अवसर- फार्मा इंडस्ट्री में युवाओं का भविष्य उज्ज्वल

श्री देव भूमि इंस्टीट्यूट मे फार्मेसी सप्ताह का समापन

फार्मा सेक्टर में अग्रणी भूमिका निभा रहा भारत

अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून । श्री देव भूमि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन साइंस एण्ड टैक्नोलोजी, पौंधा  में आयोजित राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह का आज विधिवत समापन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों को देश की प्रगति में फार्मा इंडस्ट्री की भूमिका एवं फार्मेसी सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं के बारे में अवगत कराया गया। समारोह में बताया गया कि फार्मा इंडस्ट्री में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर रहकर विकासशील देशों को किस प्रकार मदद कर रहा है।

पौंधा स्थित श्री देव भूमि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन साइंस एण्ड टेक्नोलोजी में 25 से 27 नवंबर तक आयोजित इस दो दिवसीय समारोह में विभिन्न कार्यक्रमों क्विज, डिवेट रंगोली, पोस्टर आदि का प्रस्तुतिकरण किया गया। कार्यक्रम में यूनी मेडिको लैब्स सेलाकुई के महाप्रबन्धक टी० सेमवाल, आई पी ए उत्तराखण्ड के अध्यक्ष डा० एच आर चिल्ले एवं ईस्ट अफ्रीकन ओक्स्सीज सेलाकुई के मुख्य गुणवत्ता अधिकारी अनुराग गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि टी सेमवाल एवं श्री देव भूमि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन साइंस एण्ड टेक्नोलोजी के अध्यक्ष श्रीनिवास नौटियाल ने संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर टी सेमवाल ने फार्मेसी के छात्र/छात्राओं को इंडस्ट्री में फार्मेसी की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया एवं भविष्य में फार्मेसा सेक्टर में रोजगार की सम्भावनाओं के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत करवाया। इसी क्रम में श्री अनुराग गुप्ता जी द्वारा भी फार्मेसी में विभिन्न शोध कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भारत जेनरिक ड्रग्स के क्षेत्र में विश्व में अहम भूमिका निभा रहा है. भारत विश्व का 50 प्रतिशत विभिन्न वैक्सीन अन्य विकासशील देशों को उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है भारत का स्थान फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में विश्व के तीसरे स्थान पर है।

भारत में घरेलू फार्मास्यूटीकल इंडस्ट्री में लगभग 3000 ड्रग्स (दवा) कंपनी कार्यरत है एवं 10500 उत्पादन इकाईया है। सितम्बर 2021 में भारत सरकार द्वारा यू०एस० डालर 4 विलियन फार्मास्यूटिकल व मेडिकल इंडस्ट्री को दिया गया है। डा० एच आर चिल्ले द्वारा छात्र/छात्राओं का सामुदायिक फार्मेसी, हॉस्पिटल फार्मेसी, कंपाउंडिंग फार्मेसी एवं औद्योगिक फार्मेसी के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि छात्र/छात्राओं का भविष्य फार्मेसी इंडस्ट्री में उज्जवल है।

संस्थान के अध्यक्ष श्रीनिवास नौटियाल ने बताया कि कोविड-19 महामारी के समय में महामारी को रोकने के लिए फार्मा इंडस्ट्री का बड़ा योगदान रहा है। उन्होने भविष्य में इस प्रकार की महामारी के लिए फार्मेसी के छात्र/छात्राओं को तैयार रहने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के निदेशक डॉ० शिवानन्द पाटिल द्वारा 80वी राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा है कि उत्तराखण्ड का अधिकांश भाग पहाड़ी है जिसमे अनेक प्रकार के मेडिसनल प्लॉट है, जिन पर शोध करने की अतिआवश्यकता है, जिससे आयुर्वेदिक दवाईया बनाई जा सकती जिनका उपयोग करने से जटिल से जटिल बीमारियों का भी निराकरण किया जा सकता है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ० जुमा समन्ता द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र छात्राओं को डॉ० एच०एक चितमे व श्री श्रीनिवास नौटियाल ने पारितोषित वितरण किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर निदेशक डॉ शिवानंद पाटिल सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शिक्षणेत्तर एवं सभी छात्र/छात्राओं का कार्यक्रम को सुचारू रूप से सम्पन्न करवाने हेतु व्यक्त किया गया।

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