धार्मिक नारे से जुड़े कथित वीडियो की फोरेंसिक जांच से होगा सच का खुलासा !
एसएसपी ने कहा, पुलिस को दें सबूत,पढ़ें विस्तृत तहरीर
अविकल उत्तराखण्ड
हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के बाद रामलीला मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ और सोशल मीडिया पर प्रसारित एक विवादित वीडियो को लेकर कोतवाली हल्द्वानी में दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस की जांच पर निगाहें टिक गई है।
हाईप्रोफाइल राजनीतिक रंग में रंगे इस शुद्धिकरण विवाद को लेकर कांग्रेस सड़कों पर है। और भाजपा व कांग्रेस एक दूसरे पर जमकर प्रहार कर रहे हैं।
बहरहाल,खड़गे के मंच से लगे कथित ‘धार्मिक नारों से जुड़े आपत्तिजनक कथित वीडियो की फोरेंसिक जांच के बाद ही नये तथ्य सामने आएंगे।
एसएसपी मंजूनाथ ने कहा कि जिस भी व्यक्ति के पास कोई सबूत हों तो वे विवेचनाधिकारी को सौंप सकते हैं। मामले की जांच एसपी क्राइम जगदीश चन्द्र कर रहे हैं।
आपत्तिजनक वीडियो की फोरेंसिक जांच और शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच काफी अहम रहेगी। इस मसले पर विरोध होने और भाजपा नेता जेपी नड्डा ने भी जांच कराए जाने की बात कही थी। इस चर्चित प्रकरण में राहुल गांधी और बंगलौर में भी मुकदमा दर्ज हुआ है।
हाईकोर्ट नैनीताल में दायर एक याचिका पर हालिया सुनवाई में भी सरकार ने जांच का भरोसा दिया । इसी दौरान अधिवक्ता अंजू की।ओर से 15 अगस्त को दी गयी तहरीर के तीन हफ्ते बाद 7 सितंबर को हल्द्वानी कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अन्जू ने 15 अगस्त को पुलिस को दी तहरीर में जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान और धार्मिक वैमनस्य फैलाने के प्रयास का आरोप लगाया है।
तहरीर के अनुसार आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यक्रम आयोजित हुआ था।
इसके बाद 10 अगस्त को भाजपा से जुड़े कुछ लोगों की ओर से मैदान का कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ कराया गया। इस कार्यक्रम के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए।
शिकायतकर्ता ने तहरीर में कहा है कि खड़गे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। ऐसे में उनके कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल का ‘शुद्धिकरण’ कराया जाना प्रथमदृष्टया जातिगत भेदभाव और अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति अपमान एवं हीनता का भाव उत्पन्न करने वाला कृत्य प्रतीत होता है।
हालांकि, इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
तहरीर में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित एडिटेड वीडियो को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के मुताबिक वीडियो में ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे धार्मिक नारे को कथित तौर पर काट-छांट कर विवादित और आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया। आरोप है कि इसके माध्यम से एक विशेष धर्म समुदाय के प्रति गलत धारणा पैदा करने तथा धार्मिक वैमनस्य बढ़ाने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से वायरल वीडियो के मूल स्रोत का पता लगाने और मूल तथा प्रसारित वीडियो की तुलना कराने की मांग की है। साथ ही यह जांच करने को कहा गया है कि वीडियो में कोई काट-छांट या अन्य प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़ की गई है या नहीं। वीडियो को सबसे पहले सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले और उसे व्यापक स्तर पर प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान की मांग भी की गई है।
तहरीर में संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की नियमानुसार जांच कर डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने तथा वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 353(2), 299 और अन्य लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जांच में जातिगत अपमान या भेदभाव का अपराध पाए जाने पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की उपयुक्त धाराएं लगाने का अनुरोध किया है।
तहरीर में कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की जांच करने के साथ ही सोशल मीडिया पर सामग्री को आगे प्रसारित करने वालों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक निवारक कार्रवाई का भी अनुरोध किया है।
पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित वीडियो में वास्तव में छेड़छाड़ हुई थी या नहीं और ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम के पीछे क्या उद्देश्य था।

