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गड़बड़ी के आरोप में चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को हटाया

विश्वप्रसिद्ध नन्दा देवी राजजात यात्रा से जुड़े निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाया,देखें विस्तृत आदेश

कांग्रेस प्रत्याशी रजनी भंडारी नवंबर 2019 में चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीती थी

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष को कुर्सी से हटा दिया। विश्व प्रसिद्ध उत्तराखण्ड की नंदा देवी राजजात यात्रा के निर्माण कार्यों से जुड़े टेंडर आवंटन में गड़बड़ी के चलते शासन ने चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भण्डारी को पद से हटा दिया। और उपाध्यक्ष को जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यभार सौंप दिया गया।

बुधवार को पंचायती राज विभाग की ओर से अपर सचिव ओमकार सिंह ने इस आशय के आदेश जारी किये ।

गौरतलब है कि 2012-13 में चमोली जिले में आयोजित नंदा राजजात यात्रा में पर्यटन विभाग की ओर से आवंटित बजट से हुए निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद शासन ने जांच कराई थो।

निर्माण कार्यों के न्यूनतम दर के टेंडर को दरकिनार कर अधिक दर वाले टेंडर को पास किया गया। 64 निर्माण कार्यों में से 30 में ऐसी गड़बड़ी पुष्ट हुई। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को पद से हटाने के आदेश जारी किए गए।

कांग्रेस प्रत्याशी रजनी भंडारी नवंबर 2019 को चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी योगेंद्र सेमवाल को चुनाव में हराया था। रजनी भंडारी के पति राजेन्द्र भंडारी बद्रीनाथ विधानसभा से कांग्रेस के विधायक हैं।

