रिजिजू और धामी ने लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ किया

150 से अधिक स्टॉलों पर सजी देश की लोक संस्कृति

लोक संवर्धन पर्व में केंद्र का साझेदार बनने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को परेड ग्राउंड में छठे लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ किया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि पीएम विकास योजना के तहत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।


उन्होंने उत्तराखंड सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन में साझेदारी करने वाला पहला राज्य बनकर उत्तराखंड ने सांस्कृतिक संरक्षण और विकास के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय तथा सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।


उन्होंने कहा कि भारत की विविध भाषाएं, लोक परंपराएं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नए अवसर और व्यापक पहचान भी दिलाते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह महोत्सव स्थानीय कारीगरों और युवा उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज और एक जनपद दो उत्पाद जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के जरिए शिल्पकारों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मदरसों में आधुनिक तकनीक और आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

11 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर के शिल्पकारों, हस्तशिल्पियों, लोक कलाकारों, उद्यमियों और पारंपरिक व्यंजनों से जुड़े विशेषज्ञों को एक साझा मंच मिला है।

महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों की लोक कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद और व्यंजनों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव एस.पी. रॉय, विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण डॉ. पराग मधुकर धकाते, विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, हस्तशिल्पी, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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