आईएएस रामविलास यादव गिरफ्तार

आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे आईएएस रामविलास यादव

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने आईएएस रामविलास यादव को बुघवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया। सीएम धामी ने आईएएस यादव के भ्र्ष्टाचार की जॉच के आदेश देते हुए कड़े कदम उठाने को कहा था। यादव की गिरफ्तारी से नौकरशाही में भारी हलचल देखी जा रही है। बुधवार की शाम यादव को निलंबित कर दिया गया था।विजिलेंस के डायरेक्टर अमित सिन्हा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की।

बुधवार को विजिलेंस ने यादव से करीब आठ घण्टे पूछताछ की। यादव से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे है। लखनऊ व देहरादून में यादव ने करोड़ों की संपत्ति बनाई। हाल ही में विजिलेंस ने यादव के कई ठिकानों पर छापा मारकर करोड़ों रुपए मूल्य की चल अचल संपत्ति का पता लगाया था।

योगी सरकार ने भी आईएएस रामविलास यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए जांच के आदेश दिए थे।

इससे पूर्व, बुधवार की दोपहर हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद  आईएएस रामविलास यादव बुधवार को विजिलेंस के दफ्तर पहुंचे। दोपहर 1 बजे विजिलेंस के दफ्तर में जाने से पहले रामविलास यादव ने मीडिया से कोई बात नहीं  की। आय से अधिक संपत्ति केमामले में घिरे रामविलास के साथ उनके वकील भी थे। यादव के आते ही सुरक्षा कर्मियों ने गेट बन्द कर दिया था।

गौरतलब है कि रामविलास यादव 30 जून को रिटायर हो रहे हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विजिलेंस के गाजीपुर, लखनऊ, गाजियाबाद व देहरादून में पड़े छापे में करोड़ों रुपए मूल्य की चल अचल संपत्ति का पता चला है।

सपा सरकार के समय यादव लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव भी रहे। लेकिन 2019 में उत्तराखंड आ गए। यहां भी छह साल तक समाज कल्याण विभाग में जमे रहे।

विजिलेंस डायरेक्टर अमित सिन्हा का बयान

थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून पर दिनांक 19.04.2022 को पंजीकृत मु0अ0सं0-5/22 धारा-13(1)ख सपठित धारा-13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशो0अधि0 2018) बनाम रामविलास यादव, आई0ए0एस0, अपर सचिव, उत्तराखण्ड शासन के विरूद्व आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने विषयक विवेचना में आरोपी अधिकारी रामविलास यादव, दिनांक 22.06.2022 को सतर्कता अधिष्ठान सैक्टर कार्यालय देहरादून में अपने बयान अंकित कराने हेतु पुलिस अधीक्षक सैक्टर देहरादून श्रीमती रेनू लोहानी एवं विवेचक पुलिस उपाधीक्षक अनुषा बडोला के समक्ष उपस्थित हुये

विजिलेंस डायरेक्टर अमित सिन्हा व टीम के सदस्य

उपरोक्त टीम द्वारा इनके पारिवारिक सदस्यों के नाम अर्जित सम्पत्तियों के बारे में पूछे गये प्रश्नों के उत्तर आरोपी अधिकारी द्वारा संतोषजनक नहीं दिये गये। आरोपी अधिकारी अपने, दिलकश विहार रानीकोठी लखनऊ स्थित आवास, गुडम्बा में स्थित संचालित जनता विद्यालय, नोएडा में क्रय किये गये भूमि की रजिस्ट्री, गाजीपुर जिले में 10 बीघा जमीन, एफ0डी0/खातों में जमा धनराशि, पारिवारिक सदस्यों के बैक खातों में जमा धनराशि एवं पारिवारिक खर्चो के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये और न ही कोई अभिलेख प्रस्तुत कर पाये।

अब तक की विवेचना में उपलब्ध अभिलेखों व आरोपी से पूछताछ पर चैक पीरियड में कुल आय 50,48,204/- रूपये तथा व्यय 3,12,37,756/- रू0 होना पाया गया, जो अनानुपातिक सम्पत्ति अर्जित की गयी है आरोपी अधिकारी को आय-व्यय की उपरोक्त रकम बतायी गयी तो कुछ भी स्पष्ट नही बता पाये।

तमाम अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर उनके द्वारा आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करना स्पष्ट होता है कि आरोपी अधिकारी के द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशो0अधि0 2018) की धारा 13(1)ख सपठित धारा 13(2) का जुर्म किया गया है, जुर्म के समबन्ध में आरोपी अधिकारी को अवगत कराते हुये दिनांक 23.06.2022 को समय 2ः15 ए0एम0 पर लम्बी पूछताछ के बाद सतर्कता अधिष्ठान द्वारा गिरफ्तार किया गया। नियमानुसार आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना उनकी पुत्री के मो0न0 पर दी गयी ।

आरोपी अधिकारी रामविलास यादव को सतर्कता अधिष्ठान द्वारा आज दिनांक 23.06.2022 को मा0 सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। इस सम्बन्ध में सतर्कता टीम को सर्च के पश्चात ज्ञात सम्पत्तियों एवं अभिलेखों (रजिस्ट्रीयों) के बारे में गहना से विवेचना में साक्ष्य प्राप्त किये जा रहे है।

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आईएएस रामविलास यादव सस्पेंड

Uttarakhandnews

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