सतपुली, खैरना और लम्बगांव मामलों पर उबाल

पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

आईजी (कानून-व्यवस्था) को सौंपा ज्ञापन

“मित्र पुलिस” की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में सामने आई कथित पुलिस ज्यादती और लापरवाही की घटनाओं को लेकर सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन घटनाओं के विरोध में संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में पौड़ी जिले के सतपुली क्षेत्र की घटना का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है, जहां 20 वर्षीय युवक पंकज कुमार ने कथित पुलिस प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर ली। युवक ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर तत्कालीन थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट व अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। संगठनों का कहना है कि इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

इसी क्रम में नैनीताल जिले के खैरना क्षेत्र की घटना का भी जिक्र किया गया, जहां युवक बालम सिंह बिष्ट ने कथित पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने युवक के साथ मारपीट की, उसका मोबाइल छीनकर सिम तोड़ दी और पैसे भी निकाल लिए। परिजनों ने जांच अधिकारी पर भी दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले में अब तक किसी पुलिसकर्मी को नामजद न किया जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। आरोपियों को चिन्हित कर निलंबन और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

टिहरी जिले के लम्बगांव क्षेत्र का मामला भी ज्ञापन में उठाया गया है, जहां एक निजी विद्यालय संचालिका ने धर्म के आधार पर घर जलाए जाने का आरोप लगाया। संगठनों का कहना है कि पीड़िता द्वारा वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि राज्य गठन के समय उत्तराखंड पुलिस ने “मित्र पुलिस” का नारा अपनाया था, लेकिन हाल की घटनाएं इस अवधारणा पर सवाल खड़े कर रही हैं। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का हवाला देते हुए पुलिस से संवेदनशील, संयमित और कानूनसम्मत व्यवहार अपनाने की अपेक्षा जताई गई है।

ज्ञापन पर भाकपा (माले) के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी, त्रिलोचन भट्ट, समर भंडारी, भुवन पाठक, डॉ. राघवेंद्र, हरिओम पाली और प्रभात पाल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं के हस्ताक्षर हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *