ज्वालपादेवी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय को मिली आचार्य स्तर तक मान्यता

ज्वालपादेवी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्धता मिली

शास्त्री और आचार्य कक्षाओं में व्याकरण और साहित्य विषयों में पढ़ाई करने की अनुमति

अविकल उत्तराखंड

सतपुली। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली की प्रबंधन परिषद की बैठक में ज्वालपा देवी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय को आचार्य स्तर तक संस्कृत शिक्षा प्रदान करने की संबद्धता प्रदान कर दी गई है।


मंदिर समिति के जनसंपर्क अधिकारी पार्थसारथि थपलियाल ने बताया कि मई 2022 को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली की प्रबंधन परिषद की बैठक में ज्वालपा देवी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय को आचार्य स्तर तक संस्कृत शिक्षा प्रदान करने की संबद्धता प्रदान कर दी गई है। 17 मई को जारी पत्र में यह सूचना दी गई है। यह समाचार उन सभी संस्कृत प्रेमियों को उत्साहजनक लगा जो देवभूमि में संस्कृत भाषा के उन्नयन में लगे हुए हैं, साथ ही इस वर्ष शास्त्री परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक उपहार की तरह रहा। अब शास्त्री और आचार्य स्तर तक व्याकरण तथा साहित्य विषयों में शिक्षा की संबद्धता केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली से हो गई है।


संस्कृत महाविद्यालय के प्रबंधक शिवदयाल बौंठियाल ने बताया कि उच्चतर शिक्षा के लिए समिति ने प्राध्यापकों की समुचित व्यवस्था कर ली है। अब शास्त्री शिक्षा के बाद स्थानीय विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिलेगी। समिति की ओर से भोजन, छात्रवास, कम्प्यूटर, संगीत, और योग शिक्षा आदि की उत्तम व्यवस्था है।है कि देववाणी संस्कृत के विस्तार में अपना योगदान देने वाली संस्था श्री ज्वालपा देवी मंदिर समिति, ज्वालपा धाम, पौड़ी गढ़वाल, पिछले 50 वर्षों से ज्वालपा धाम में कक्षा 6 से 12वीं तक इंटरमीडिएट (उत्तरमध्यमा) स्तर तक संस्कृत शिक्षण हेतु ज्वालपा धाम संस्कृत विद्यालय का संचालन कर रही है।

समिति के अध्यक्ष कर्नल शांति प्रसाद थपलियाल (से.नि) ने बताया कि 1973 में जब यह विद्यालय शुरू किया गया था उस समय विद्यार्थियों के लिए बैठने की उपयुक्त व्यवस्था भी नही थी। जन सहयोग से विद्यालय का भवन, छात्रावास आदि स्थापित किये गए। माँ ज्वालपा की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से अब तक इस विद्यालय से 800 से 900 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।


वर्ष 1997 में श्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री स्तर तक की संस्कृत शिक्षा प्रदान करने की मान्यता मिलने पर ज्वालपा धाम में स्नातक (शास्त्री) स्तर तक संस्कृत शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था की गई। कुछ समय बाद महाविद्यालय को राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान दिल्ली से संबद्धता मिल गई।

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार की स्थापना के बाद इस महाविद्यालय को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार से मान्यता मिली। समिति के प्रयास थे कि परा स्नातक (आचार्य स्तर) तक मान्यता मिल जाय तो शास्त्री उत्तीर्ण विद्यार्थी यहीं से आचार्य की उपाधि लेकर निकलें। समिति के मुख्य सचिव रमेश चंद्र थपलियाल के प्रयास उस समय रंग लाये जब 10 अप्रैल 2022 को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का जांच दल ज्वालपा धाम आया।

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