त्राहिमाम… त्राहिमाम.. 2027 में बढ़ सकती हैं मुश्किलें – बंशीधर भगत
विधायक के बयान को कांग्रेस ने लपका और भगत पलटे अपने बयान से
बाद में भगत ने कहा,उनके बयान को गलत अर्थों में लिया गया
हल्द्वानी में जिला योजना बैठक के दौरान भाजपा विधायक का बड़ा बयान
अविकल उत्तराखण्ड
हल्द्वानी/देहरादून। पांच दिन पहले पीएम मोदी की जोशोखरोश से भरी रैली के उत्साह को भाजपा के ही एक चर्चित विधायक ने ठंडा कर दिया।
भाजपा के पूर्व मंत्री ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन की लेटलतीफी को उठाकर अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। एक मिनट 17 सेकंड के इस वॉयरल वीडियो में भाजपा विधायक त्राहिमाम त्राहिमाम करते नजर आए। मौके की नजाकत भांपते हुए कांग्रेस ने बंशी बयान को तत्काल लपकते हुए खुलकर भड़ास निकाल दी।
हालांकि, रविवार की रात विधायक बंशीधर भगत ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनके बयान को गलत अर्थों में लिया गया। पीएम मोदी व सीएम धामी मिलकर प्रदेश का विकास कर रहे हैं। उनके इस बयान को डैमेज कंट्रोल माना जा रहा है। लेकिन तब तक जितना राजनीतिक नुकसान होना था वो हो गया..
Pls clik-क्या बोले विधायक भगत
https://youtu.be/7Mrg-naKSUQ?si=VJqW8PpjoFnOvFM0
उत्तराखंड में अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक बंशीधर भगत का एक बयान ने राजनीति गर्मा दी है।
जिला मुख्यालय हल्द्वानी में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि अगर जमीनी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 2027 के चुनाव में हालात मुश्किल हो सकते हैं और सिर्फ मोदी-मोदी कहने से काम नहीं चलेगा।
बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री खजान दास सहित सभी जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान पूर्व मंत्री व विधायक भगत ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। बैठक में उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में जल जीवन मिशन की स्थिति त्राहिमाम त्राहिमाम जैसी है।
पहले सड़कों को खोदा गया, फिर नलकूप और ओवरहेड टैंक बनाए जा रहे हैं, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है। पाइप बिछ गए लेकिन नलों में पानी नहीं है। इससे आम लोगों को टूटी और उखड़ी सड़कों पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपना काम ठीक से कर रहे हैं, इसलिए उन्हें दोष देना उचित नहीं है। असली समस्या बजट की कमी है।
देखें, भाजपा विधायक भगत की सफाई
उन्होंने प्रभारी मंत्री से आग्रह किया कि या तो पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए या फिर कुछ कार्यों को अस्थायी रूप से रोक दिया जाए। ताकि प्राथमिक योजनाएं पूरी की जा सकें और जनता को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि उनके क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याएं पानी और सड़क से जुड़ी हैं, इसलिए सबसे पहले इन्हीं पर ध्यान देने की जरूरत है।

पूर्व मंत्री बंशीधर भगत के जल जीवन मिशन योजना में लापरवाही का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को घेर दिया। पीने के पानी से जुड़ी केंद्र की इस योजना के सफलता का डंका भी खूब पीटा जा रहा है। लेकिन चुनावी साल में भाजपा के ही विधायक के बेबाक बोल से बैठक में मौजूद नये नये बने प्रभारी मंत्री खजान दास भी हैरत में पड़ गए।
पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से यह आरोप लगते रहे हैं कि कई योजनाओं की घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन उनका असर जमीनी स्तर पर कम दिखाई देता है।
गौरतलब है कि वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत मंत्री की लाइन में थे लेकिन उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया। इसे अंदरूनी राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
बंशीधर भगत के बयान से उठे सवाल : करन माहरा
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत के हालिया बयान को कांग्रेस ने लपक लिया है।
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा यह कहना कि अब सिर्फ मोदी-मोदी कहने से काम नहीं चलेगा और प्रदेश में कोई ठोस काम नहीं हुआ, सरकार की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है।
करन माहरा ने कहा कि वर्षों से प्रदेश की जनता को विकास के बड़े-बड़े दावे सुनाए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग ही दिखाई देते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बढ़ते भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार ठोस समाधान देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। जिन पहाड़ों को बसाने की बात की गई थी, वहां आज भी पलायन जारी है।
कई गांव खाली हो चुके हैं और अनेक स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होने के कारण ताले लग रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पतालों में डॉक्टरों और आवश्यक सुविधाओं की कमी बनी हुई है, जिससे लोगों को मामूली उपचार के लिए भी दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती घोटालों और योजनाओं में अनियमितताओं ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

करन माहरा ने कहा कि भाजपा ने कई चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और चेहरे को आगे रखकर वोट मांगे, लेकिन अब जब भाजपा के अपने वरिष्ठ नेता ही यह स्वीकार कर रहे हैं कि ज़मीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं हुआ, तो यह प्रदेश की जनता के साथ किए गए वादों पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब केवल नारों और प्रचार से आगे बढ़ चुकी है और वह वास्तविक विकास, रोजगार के अवसर, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और सुरक्षित समाज चाहती है।

