उत्तराखण्डः हिमालय की चोटियों की ओर बढ़े प्रदेश के युवा पर्वतारोही

रोमांचकारी पर्यटन-शिखर की ओर

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने तीन पर्वतारोहण अभियानों को किया Flag-Off

माउंट स्वर्गारोहिणी-1 पर पूर्णतः महिला दल रोमांचकारी पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उत्तराखण्ड पर्यटन की समग्र पहल का अगला पड़ाव

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। दस दिन पहले जहाँ उत्तराखण्ड पर्यटन ने प्रदेश के 100 ट्रैकिंग रूट्स की GPS Mapping के लिए दल रवाना किए थे, वहीं आज हिमालय की तीन प्रतिष्ठित चोटियों की ओर प्रदेश के 36 युवा पर्वतारोहियों के कदम बढ़ चले।

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् एवं भारतीय पर्वतारोहण संघ (Indian Mountaineering Foundation), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन पर्वतारोहण अभियानों को आज हिमालयन कल्चर सेंटर, देहरादून से Flag-Off किया गया। मुख्य अतिथि माननीय पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने हरी झण्डी दिखाकर अभियान दलों को रवाना किया।

समारोह में सचिव पर्यटन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद श्री धीराज सिंह गर्ज्याल एवं भारतीय पर्वतारोहण संघ के अध्यक्ष कर्नल विजय सिंह, VSM विशेष रूप से उपस्थित रहे।

तीन चोटियाँ, 36 युवा, एक संकल्प

प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयन समिति द्वारा चयनित 36 युवा पर्वतारोही, 12-12 सदस्यीय तीन दलों में, गढ़वाल एवं कुमाऊँ की तीन प्रतिष्ठित चोटियों का आरोहण करेंगे:

माउंट भागीरथी-II (6,512 मीटर): Team Leader श्री दशरथ सिंह रावत

माउंट पंचाचूली-1 (6,355 मीटर): Team Leader श्री विजय सिंह रौतेला

माउंट स्वर्गारोहिणी-1 (6,252 मीटर): Team Leader श्रीमती लता बिष्ट

स्वर्गारोहिणी की ओर प्रदेश की बेटियाँ

इस आयोजन का सबसे प्रेरक पक्ष माउंट स्वर्गारोहिणी । का पूर्णतः महिला दल है। अनुभवी पर्वतारोही श्रीमती लता बिष्ट के नेतृत्व में नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग एवं टिहरी की 12 महिला पर्वतारोही इस दल में सम्मिलित हैं। यह दल दर्शाता है कि हिमालय की ऊंचाइयों पर अब उत्तराखण्ड की बेटियाँ भी नेतृत्व कर रही हैं।

एक आयोजन नहीं, एक समग्र यात्रा

ये अभियान उत्तराखण्ड पर्यटन की उस समग्र योजना का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य प्रदेश को देश का अग्रणी Adventure Tourism Destination बनाना है। इस दिशा में परिषद् एक साथ कई मोर्चों पर कार्य कर रही है:

GPS Mapping कार्यक्रमः 18 सितम्बर को गढ़वाल के 50 एवं कुमाऊँ के 50, कुल 100 Trekking Routes की GPS Mapping के लिए दल रवाना किए गए। इससे पहली बार इन मार्गों का सटीक Digital Data, एक Mobile Trekking Navigation App एवं ‘The Treks of Uttarakhand’ Coffee Table Book तैयार होगी।

आदि कैलाश परिक्रमा 2.0: 24-26 अक्टूबर 2026, जनपद पिथौरागढ़ ।

Ultimate Uttarakhand MTB Challenge (5th Edition): 20-26 नवम्बर

2026, मुक्तेश्वर से मसूरी तक लगभग 700 किमी ।

Himalayan Car Rally: 19-21 नवम्बर 2026, 1980-90 के दशक की प्रसिद्ध Ultimate Himalayan Car Rally के पुनरुत्थान की दिशा में पहला कदम।

मार्गों का वैज्ञानिक नक्शा, प्रशिक्षित युवा पर्वतारोही एवं राष्ट्रीय स्तर के साहसिक आयोजन, तीनों मिलकर Adventure Tourism का एक सुरक्षित एवं सतत तंत्र तैयार कर रहे हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, “पर्वतारोहण केवल शिखर तक पहुँचने का नाम नहीं, यह अनुशासन, धैर्य एवं नेतृत्व की परीक्षा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के युवा हिमालय को केवल निहारें नहीं, बल्कि प्रशिक्षित पर्वतारोही, Guide एवं Adventure Professionals बनकर अपने क्षेत्र में आजीविका के नए अवसर सृजित करें।” उन्होंने महिला दल को प्रदेश की बेटियों के साहस का प्रेरक उदाहरण बताया।
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ज्याल ने कहा, “GPS Mapping से हम मार्गों को सुरक्षित बना रहे हैं और इन अभियानों से उन मार्गों पर चलने वाले प्रशिक्षित युवा तैयार कर रहे हैं। आने वाले महीनों में आदि कैलाश परिक्रमा, MTB Challenge एवं Himalayan Car Rally इस यात्रा को आगे बढ़ाएँगे।” उन्होंने सभी दलों से Safety First एवं Leave No Trace के सिद्धान्तों का पालन करने की अपेक्षा की।

भारतीय पर्वतारोहण संघ के अध्यक्ष कर्नल विजय सिंह, VSM ने इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड के युवा राष्ट्रीय स्तर पर पर्वतारोहण में नई पहचान बनाएँगे। उन्होंने सभी दलों को सुरक्षित एवं सफल आरोहण की शुभकामनाएँ दीं।

समारोह में पर्यटन विभाग एवं परिषद् के अधिकारीगण, अभियान दलों के सदस्य एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

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