विभाजन की त्रासदी को बदले की भावना से नहीं, बदलाव के संकल्प से स्वीकार करें’
क्विज प्रतियोगिता आयोजित
अविकल उत्तराखंड
नरेंद्रनगर। राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान मारे गए लाखों निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विजय सिंह नेगी ने कहा कि 14 अगस्त 1947 की विभाजन त्रासदी व्यापक नरसंहार, विस्थापन और अमानवीय घटनाओं की पीड़ा का स्मरण कराती है। मानवता के हित में इन स्मृतियों को बदले की भावना से नहीं, बल्कि बदलाव के संकल्प के रूप में स्वीकार कर आगे बढ़ना होगा।
इससे पहले प्राचार्य के नेतृत्व में कॉलेज परिवार ने ‘वीरों की दीवार’ पर वीरों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद रुषा सभागार में दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पांजलि और दो मिनट का मौन रखकर विभाजन में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई।

पत्रकारिता एवं जनसंचार के प्राध्यापक डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल ने विभाजन की पृष्ठभूमि और उसके दंश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी से सीख लेते हुए देश की एकता और प्रगति को और मजबूत करने की जरूरत है। पर्यटन विभाग प्रभारी डॉ. संजय महर ने विभाजन की घटनाओं को नृशंस बताते हुए उनसे सबक लेने की अपील की।
बीसीए विभाग प्रभारी डॉ. देवेंद्र कुमार और तकनीकी सहायक अजय पुंडीर ने विभाजन से जुड़ी मार्मिक घटनाओं पर आधारित वृत्तचित्र प्रस्तुत किया। डॉ. दिलीप बिष्ट, डॉ. सुशील कुमार कगडियाल, डॉ. विजय प्रकाश भट्ट और डॉ. भारती जायसवाल ने भी विचार रखे।
गणित विभाग प्रभारी डॉ. इमरान अली के संयोजन में विद्यार्थियों के लिए लिखित क्विज प्रतियोगिता हुई। आदित्य रावत, अंकित कंडारी, आयुष रावत और प्रियंका ने प्रथम, आदित्य सिंह, स्वाती और हिमानी ने द्वितीय तथा पूजा और करीना ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया। डॉ. सोनी तिलारा ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल ने किया। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



