ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से जुड़े रेलवे फ्रीज जोन के प्रतिबंधों की समीक्षा शुरू
रानीखेत में मल्टीलेवल पार्किंग, रुद्रपुर में ग्रीन बिल्डिंग कार्यालय पर पर फोकस
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। उत्तराखंड में शहरी विकास और आधारभूत सुविधाओं को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एक ओर रानीखेत में मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं और रुद्रपुर में अत्याधुनिक विकास प्राधिकरण कार्यालय भवन के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के फ्रीज जोन की समीक्षा कर पहाड़ी क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इन पहलों का उद्देश्य यातायात प्रबंधन, पर्यटन, निवेश, रोजगार और शहरी सुविधाओं को मजबूत करना है।
राज्य सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठकों में रानीखेत की दो मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं की तकनीकी एवं वित्तीय स्थिति पर चर्चा की गई। गैस गोदाम-आशियाना पार्क क्षेत्र में प्रस्तावित चार मंजिला पार्किंग में 59 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी।
वहीं, रोडवेज स्टेशन के निकट प्रस्तावित दूसरी पार्किंग में 13 चारपहिया और 141 दोपहिया वाहनों सहित कुल 154 वाहनों के लिए स्थान बनाया जाएगा। दोनों परियोजनाओं के संशोधित आंगणन तैयार कर शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से रानीखेत के व्यस्त बाजार क्षेत्रों में जाम की समस्या कम होने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही ऊधमसिंहनगर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के स्वतंत्र कार्यालय भवन निर्माण परियोजना की समीक्षा भी की गई। रुद्रपुर के ग्राम कल्याणपुर में लगभग 18.01 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन आधुनिक ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
भवन में सोलर एनर्जी सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं होंगी। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से जुड़े रेलवे फ्रीज जोन में लागू 400 मीटर प्रतिबंधों की समीक्षा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार उन क्षेत्रों का तकनीकी और प्रशासनिक आकलन करा रही है, जहां रेलवे परियोजना का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विकास गतिविधियों को अनुमति दी जा सकती है।
जनवरी 2024 में रेलवे परियोजना की सुरक्षा के मद्देनजर योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, व्यासी, श्रीनगर, धारीदेवी, गौचर सहित विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए गए थे।
इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन, होटल, होमस्टे, आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं। अब प्रतिबंधों की समीक्षा से इन क्षेत्रों में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार का कहना है कि किसी भी प्रकार की राहत रेलवे सुरक्षा और तकनीकी मानकों से समझौता किए बिना ही दी जाएगी। जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से निर्णय लिया जाएगा।

विभागीय सचिव डॉ आर राजेश कुमार का मानना है कि रानीखेत की पार्किंग परियोजनाएं, रुद्रपुर का आधुनिक ग्रीन कार्यालय भवन और रेलवे फ्रीज जोन की समीक्षा, तीनों पहलें राज्य में संतुलित एवं टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी। इनसे शहरी सुविधाओं का विस्तार होने के साथ-साथ पहाड़ों में पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।



