22 अक्टूबर से न्याय यात्रा और 4 नवंबर को जमीन के मुद्दे पर प्रदर्शन
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच उत्तराखंड कांग्रेस ने अब आंदोलन को प्रदेशव्यापी अभियान में बदलने की रणनीति बनाई है।
पार्टी ने अंकिता को न्याय दिलाने की मांग के साथ बेरोजगारी, भर्ती घोटालों, पलायन, भ्रष्टाचार और जमीन-संसाधनों के सवालों को भी आंदोलन के केंद्र में रखा है। कांग्रेस ने 22 से 25 अक्टूबर तक न्याय यात्रा, 27 अक्टूबर को गैरसैंण विधानसभा घेराव और नवंबर में दो बड़े विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है।
शनिवार को देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह सहित वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

अंकिता प्रकरण पर राष्ट्रीय स्तर तक संघर्ष
कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड महिलाओं की सुरक्षा, प्रदेश की अस्मिता और सत्ता की जवाबदेही से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवालों का संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
शैलजा के अनुसार, 14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर समर्थन जताया। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग भी की। कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश में उपवास, प्रदर्शन, ज्ञापन, कैंडल मार्च और बाइक रैली के जरिए न्याय की मांग लगातार उठाई जा रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष जारी रहेगा।
भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पलायन पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने सड़क निर्माण, सरकारी ठेकों, भूमि सौदों और खनन गतिविधियों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। शैलजा ने कहा कि प्रदेश की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों का लाभ जनता को मिलना चाहिए, न कि चुनिंदा प्रभावशाली लोगों को।
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने युवाओं के लिए रोजगार तथा पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग की। नेताओं ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों की कमी पलायन की समस्या को बढ़ा रही है।
बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर भी कांग्रेस ने जांच और श्रद्धालुओं के धन का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विभागों, राशन वितरण, मध्याह्न भोजन योजना और राष्ट्रीय खेलों के खर्चों को लेकर भी सवाल उठाते हुए नेताओं ने स्वतंत्र जांच की मांग की। ये आरोप कांग्रेस नेताओं ने लगाए हैं।
नवंबर तक आंदोलन की रूपरेखा
कांग्रेस के घोषित कार्यक्रमों के अनुसार, 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा का घेराव होगा। एक नवंबर को एसआईआर के विरोध में दिल्ली की रैली में प्रदेश के कांग्रेसजन भाग लेंगे। चार नवंबर को जमीन के कथित अनुचित हस्तांतरण और प्रदेश के संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. हरक सिंह रावत, भुवन कापड़ी, गुरदीप सिंह सप्पल, मनोज यादव, सुरेंद्र शर्मा, राजेंद्र भंडारी, शूरवीर सिंह सजवाण, ज्योति रौतेला, पंखुड़ी पाठक सहित अन्य वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।




