विधायक ने कहा, मामला राजनीति से प्रेरित,डीप फेक फोटो से बदनाम किया
चरित्रहनन का आरोप, महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
वीडियो जारी कर बोलीं-‘झूठे आरोपों से मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस’
दो साल पुराना मामला फिर उछला
अविकल थपलियाल
बागेश्वर। कपकोट की एक महिला ने दो साल पहले वॉयरल एक अश्लील फोटो/वीडियो मामले के विरोध में मुकदमा दर्ज करवा कर चरित्र हनन के आरोपियों को दंड देने की मांग की है।
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में सोशल मीडिया पर कथित चरित्रहनन का मामला सामने आया है। कपकोट क्षेत्र की एक महिला ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति उसके खिलाफ लगातार आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित कर उसकी सामाजिक छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है।
मामले में महिला ने कपकोट थाने में तहरीर देने के साथ-साथ एक वीडियो संदेश जारी कर न्याय की मांग की है। महिला की तहरीर पर जगदीश गोस्वामी समेत दो अज्ञात पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा 30 जुलाई को कपकोट थाने में दर्ज किया गया।

दूसरी ओर, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया ने मीडिया से कहा कि कि मामला राजनीति से प्रेरित है। डीप फेक फोटो से मुझे बदनाम किया जा रहा है। इस मामले में मुकदमा दर्ज हो गया है। मामले की जाँच होगी।
कपकोट थाना क्षेत्र के ग्राम मुनार निवासी मुन्नी टाकुली (माही) ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि मानीखेत निवासी जगदीश गोस्वामी पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो प्रसारित कर रहा है, जिनमें उसके चरित्र पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
महिला का कहना है कि वीडियो में उसका नाम एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन प्रभावित हुआ है।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति पहले भी अपने दो अन्य साथियों के साथ सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और वीडियो साझा कर उसे बदनाम करने का प्रयास कर चुका है। महिला का कहना है कि लगातार हो रहे इस प्रचार से वह मानसिक रूप से परेशान हैं और समाज में उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
पीड़िता ने वीडियो सन्देश में क्या कहा
तहरीर के बाद महिला ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या की भी धमकी दी है।

वीडियो में उन्होंने कपकोट से भाजपा विधायक सुरेश गड़िया से कहा है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए और सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई हो।
पीड़िता ने वॉयरल वीडियो में कहा कि उसने विधायक सुरेश गड़िया
से मीडिया में स्पष्टीकरण देने को भी कहा है। पीड़िता ने कहा, 2024 से मेरी तो जिंदगी ही खत्म हो चुकी है। मेरा परिवार भी झेल रहा है।
पीड़ित महिला ने कहा कि इस दुष्प्रचार का उनके पारिवारिक जीवन में बुरा असर पड़ा है। चालक पति ने कामकाज बंद कर दिया है। और मानसिक रूप से परेशान हैं। इस चरित्र हनन से उसने भी सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेना बंद कर दिया है। कहीं जाती भी हूँ तो लोग मुड़ मुड़ कर देखते हैं । यही नहीं , 12 साल की बेटी पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। मेरे बच्चों का भी शोषण हो रहा है।
गौरतलब है कि 2024 में एक अश्लील वीडियो व फोटोज़ वॉयरल हुए थे। इस वीडियो से राजनीतिक गलियारों में शोर मचा गया था। लेकिन उस समय वीडियो में दिख रहे जनप्रतिनिधि सुरेश गड़िया ने वीडियो व फ़ोटो को AI निर्मित व डीप फेक बताया था। इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी कानाफूसी भी हुई। लेकिन बाद में मामला दब गया।

और अब फिर स्थानीय लोगों द्वारा सोशल मीडिया में स्थानीय महिला के चरित्र हनन का प्रयास किया। और सबूत होने का दावा भी किया। नतीजतन, महिला के हिम्मत दिखाने के बाद मुकदमा दर्ज हो चुका है।
बहरहाल, महिला के वीडियो बयान और मुकदमा दर्ज होने के बाद दो साल से बोतल में कैद जिन्न बाहर निकल आया।
धारा 79 के तहत अपराध
BNS (भारतीय न्याय संहिता), धारा 79 महिलाओं की गरिमा और निजता की रक्षा से संबंधित प्रावधान है। यह पहले की IPC की धारा 509 का स्थान लेती है।
यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की लज्जा या गरिमा का अपमान करने के उद्देश्य से—
अशोभनीय या अपमानजनक शब्द कहता है,
अश्लील या अपमानजनक इशारे करता है,
कोई आपत्तिजनक वस्तु या सामग्री दिखाता है,
या उसकी निजता (Privacy) में अनुचित हस्तक्षेप करता है।



