विकास कार्यों में लापरवाही मिली तो होगी जवाबदेही, जलागम विभाग की समीक्षा में कैड़ा के कड़े निर्देश
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों से निकलकर धरातल पर दिखना चाहिए। विकास कार्यों में देरी और गुणवत्ता से समझौता अब स्वीकार नहीं होगा। जलागम मंत्री राम सिंह कैड़ा ने विभागीय अधिकारियों को इसी संदेश के साथ विकास योजनाओं में तेजी लाने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देहरादून स्थित जलागम निदेशालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने धीमी गति से चल रहे कार्यों को चिह्नित कर उनमें तेजी लाने तथा सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
कैड़ा ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। इसके लिए अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम करना होगा। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मंत्री ने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल योजनाओं की औपचारिक समीक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी परिणामों पर भी ध्यान दें।
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, परियोजना निदेशक कहकशां नसीम सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




