राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में भगवत प्रसाद मकवाना बने अध्यक्ष
कांग्रेस के प्रदर्शन से ठीक पूर्व भाजपा ने
उत्तराखण्ड को दी तवज्जो
सुषमा गौड़ियाल समेत पांच की नियुक्ति
केंद्र सरकार ने NCSK का किया पुनर्गठन, मकवाना को अध्यक्ष और केशब बिहारी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
अविकल उत्तराखण्ड
नई दिल्ली। उत्तराखंड के शुद्धिकरण विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को केंद्र ने मंजूरी दे दी है। कांग्रेस के 7 सितंबर के प्रदर्शन से ठीक पूर्व भाजपा ने उत्तराखंड के नेता को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की बागडोर सौंप दी।
कैबिनेट सचिवालय की ओर से 6 सितंबर 2026 को जारी गोपनीय पत्र के अनुसार नई नियुक्तियां आयोग के कार्यकाल यानी 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेंगी।
आदेश के मुताबिक उत्तराखण्ड के भगवत प्रसाद मकवाना को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कैशब बिहारी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
आयोग में मनोज कुमार बाल्मीकि, सुषमा गौड़ियाल और रवि रामू कालोसे को सदस्य नियुक्त किया गया है। नियुक्तियों के संबंध में आगे की आवश्यक कार्रवाई सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट सचिवालय के पत्र में कहा गया है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रस्ताव को प्रधानमंत्री की मंजूरी के बाद आयोग में इन नियुक्तियों का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि खड़गे से जुड़े शुद्धिकरण विवाद के तहत 7 सितंबर को कांग्रेस सीएम आवास कूच करने वाली है। इस प्रदर्शन से ठीक पूर्व भाजपा ने उत्तराखंड के मकवाना को अहम जिम्मेदारी देकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी पर एससी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे के बाद कांग्रेस हमलावर मूड में आ गई है। बदले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी कर्नाटक में मुकदमा दर्ज किया गया। अब 7 सितंबर के सीएम आवास कूच के बाद प्रदेश की राजनीति के नई करवट लेने की उम्मीद है।




