राजकाज- उत्तराखंड शासन में प्रशासनिक फेरबदल

कई अहम विभागों में नए सचिवों की तैनाती

वित्त, परिवहन, विद्यालयी शिक्षा, आबकारी और सचिवालय प्रशासन समेत महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां बदलीं


अविकल थपलियाल

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों के विभागीय दायित्वों में व्यापक फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी स्थानांतरण एवं तैनाती आदेश के तहत कई महत्वपूर्ण विभागों में नए सचिवों की नियुक्ति की गई है। कुछ विभाग हटाये गए हैं। और कुछ नए विभाग सौंपे गए हैं।

वित्त, परिवहन, विद्यालयी शिक्षा, आबकारी, सूचना प्रौद्योगिकी, सचिवालय प्रशासन और गन्ना विकास जैसे अहम विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसे आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं और विभागीय कार्यों में गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार प्रमुख सचिव एल. फैनई से आबकारी विभाग का प्रभार वापस लिया गया है। सचिव नितेश कुमार झा को पंचायती राज विभाग का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। सचिव रविनाथ रमन को सचिव विद्यालयी शिक्षा (प्राथमिक एवं माध्यमिक) के दायित्व से मुक्त करते हुए सचिव परिवहन विभाग एवं आयुक्त परिवहन बनाया गया है।
सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय को सूचना प्रौद्योगिकी, सुशासन एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का दायित्व दिया गया है, जबकि सचिव बुजेश कुमार संत को सचिव आबकारी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिव डॉ. सुरेन्द्र नारायण पांडेय को सचिव गन्ना विकास एवं चीनी विभाग बनाया गया है।
आईएएस अधिकारी ज्योति यादव को सचिव विद्यालयी शिक्षा (प्राथमिक एवं माध्यमिक) नियुक्त किया गया है। युगल किशोर पंत को सचिवालय प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है।

सचिव रणवीर सिंह चौहान को वित्त विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा, आईएफएस अधिकारी डॉ. पराग मधुकर धकाते से पंचायती राज विभाग का दायित्व वापस ले लिया गया है। आईएएस अधिकारी अभिषेक रुहेला को अपर सचिव राज्य संपत्ति विभाग एवं राज्य संपत्ति अधिकारी नियुक्त किया गया है।
शासन ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती वाले विभागों का कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। यह फेरबदल राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक गतिशील तथा परिणामोन्मुख बनाने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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