उत्तराखंड में 24 घंटे सोशल मीडिया निगरानी
डीजीपी दीपम सेठ ने सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ाने और एटीएस को पेशेवर स्तर पर मजबूत करने के दिए निर्देश
अविकल उत्तराखंड
देहरादून । पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथ की ओर धकेलने संबंधी सूचनाओं के बाद उत्तराखंड पुलिस सतर्क हो गई है।
देशभर में उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी को देखते हुए सभी जिलों को संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और संबंधित नेटवर्क पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने मंगलवार को अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने और कट्टरपंथी बनाने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाए। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
बैठक में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति एवं रणनीति के तहत विभिन्न स्वरूपों में सामने आ रही आतंकवादी चुनौतियों से निपटने पर चर्चा हुई। डीजीपी ने राष्ट्रीय स्तर पर संचालित देश की पहली आतंकवाद-रोधी नीति ‘प्रहार’ को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने पर जोर दिया।
उन्होंने बड़े राज्यों की कार्यप्रणाली और सफल अभियानों का अध्ययन कर उत्तराखंड एटीएस की क्षमता बढ़ाने को कहा। डीजीपी ने कहा, “राज्य एटीएस के अभियानों को उच्च पेशेवर मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर समन्वय जरूरी है।”
चीन और नेपाल से लगती उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर घुसपैठ, संदिग्ध गतिविधियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही रोकने के लिए उच्चस्तरीय अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक बुलाने के निर्देश भी दिए गए। इसमें आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस और एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने को कहा गया। आगामी कुंभ मेले, प्रमुख धार्मिक आयोजनों, विधानसभा चुनाव और वीवीआईपी कार्यक्रमों के लिए व्यापक सुरक्षा योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरण और अन्य संसाधनों की व्यवस्था समय रहते पूरी करने को कहा गया है।
डीजीपी ने फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप समूहों की चौबीसों घंटे निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “भड़काऊ सामग्री, सांप्रदायिक अफवाहों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो और डीपफेक को तत्काल चिह्नित कर आधिकारिक तथ्य-जांच जारी की जाए।”
बैठक में महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे और आईजी कार्मिक सुनील कुमार मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।



