तदर्थ बोनस पर 120 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा. देखें अधिकतम कितना बोनस मिलेगा
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य कर्मियों को दीवाली बोनस की सौगात दी है। गुरुवार को सीएम ने दीवाली बोनस व डीए पर अपनी मुहर लगाई।
प्रदेश के लगभग सवा लाख अधिकारी व कर्मियों को दीवाली बोनस मिलेगा। शासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बीते दिवस कैबिनेट ने बोनस व महंगाई भत्ते के लिए सीएम धामी को अधिकृत किया था।
सीएम ने गुरुवार को राज्य कर्मियों के लिए दीवाली बोनस पर मुहर लगा दी।
मुख्य फैसला
भारत सरकार की भाँति राज्य सरकार सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायत के समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों और समूह ‘ख’ के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों जिनका ग्रेड वेतन रू0 4800/- (पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स में लेवल-8) तक है, को वर्ष 2021-22 के लिए 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर (अधिकतम धनराशि रू0 7000/- (रू० सात हजार मात्र) की सीमा निर्धारित करते हुए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) अनुमन्य किये जाने का राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है।
- ऐसे कैजुअल / दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, जिन्होंने छः कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष कम से कम 240 दिन (पांच कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के मामले में 3 या इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष 206 दिन) कार्य किया है, उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के रूप में रू० 1184 / – की धनराशि देय होगी।
- उक्त बोनस का लाभ समूह ‘ग’ ‘घ’ व समूह ‘ख’ एवं कैजुअल / दैनिक वेतन भोगी लगभग 01 लाख 50 हजार से अधिक कर्मचारियों को प्राप्त होगा।
उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) पर लगभग रू0 120.00 करोड़ का एकमुश्त व्यय भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा ।


महोदय,
उपर्युक्त विषयक उप सचिव, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली के कार्यालय ज्ञाप संख्या-7/24/2007/ E-III (ए) दिनांक 06 अक्टूबर 2022 द्वारा केन्द्र सरकार के समूह “ग” के कर्मचारियों और समूह “ख” के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को वर्ष 2021-22 के लिए 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर (अधिकतम धनराशि रू0 7000 /- (रू० सात हजार मात्र)) की सीमा निर्धारित करते हुए तदर्थ बोनस स्वीकृत किया गया है।
राज्य सरकार सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायत के समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों और समूह ‘ख’ के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों जिनका ग्रेड वेतन रू0 4800 /- (पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स में लेवल-8) तक है जो उत्पादकता से सम्बद्ध किसी बोनस स्कीम के अन्तर्गत नहीं आते हैं. को निम्नलिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) अनुमन्य किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:
(i) केवल वे कर्मचारी इन आदेशों के अन्तर्गत तदर्थ बोनस के पात्र होगे, जो दिनांक 31-03-2022 को सेवा में थे और जिन्होंने 31 मार्च, 2022 तक न्यूनतम छ माह की निरन्तर एवं सन्तोषजनक सेवा की हो वर्ष के दौरान छ महिने से पूरे एक वर्ष तक लगातार सेवा की अवधि के लिए पात्र कर्मचारियों को यथा अनुपात भुगतान किया जायेगा. पात्रता अवधि की गणना सेवा के महिनों (महिनों की निकटतम संख्या में पूर्णांकित संख्या) के रूप में की जायेगी।
(ii) उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की गणना करने के लिए एक वर्ष की औसत परिलब्धियों को 30.4 ( एक माह के औसत दिनों की संख्या) से विभाजित किया जाएगा तत्पचात दिये जाने वाले बोनस के दिनों की संख्या से इसको गुणा किया जायेगा। उदाहरण के लिए मासिक परिलब्धियों की उच्चतम गणना सीमा रू0 7000/- (जहां वास्तविक परिलब्धियों रू0 7000/- से ज्यादा है) मानते हुए 30 दिनों के लिए उत्पादकता असंबद्ध

(iv) इन आदेशों के अधीन तदर्थ बोनस की धनराशि रूपये के निकटतम् पूर्णाक में भुगतान की जायेगी।
(v) ऐसे कर्मचारी जिनके विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा किसी न्यायालय में आपराधिक वाद लम्बित हो, को तदर्थ बोनस का भुगतान ऐसी अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा मुकदमें का परिणाम प्राप्त होने तक स्थगित रहेगा, जो दोषमुक्त होने की दशा में ही अनुमन्य होगा। जिन कर्मचारियों को वर्ष 2021-22 में किसी विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा आपराधिक मुकदमें में दण्ड दिया गया हो, उन्हें तदर्थ बोनस देय नहीं होगा।
(vi) किसी वित्तीय वर्ष के तदर्थ बोनस के सम्बन्ध में एक बार निर्णय ले लिये जाने के पश्चात आगामी वर्ष में किसी भी परिस्थिति में पुनर्विचार नहीं किया जायेगा।
(vii) तदर्थ बोनस की स्वीकृति के फलस्वरूप ऐसे कार्मिकों को मानदेय केवल महत्वपूर्ण एवं
विशिष्ट कार्यो के लिये ही दिया जायेगा ।
(viii) अवैतनिक अवकाश के मामलों को छोड़कर अन्य प्रकार के अवकाशों की अवधि को पात्रता अवधि की गणना के प्रयोजन के लिए आगणित किया जायेगा। (ix) लेखा वर्ष में किसी अवधि के लिए निलम्बित रहे कार्मिक को तदर्थ बोनस अनुमन्य नहीं होगा। ऐसा कार्मिक यदि निलम्बन की अवधि के लिए परिलब्धियों के लाभ सहित बहाल
होता है तो वह तदर्थ बोनस के लाभ का पात्र होगा।
(x) ऐसे स्थानीय निकाय एवं विकास प्राधिकरण जो उक्त व्यय भार को वहन करने में सक्षम हों, के कर्मियों को भी तदर्थ बोनस की धनराशि उक्तानुसार देय होगी किन्तु उक्त का भुगतान सम्बन्धित निकाय/ विकास प्राधिकरण द्वारा अपने संसाधनों से स्वयं वहन करना होगा। इसके लिये शासन द्वारा कोई अनुदान नहीं दिया जायेगा । अनुमन्य तदर्थ बोनस का भुगतान नकद धनराशि के रूप में किया जायेगा। 3.
उक्त स्वीकृत तदर्थ बोनस को सम्बन्धित आय-व्ययक के उसी लेखाशीर्षक के नामे डाला जायेगा जिसमें सम्बन्धित कर्मचारियों के वेतन व्यय का वहन किया जाता है तथा उसे मानक मद “वेतन” के अन्तर्गत पुस्तांकित किया जायेगा।
भवदीय,
(दिलीप जावलकर)
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