।

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