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पंचायतीराज अनुभाग-2
देहरादून, दिनांक : 25 जनवरी, 2023 विषय : जिला पंचायत चमोली के अन्तर्गत अध्यक्ष के रिक्त पद का कार्यभार प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में ।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक प्रकरण में शासन के कार्यालय आदेश संख्या-47/ XII (2)/2023/90 (10) 2014 दिनांक 25.01.2023 के माध्यम से श्रीमती रजनी भण्डारी को अध्यक्ष जिला पंचायत चमोली के पदीय दायित्वों से हटाया गया है।
इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की सुसंगत धाराओं के अधीन जिला पंचायत अध्यक्ष के पदीय कर्तव्यों के निर्वहन हेतु अग्रिम आदेशों तक उपाध्यक्ष, जिला पंचायत चमोली को अधिकृत किये जाने के सम्बन्ध में यथानियमप्रक्रिया सुस्पष्ट प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
उत्तराखण्ड शासन पंचायतीराज अनुभाग-2
संख्या – 47/XII (2)/2023/90/(10)2014 देहरादून: दिनांक: 25 जनवरी, 2023
: कार्यालय आदेश:
श्री नन्दादेवी राजजात यात्रा हेतु वर्ष 2012-13 में पर्यटन विभाग से प्राप्त धनराशि के सापेक्ष जिला पंचायत चमोली में स्वीकृत कार्यों हेतु निविदा समिति की सबसे न्यून दर वाली निविदाओं को स्वीकृत किये जाने की संस्तुति को नजर अन्दाज करते हुए अधिक दर वाली निविदाओं को स्वीकृत किये जाने विषयक प्रकरण में जिलाधिकारी, चमोली / तत्कालीन प्रशासक, जिला पंचायत चमोली के पत्र संख्या – 491 दिनांक 03.06.2014 के माध्यम से जिला पंचायत चमोली के नाम स्वीकृत कुल 64 कार्यों हेतु आमंत्रित निविदाओं के सम्बन्ध में जांच आख्या शासन को उपलब्ध करायी गयी, जिसमें निम्नवत् उल्लेख किया गया है :-
…64 कार्यों में से 30 कार्यों हेतु प्राप्त निविदाओं के तुलनात्मक विवरण से स्पष्ट है कि इन मामलों में प्राप्त निविदाओं को खोलने हेतु गठित समिति द्वारा जिन न्यूनतम निविदादाताओं के सम्बन्ध में अपनी संस्तुति दी गई है, अध्यक्ष, जिला पंचायत द्वारा उक्त संस्तुति के विपरीत दूसरे निविदादाता के पक्ष में स्वीकृति दी गयी है। उक्त के अतिरिक्त बी०आर०जी०एफ० एवं राज्य वित्त के एक-एक कार्य (1- घटूगाड – पिण्डवाली गधेरे पर पुलिया निर्माण 2- ग्रामसभा सुभाई के अन्तर्गत भविष्य बद्री मार्ग निर्माण) भी अध्यक्ष, जिला पंचायत चमोली द्वारा गठित समिति की संस्तुति के विपरीत स्वीकृत किये गये हैं। एक अन्य कार्य (त्रिशुला लोह गार्डर पुल) में मात्र प्राप्त एक निविदा के सापेक्ष स्वीकृति जारी की गयी है। अतः उपरोक्त निविदाओं को स्वीकृत करने में उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली, 2008 में निहित प्राविधानों का स्पष्ट उल्लघन हुआ है तथा वित्तीय हानि हुई है।
2 जिलाधिकारी, चमोली / तत्कालीन प्रशासक, जिला पंचायत चमोली द्वारा उपलब्ध करायी गयी उक्त आख्या के क्रम में शासन के पत्र संख्या-1379, दिनांक 31.07.2014 द्वारा जिलाधिकारी चमोली को प्रकरण में नियमानुसार प्रारम्भिक जांच हेतु निर्देशित किया गया। उक्त के अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2012-13 में शासन द्वारा स्वीकृत धनराशि के अन्तर्गत कार्यों की सही निविदा नहीं कराये जाने के सम्बन्ध में शासन में प्राप्त श्री नन्दन सिंह विष्ट, पूर्व प्रमुख सुभाषनगर चमोली के शिकायती पत्र दिनांक 01.10.2014 के क्रम में शासन के पत्र संख्या- 250 दिनांक 27.10.2014 द्वारा नियमानुसार प्रारम्भिक जांच हेतु जिलाधिकारी, चमोली को निर्देशित किया गया।
-2- जिलाधिकारी, चमोली को सम्बोधित मुख्य विकास अधिकारी, चमोली के पत्र संख्या-196, दिनांक 3. 12.02.2015 द्वारा उपलब्ध करायी गयी संयुक्त जांच समिति की आख्या में प्रश्नगत प्रकरण में निविदा स्वीकृत किये जाने में उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली, 2008 में निहित प्राविधानों का स्पष्ट उल्लघन होने का उल्लेख किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी, चमोली द्वारा उपलब्ध करायी गयी प्रारम्भिक जांच आख्या के क्रम में शासन के पत्र संख्या-413. दिनांक 15.06.2015 द्वारा प्रकरण में हुई कुल वित्तीय क्षति का निर्धारण किये जाने हेतु जिलाधिकारी चमोली को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी, चमोली के पत्र संख्या-4985 दिनांक 03.06.2016 के माध्यम से “मुख्य विकास अधिकारी, चमोली से प्राप्त जांच आख्यानुसार निविदा की सबसे न्यून दरों पर भुगतान की स्वीकृति दी गयी तथा जिला पंचायत चमोली को कोई भी वित्तीय क्षति नही हुई है।” की आख्या उपलब्ध करायी गयी।
