प्रदेश को मिले 6 नये पुलिस थाने व 20 पुलिस चौकियां

राजस्व पुलिस के अधिकार में रहे इन इलाकों में की गई रेगुलर पुलिस की व्यवस्था

सचिवालय से मुख्यमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। उत्तराखण्ड में राजस्व पुलिस के इलाके रेगुलर पुलिस के सुपुर्द करते हुए 6 नये पुलिस थाने एवं 20 नई पुलिस चौकियां खोली गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय से इन नये थानों व चौकियों का वर्चुअल उद्घाटन किया।

अंकिता भंडारी मर्डर केस के बाद राजस्व पुलिस क्षेत्र में रेगुलर थाने खोलने की मांग ने जोर पकड़ लिया था।

इन 6 थानों में 661 गांव एवं 20 चौकियों में 696 गांव शामिल किये गए हैं। ये क्षेत्र पहले राजस्व पुलिस के अधीन थे, अब इनमें नियमित पुलिस की व्यवस्था की गई है।

सोमवार को जिन 6 नये पुलिस थानों का उद्घाटन किया गया उनमें पौड़ी में थाना यमकेश्वर, टिहरी में थाना छाम, चमोली में थाना घाट, नैनीताल में थाना खनस्यूॅ एवं अल्मोड़ा में थाना देघाट एवं धौलछीना शामिल हैं।

आज जिन 20 नई चौकियों का उद्घाटन किया उनमें देहरादून में लाखामण्डल, पौड़ी में बीरोखाल, टिहरी में गजा, काण्डीखाल एवं चमियाला, चमोली में नौटी, नारायणबगड़ एवं उर्गम, रूद्रप्रयाग में चौपता एवं दुर्गाधार, उत्तरकाशी में सांकरी एवं धौंतरी, नैनीताल में औखलकाण्डा, धानाचूली, हेड़ाखाल एवं धारी, अल्मोड़ा में मजखाली, जागेश्वर एवं भौनखाल तथा चम्पावत में बाराकोट शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकास एवं व्यवस्थाओं में परिवर्तन के साथ राज्य के जिन क्षेत्रों में राजस्व पुलिस की जगह पर नियमित पुलिस की आवश्यकता हो रही है, उनमें चरणबद्ध तरीके से नियमित पुलिस की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन से समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। पुलिस व्यवस्था राज्य की कानून व्यवस्था का दर्पण होती है। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को बनाने की पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को सुधारने की हमेशा गुंजाइश होती, इस दिशा में उत्तराखण्ड पुलिस को निरन्तर कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की यह भी बड़ी जिम्मेदारी है कि समाज के अच्छे लोगों का उन पर विश्वास बढ़े और आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को पुलिस का डर भी हो। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाये रखने की पुलिस पर बड़ी जिम्मेदारी होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के अधिकारियों को अपने नियमित कार्यों के अलावा जनहित से जुड़े विषयों पर लगातार कार्य करना होगा। अपने कार्यों के साथ ही हम समाज सेवा के कार्य करते हैं, तो यह हमारे लिए उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री राज्य बनाने, स्वच्छता अभियान, एवं सामाजिक सरोकारों के अन्य कार्यों में भी उत्तराखण्ड पुलिस को लगातार कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल से पुलिस के प्रति लोगों का दृष्टिकोण बदला है। विपरीत परिस्थितियों में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा समाज सेवा के लिए जो कार्य किये गये वह सराहनीय है। हमें आगे भी हर क्षेत्र में इसी मनोयोग से कार्य करना होगा।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती शैलारानी रावत, श्रीमती रेनू बिष्ट, सुरेश सिंह चौहान, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से विधायक राम सिंह कैड़ा, अनिल नौटियाल, भूपाल राम ट्म्टा, महेश जीना, आयुक्त गढ़वाल सुशील कुमार एवं संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी एवं एसएसपी उपस्थित थे।

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