अराजपत्रित कर्मचारियों को अधिकतम ₹7,000 का मिलेगा तदर्थ बोनस
समूह ‘ग’, ‘घ’ एवं पात्र समूह ‘ख’ के कर्मचारियों सहित दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को भी मिलेगा लाभ
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार ने दीपावली के अवसर पर राज्य के कार्मिकों को बड़ी सौगात देते हुए वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की है।
इस निर्णय से राज्य सरकार के हजारों कर्मचारियों के साथ ही विभिन्न राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों तथा पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है। प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारियों के परिश्रम, समर्पण और योगदान से ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाता है। सरकार का प्रयास है कि कार्मिकों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्हें समय-समय पर प्रोत्साहन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार राज्य सरकार के समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों तथा समूह ‘ख’ के उन सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को तदर्थ बोनस अनुमन्य किया गया है, जिनका ग्रेड वेतन ₹4,800 (पुनरीक्षित वेतनमान ₹47,600-1,51,100, लेवल-8) तक है तथा जो उत्पादकता से संबद्ध किसी अन्य बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं।
स्वीकृत व्यवस्था के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की गणना सीमा ₹7,000 निर्धारित की गई है। इस आधार पर पात्र कर्मचारी को अधिकतम लगभग ₹6,908 का बोनस प्राप्त होगा।
इस निर्णय में कैजुअल एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा उससे अधिक अवधि में प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन तथा पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने वाले पात्र दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी तदर्थ बोनस का लाभ मिलेगा। इनके लिए बोनस की गणना ₹1,200 की निर्धारित मासिक सीमा के आधार पर की जाएगी, जो अधिकतम लगभग ₹1,184 होगी।
शासनादेश के अनुसार बोनस के लिए वही कर्मचारी पात्र होंगे, जो 31 मार्च, 2026 को सेवा में कार्यरत थे तथा जिन्होंने 31 मार्च, 2026 तक न्यूनतम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी की हो। छह माह से एक वर्ष तक की सेवा अवधि वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस का भुगतान किया जाएगा।
इसके साथ ही स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों के लाभ में होने की स्थिति में वहां कार्यरत पात्र कार्मिकों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तदर्थ बोनस का लाभ दिया जाएगा। इसका भुगतान संबंधित निकाय एवं विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य एक ऐसा सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक कार्मिक पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली खुशियों, उत्साह, समृद्धि और आपसी सद्भाव का पर्व है। इस अवसर पर कार्मिकों को तदर्थ बोनस की सौगात उनके और उनके परिवारों के लिए त्योहार की खुशियों को और बढ़ाने वाली होगी। राज्य सरकार भविष्य में भी कार्मिकों के हितों एवं कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेती रहेगी।

डॉ० वी० षणमुगम, सचिव, उत्तराखण्ड शासन ।
सेवा में,
समस्त प्रमुख सचिव/विशेष प्रमुख सचिव /सचिव/विशेष सचिव, उत्तराखण्ड शासन।
वित्त अनुभाग-10
देहरादूनः दिनांक 02 नवम्बर, 2026
विषयः अराजपत्रित श्रेणी के राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं व स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारियों तथा कैजुअल / दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) का भुगतान के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषयक उप सचिव, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली के कार्यालय ज्ञापन संख्या-7/24/2007/E III (A), दिनांक 15 अक्टूबर, 2026 द्वारा केन्द्र सरकार के अराजपत्रित कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर (अधिकतम धनराशि रू० 7000/- (रू० सात हजार मात्र)) की सीमा निर्धारित करते हुए तदर्थ बोनस स्वीकृत किया गया है।