First Information contents (प्रथम सूचना तथ्य):
नकल तहरीर हिन्दी वादी डाक पैड से प्राथमिकी दर्ज किए जाने हेतु प्रार्थना-पत्र सेवा में, श्रीमान प्रभारी निरीक्षक महोदय, कोतवाली हल्द्वानी जिला नैनीताल उत्तराखण्ड।
विषयः धार्मिक एवं जातिगत वैमनस्य उत्पन्न करने भ्रामक एडिटेड वीडियो के माध्यम से सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने तथा अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति जातिगत भेदभाव एवं अपमानजनक प्रचार किए जाने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज किए जाने हेतू प्रार्थना-पत्र ।
महोदय सविनय निवेदन है कि दिनांक 08 अगस्त 2026 को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी का कार्यक्रम रामलीला मैदान हल्द्वानी जिला नैनीताल में आयोजित हुआ था जिसमें श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी उपस्थित हुए थे। दिनांक-10 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कुछ व्यक्तियों नेताओं द्वारा उक्त रामलीला मैदान का तथाकथित रूप से “शुद्धिकरण” कराया गया। उक्त कृत्य सार्वजनिक रूप से किया गया तथा इसके फोटो/वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किए गए।
यह तथ्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित व्यक्ति हैं। ऐसे में उनके कार्यक्रम के अगले ही दिन सार्वजनिक स्थल का “शुद्धिकरण” कराया जाना प्रथमदृश्टया जातिगत भेदभाव सामाजिक अपमान तथा अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति घृणा एवं हीनता का भाव उत्पन्न करने वाला कृत्य प्रतीत होता है। इसके अतिरिक्त कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक आपत्तिजनक एवं संभवतः एडिट किया हुआ वीडियो प्रसारित किया जा रहा है जिसमें “अल्लाह हू अकबर” जैसे धार्मिक नारे को विवादित एवं आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत कर एक विशेष धर्म समुदाय के प्रति लोगों में गलत धारणा घृणा एवं वैमनस्य उत्पन्न करने का प्रयास किया गया है। प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त वीडियो को राजनीतिक एवं साम्प्रदायिक वातावरण को प्रभावित करने तथा विभिन्न धर्मों एवं समुदायों के मध्य वैमनस्य
द्वेष एवं घृणा उत्पन्न करने के उद्देश्य से तैयार। प्रसारित किया गया है। यदि उक्त वीडियो मूल वीडियो से काट-छांट अथवा एडिट करके बनाया गया है तो यह भी जांच का विषय है कि मूल वीडियो क्या था उसमें वास्तविक रूप से क्या कहा/नारा लगाया गया था। तथा किस व्यक्ति ने उक्त सामग्री को एडिट कर सोशल मीडिया पर सर्वप्रथम अपलोड एवं वायरल किया। उक्त कृत्यों से क्षेत्र में सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने तथा सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की गंभीर संभावना है। अतः उपरोक्त कयों की गम्भीरता को देखते हए प्रथमदृश्टया भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 196, धारा 353,(2) 299 तथा अन्य लागू धाराओं एवं जांच में तथ्य स्थापित होने पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की लागू धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीकृत किया जाना आवश्यक है।
उपरोक्त घटनाओं के संबंध में तत्काल प्राथमिकी पंजीकृत कर निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना की जाए। दिनांक 10/08/2026 को रामलीला मैदान हल्द्वानी में तथाकथित “शुद्धिकरण” कार्यक्रम आयोजित करने वाले तथा उसमें सक्रिय रूप से शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच की जाए। सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो रील पोस्ट कमेंट एवं अन्य डिजिटल सामग्री को सुरक्षित कराया जाए।
उक्त वीडियो के मूल स्रोत मूल वीडियो एडिटिंग करने वाले व्यक्ति सर्वप्रथम अपलोड करने वाले व्यक्ति तथा उसे व्यापक रूप से प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जाए। संबंधित मोबाइल फोन सोशल मीडिया अकाउंट एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विधि अनुसार जांच कर आवश्यक डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं।
वायरल वीडियो की फोरेंसिक डिजिटल जांच कराकर यह निर्धारित किया जाए कि वीडियो में किस प्रकार की काट-छांट एडिटिंग अथवा छेड़छाड़ की गई है या नहीं। धार्मिक एवं जातिगत वैमनस्य उत्पन्न करने के उद्देश्य से उक्त सामग्री तैयार एवं प्रसारित करने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। यदि विवेचना में अनुसूचित जाति के व्यत्ति के प्रति जातिगत अपमान/भेदभाव का अपराध पाया जाता है तो की उपयुक्त धाराएं भी जोड़ी जाएँ। सोशल मीडिया पर उक्त भ्रामक सामग्री को आगे प्रसारित करने वाले अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाए। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने हेतु आवश्यक निवारक कार्यवाही की जाए।
अतः श्रीमान से विनम्र प्रार्थना है कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना करते हुए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की कृपा करें।

दिनांकः 15/08/2026 प्रार्थी/शिकायतकर्ता नामः अन्जू (अधिवक्ता) सामाजिक कार्यकर्ता sd अंग्रेजी अपठित ।
नोट- मैं कानि0 599 ना०पु० ललित मोहन दत्त कोतवाली हल्द्वानी जिला नैनीताल प्रमाणित करता हूँ कि तहरीर की नकल मेरे द्वारा सीसीटीएनएस साफ्टवेयर पर टाईप की गयी है।





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हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में अज्ञात के खिलाफ FIR




