प्राथमिक शिक्षा में सहायक टीचर्स भर्ती पर लगी रोक हटी, आदेश जारी

शिक्षा सचिव राधिका झा के भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश की मूल भाषा। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को भेजा पत्र।

उपर्युक्त विषयक अपने पत्रांक वि०प्र० 10 (05) / 350 (21) / 5616 / 2020-21 दिनांक 03 सितम्बर, 2021 का कृपया सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके माध्यम मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल के अन्तरिम आदेश दिनांक 01.09.2021 के आलोक में सहायक अध्यापक (प्राथमिक) के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) से दूरस्थ शिक्षा (ODL) के माध्यम से द्विवर्षीय डी०एल०एड० प्रशिक्षण प्राप्त (वर्ष 2017-2019 ) ( प्रशिक्षण की अवधि 18 माह) अभ्यर्थियों को राज्य के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (प्राथमिक) के रिक्त पदों पर जनपदवार निर्गत विज्ञप्तियों में सम्मिलित किया जाना है अथवा नहीं, के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश चाहे गये हैं।

2 मा० उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा रिट याचिका संख्या – 350 / एस०एस० / 2021 श्री नन्दन सिंह बोरा बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य में पारित अन्तरिम आदेश दिनांक 01.09.2021 द्वारा सहायक अध्यापक (प्राथमिक) के रिक्त पदों पर लगी रोक को हटाते हुए, सुसंगत सांविधिक प्राविधानों एवं उपयुक्त भर्ती नियमों के अधीन भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ के आदेश पारित किये गये हैं। जिसका क्रियात्मक अंश निम्नवत् है:

  1. Since learned Advocate General has assured the Court that selection for the post of Assistant Teacher Government Primary School would be undertaken strictly as per relevant Statutory provisions, including the applicable Recruitment Rules, and public interest demands that vacancies on the posts of Assistant Teacher Government Primary School are supplied at the earliest, therefore, in the opinion of this Court, the interim order dated 03.03.2021 deserves to be modified.
  2. In such view of the matter, interim order dated 03.03.2021 is modified and it is provided that selection process for appointment to the post of Assistant Teacher Government Primary School shall go on, however, appointment, if any, made on the strength of the selection, so made, shall be subject to the final outcome of the present writ petition.

3- मा० उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड के उपरोक्त अन्तरिम आदेश के आलोक में न्याय विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा विद्यमान सुसंगत सांविधिक प्राविधानों एवं उपयुक्त भर्ती नियमों व लोक हित के आधार पर निर्णय लिये जाने एवं महाधिवक्ता मा० उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड द्वारा “.. The Hon’ble Court has also clearly directed that the appointment should be made strictly as per relevant statutory provisions and the applicable recruitment rules made under the authority of the statutory rules. Therefore, the Department is required to

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