5 प्रकरण में अधिप्राप्ति नियमावली के प्राविधानों एवं वित्तीय नियमों का उल्लंघन होने के दृष्टिगत शासन के पत्र संख्या-22/XII(2)/202190 (10)/2014 दिनांक 18.01.2021 द्वारा श्रीमती रजनी भण्डारी मा० अध्यक्षा, जिला पंचायत चमोली को कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया जिसका प्रत्युत्तर श्रीमती भंडारी के पत्र दिनांक 07.03.2021 के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया गया।
6 प्रकरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी, चमोली की जांच आख्याओं तथा श्रीमती रजनी भण्डारी, मा० अध्यक्षा, जिला पंचायत चमोली द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रत्युत्तर के सम्यक् परीक्षण के आधार पर यह स्पष्ट है कि यद्यपि प्रकरण में जिला पंचायत चमोली को वित्तीय क्षति नहीं हुयी है, किन्तु जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा निविदा समिति द्वारा संस्तुत, न्यूनतम बोलीदाता के इतर अधिकतम बोलीदाता की निविदायें स्वीकृत किये जाने एवं कतिपय कार्यों में एकमात्र प्राप्त निविदा को ही स्वीकृत किये जाने जैसी प्रक्रियात्मक त्रुटियां की गयी गयी है। जिला पंचायत चमोली द्वारा निविदाओं को स्वीकृत करने में अपनायी गयी यह प्रक्रिया अधिप्राप्ति नियमावली के प्राविधानों एवं वित्तीय नियमों के प्रतिकूल है तथा भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त समता के अधिकार का उल्लंघन कर अयुक्ति युक्त ! विभेद कारित करना, व्यापार की स्वतंत्रता को विधि-विरूद्ध वंचित कर मूल अधिकारों का गम्भीर अपवंचन के साथ-साथ Fabrication of Document धोखाधडी नियमों, विनियमों का जानबूझकर गम्भीर उल्लंघन Right in Rem विधिक अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन, व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाना, पदेय दायित्वों का जानबूझकर निर्वहन न करना, पदीय कर्तव्यों का गम्भीर उल्लंघन तथा नैतिक अद्यमता (Moral Turbitude) सम्बन्धी अपकृत्य कारित है जो कि विभागीय कार्यवाही. आपराधिक कार्यवाही भ्रष्टाचार निरोधन तथा संविधान उल्लंघन तक विस्तारित है।
उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा-109 में जिला पंचायत के अध्यक्ष के कर्तव्यों एवं अधिकारों का उल्लेख किया गया है जिसकी सुसंगत उपधारायें निम्नवत् है
(क) (2) जिला पंचायत के वित्तीय प्रशासन पर दृष्टि रखे तथा कार्यपालक प्रशासन का अधीक्षण करे तथा यदि उसमें कोई त्रुटि हो तो उसकी ओर जिला पंचायत का ध्यान आकृष्ट करे।
(क) (4) ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत या जिला पंचायत के कार्यों का पर्यवेक्षण व निरीक्षण तथा इस निमित्त विवरण पत्र लेखे, प्रतिवेदन तथा लेखों की प्रतिलिपियां प्राप्त करना।
(क)(5) किन्हीं ऐसे अन्य कर्तव्यों का सम्पादन जो इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाये गये नियमों, विनियमों, उपविधियों अथवा तत्समय प्रचलित किसी अन्य विधि के अधीन उससे अपेक्षित हो अथवा इस अधिनियम के अनुरूप आवश्यक हो।
जिला पंचायत चमोली के अन्तर्गत सम्पन्न निर्माण कार्यों में अधिप्राप्ति नियमावली के प्राविधानों एवं वित्तीय नियमों के उल्लंघन से यह समाधान हो जाता है कि अध्यक्ष, जिला पंचायत चमोली द्वारा पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की उपर्युक्त उल्लिखित धाराओं के अनुपालन के सम्बन्ध में अपने कर्तव्यों का सम्यक रूप से निर्वहन नहीं किया गया है तथा नियमों एवं शासनादेशों में उल्लिखित व्यवस्थाओं के विपरीत अपारदर्शी तरीके से कृत्य किया गया है, जिससे त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था की साख को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
प्रकरण में प्राप्त उच्च दिशा-निर्देशों, उपरोक्त प्रस्तर- 6 एवं 7 में उल्लिखित तथ्यों के आलोक में सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्राधिकृत एतद्द्वारा उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा-138(1) में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से श्रीमती रजनी भण्डारी को अध्यक्ष, जिला पंचायत चमोली के पदीय दायित्वों से हटाया जाता है।
श्री राज्यपाल की आज्ञा से.
( ओमकार सिंह) अपर सचिव ।

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