खनन-बिना ई-रवन्ना खनिज सामग्री के इस्तेमाल पर लगेगा जुर्माना

खनिज सामग्री की रॉयल्टी और ई-रवन्ना की जांच अनिवार्य, पहली बार तीन गुना अर्थदंड

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। बिना ई रवन्ना के खनिज सामग्री पर अब जुर्माना देना होगा। उत्तराखंड में सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली खनिज सामग्री की रॉयल्टी और ई-रवन्ना को लेकर शासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब सरकारी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण स्थल पर पहुंचने वाली खनिज सामग्री के लिए वैध एमएम-11 अथवा प्रपत्र-जे प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर संबंधित खनिज को अवैध मानते हुए नियमानुसार अर्थदंड लगाया जाएगा। शासन ने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली उपखनिज सामग्री के सापेक्ष एमएम-11 अथवा प्रपत्र-जे की द्वितीय प्रति ही स्वीकार की जाएगी। खनिज सामग्री की आपूर्ति के दौरान वैध रवन्ना प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित मामले को अवैध खनन और परिवहन की श्रेणी में माना जाएगा।
उत्तराखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियमावली-2021, संशोधित 2024 के नियम-14 के उपनियम-5(क) के तहत पहली बार रॉयल्टी का तीन गुना और इसके बाद रॉयल्टी के चार गुना के बराबर अर्थदंड लगाने का प्रावधान है। ऐसे मामलों में सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़ी कार्यदायी संस्थाओं के प्रखंडों को खनन विभाग को सूचना देनी होगी।

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अर्थदंड के बराबर धनराशि रोककर ठेकेदार के देयक का भुगतान किया जा सकेगा। खनन विभाग की ओर से प्रकरण का निस्तारण किए जाने के बाद निर्धारित अर्थदंड की वसूली रोकी गई धनराशि से की जाएगी।

क्यूआर कोड से होगा रवन्ना का सत्यापन

खनिजों के परिवहन के लिए विभागीय ई-रवन्ना पोर्टल से जारी विशेष सुरक्षा सुविधाओं वाले एमएम-11 और प्रपत्र-जे का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। सरकारी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को रवन्ना पर अंकित क्यूआर कोड स्कैन करके उसकी वैधता की जांच स्वयं करनी होगी।
इसके अलावा, उत्तराखंड राज्य खनिज अन्वेषण न्यास नियमावली-2025 के नियम-8 के उपनियम-3 के तहत संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को रॉयल्टी के पांच प्रतिशत के बराबर धनराशि निर्धारित खाते में जमा करानी होगी। शासनादेश के अनुसार, यह राशि नियमावली लागू होने के बाद और 10 सितंबर 2026 से पहले की अवधि से संबंधित प्रावधानों के तहत आईएफएमएस के माध्यम से जमा कराई जानी सुनिश्चित की जाएगी।

सचिव बी के संत ने सभी संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।

औद्योगिक विकास (खनन) अनुभाग-1
देहरादून, दिनांक 07 अक्टूबर, 2026
विषयः-
रॉयल्टी व ई-रखन्ना प्रपत्रों के सम्बन्ध में सरकारी विभागों / कार्यदायी संस्थाओं हेतु दिशा-निर्देश।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक कार्यालय महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), उत्तराखण्ड, ऑडिट भवन, कौलागढ़, देहरादून द्वारा की गई अपेक्षा के कम में सरकारी विभागों / कार्यदायी संस्थाओं हेतु रॉयल्टी व ई-रवन्ना प्रपत्रों के सम्बन्ध में राजस्व हित में निम्नवत दिशा-निर्देश निर्गत किये जाते हैं:-
विभिन्न सरकारी विभागों / कार्यदायी संस्थाओं के अनुबन्धित ठेकेदारों के द्वारा निर्माण कार्य हेतु कार्यस्थल पर प्रयुक्त उपखनिज सामग्री के सापेक्ष खनन संक्रियाओं अथवा उसके परिवहन के सम्बन्ध मे खनिजों की आपूर्ति के सापेक्ष प्रपत्र एम०एम०-11/प्रपत्र जे की द्वितीय प्रति ही स्वीकार की जायेगी।
बिना वैद्य रवन्ना प्रपत्रों के आपूर्ति किये गये खनिज को अवैध मानते हुए सम्बन्धित पर उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण) का निवारण नियमावली-2021 यथासंशोधित 2024 के नियम-14 के उपनियम-5 (क) के अन्तर्गत अर्थदण्ड आरोपित किये जाने का प्राविधान है। इस सन्दर्भमें विभिन्न सरकारी विभागों / कार्यदायी संस्थाओं के अनुबन्धित ठेकेदारों के द्वारा निर्माण कार्य हेतु कार्यस्थल पर लायी गयी खनन सामग्री के सापेक्ष वैद्य प्रपत्र एम०एम०-11/प्रपत्र जे प्रस्तुत नही किये जाते हैं तो ऐसे प्रकरणों को अवैध खनन व परिवहन की श्रेणी में मानते हुए अवैध खनिज पर नियमानुसार अर्थदण्ड आरोपित किये जाने हेतु सरकारी निर्माण कार्यदायी संस्थाओं के प्रखण्डों (Division) के द्वारा खनन विभाग को संसूचित किया जायेगा तथा विभिन्न सरकारी विभागों कार्यदायी संस्थाओं के द्वारा उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण) का निवारण नियमावली-2021 यथाासंशोधित 2024 के नियम-14 के उपनियम-5 (क) के प्राविधानानुसार (प्रथम बार में रॉयल्टी का तीन गुना व इसके पश्चात् रॉयल्टी के चार गुना की समतुल्य धनराशि) अर्थदण्ड के समतुल्य धनराशि को withhold करते हुए देयक का भुगतान कर दिया जायेगा तथा खनन विभाग के द्वारा प्रकरण निस्तारित किये जाने के उपरान्त आरोपित अर्थदण्ड की वसूली देयक से withhold की गयी धनराशि में से की जायेगी।
खनिजों के परिवहन हेतु विभागीय ई-रखन्ना पोर्टल से निर्गत होने वाले विशेष सिक्योरिटी फीचर्सयुक्त प्रपत्र एम०एम०-11/प्रपत्र जे का सत्यापन स्वयं विभिन्न सरकारी विभागों / कार्यदायी संस्थाओं के द्वारा खन्ना प्रपत्र पर अंकित QR Code को Scan कर किया जायेगा।
Scanned with OKEN Scanner
विभिन्न सरकारी विभागों / कार्यदायी संस्थाओं द्वारा शासनादेश संख्या 1848, दिनांक 15 जुलाई 2025 के द्वारा प्रख्यापित उत्तराखण्ड राज्य खनिज अन्वेषण न्यास नियमावली 2025 के नियम-8 के उपनियम-3 के प्रावधानानुसार उक्त नियमावली के प्रख्यापन की तिथि के उपरान्त तथा दिनांक 10 सितम्बर 2026 से पूर्व रॉयल्टी के 05 प्रतिशत की समतुल्य धनराशि को आई०एफ०एम०एस० के माध्यम से सम्बन्धित खाते में जमा कराना सुनिश्चित किया जायेगा।
अतः उपरोक्तानुसार निर्गत दिशा-निर्देशों का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय।
भवदीय, (बृजेश कुमार

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