अतः उक्त के कम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि राज्यांतर्गत राज्य सरकार, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायत के समूह “ग” एवं “घ” के कर्मचारियों और समूह “ख” के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों, जिनका ग्रेड वेतन रु0 4800/-(पुनरीक्षित वेतनमान 47600-151100, (लेवल-8)), तक है एवं जो उत्पादकता से सम्बद्ध किसी बोनस स्कीम के अन्तर्गत नहीं आते हैं, को निम्नलिखित शर्तों / प्रतिबन्धों के अधीन उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) अनुमन्य किये जाने की श्री राज्यपाल सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं:-
(1) केवल वे कर्मचारी इन आदेशों के अन्तर्गत तदर्थ बोनस के पात्र होंगे, जो दिनांक 31-03-2026 को सेवा में थे और जिन्होंने 31 मार्च, 2026 तक न्यूनतम छः माह की निरन्तर एवं सन्तोषजनक सेवा की हो। वर्ष के दौरान छः महीने से पूरे एक वर्ष तक लगातार सेवा की अवधि के लिए पात्र कर्मचारियों को यथा अनुपात भुगतान किया जायेगा, पात्रता अवधि की गणना सेवा के महीनों (महीनों की निकटतम संख्या में पूर्णांकित संख्या) के रूप में की जायेगी।
(2) उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) की गणना करने के लिए एक वर्ष की औसत

(3) ऐसे कैजुअल / दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, जिन्होंने छः कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष कम से कम 240 दिन (पांच कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के मामले में 3 या इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष 206 दिन) कार्य किया है, इस उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के पात्र होंगे। देय तदर्थ बोनस की राशि रू0 1200 X 30/30.4 अर्थात रू0 1184.21 (पूर्णांकित रू0 1184/-) होगी। ऐसे मामलों में जहां वास्तविक परिलब्धियों रू0 1200/- से कम है, इस राशि की गणना वास्तविक मासिक परिलब्धियों के आधार पर की जाएगी।
(4) इन आदेशों के अधीन तदर्थ बोनस की धनराशि रूपये के निकटतम् पूर्णाक में भुगतान की जायेगी।
(5) ऐसे कर्मचारी जिनके विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा किसी न्यायालय में आपराधिक वाद लम्बित हो, को तदर्थ बोनस का भुगतान ऐसी अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा मुकदमे का परिणाम प्राप्त होने तक स्थगित रहेगा, जो दोषमुक्त होने की दशा में ही अनुमन्य होगा। जिन कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 में किसी विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा आपराधिक मुकदमे में दण्ड दिया गया हो, उन्हें तदर्थ बोनस देय नहीं होगा।
(6) किसी वित्तीय वर्ष के तदर्थ बोनस के सम्बन्ध में एक बार निर्णय ले लिये जाने के पश्चात आगामी वर्ष में किसी भी परिस्थिति में पुनर्विचार नहीं किया जायेगा।
(7) तदर्थ बोनस की स्वीकृति के फलस्वरूप ऐसे कार्मिकों को मानदेय केवल महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट कार्यों के लिये ही दिया जायेगा।
(8) अवैतनिक अवकाश के मामलों को छोड़कर, अन्य प्रकार के अवकाशों की अवधि को पात्रता अवधि की गणना के प्रयोजन के लिए आंगणित किया जायेगा।
(9) लेखा वर्ष में किसी अवधि के लिए निलम्बित रहे कार्मिक को तदर्थ बोनस अनुमन्य नहीं होगा। ऐसा कार्मिक यदि निलम्बन की अवधि के लिए परिलब्धियों के लाभ सहित बहाल होता है तो वह तदर्थ बोनस के लाभ का पात्र होगा।
(10) ऐसे स्थानीय निकाय एवं विकास प्राधिकरण जो लाभ में हो, के कर्मियों को भी तदर्थ बोनस की धनराशि उक्तानुसार देय होगी, किन्तु उक्त का भुगतान सम्बन्धित निकाय/विकास प्राधिकरण द्वारा अपने संसाधनों से स्वयं वहन करना होगा। इसके लिये शासन द्वारा कोई अनुदान नहीं दिया जायेगा।
FIN7/2/2022-XXVII-7-Finance Department
1/445237/2026
अनुमन्य तदर्थ बोनस का भुगतान नकद धनराशि के रूप में किया जायेगा।
उक्त स्वीकृत तदर्थ बोनस को सम्बन्धित आय-व्ययक के उसी लेखाशीर्षक के नामे डाला जायेगा जिसमें सम्बन्धित कर्मचारियों के वेतन व्यय का वहन किया जाता है तथा उसे मानक मद “वेतन” के अन्तर्गत पुस्तांकित किया जायेगा।
भवदीय signed by Digitally sig Vadivel Shanmugam Date: 02-11-20 (डॉ० वी० षणमुगम) सचिव




