देखें वीडियो, …तो साथ-साथ आये सीएम धामी और विधायक अरविंद
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र और काम्बोज के बीच कलह चरम पर
अविकल थपलियाल
गदरपुर। वैसे तो राष्ट्रीय रेफरियों की मौजूदगी में भाजपा की ‘गदरपुर एक जंग’ पर ठंडक पड़ गयी थी। लेकिन शनिवार को सीएम धामी ने लम्बे समय से मुखर रहे पार्टी विधायक अरविंद पांडे को वाटर स्पीड बोट की सैर करा कर जंग की तपिश को बर्फ की सिल्लियों में तब्दील कर दिया।
राष्ट्रपति के साथ आईएमए की पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेने के बाद सीएम धामी ने गदरपुर की ओर रुख किया।
उल्लेखनीय है कि इसी गदरपुर में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पौड़ी गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने मई के दूसरे पखवाड़े में पार्टी विधायक अरविंद पांडे की पीठ थपथपाई थी। त्रिवेंद्र और बलूनी एक दिन के अंतराल में अरविंद पांडे के घर पहुंचे थे।
तीनों नेताओं के इस त्रिकोण ने दिल्ली को भी हिला दिया था। दिल्ली हिली भी इसलिए थी कि मई के आखिरी हफ्ते में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को भो दून में कई मसलों पर मंथन करना था।
बहरहाल, नितिन नबीन के 30 मई के दून दौरे से ठीक पूर्व त्रिवेंद्र, अनिल बलूनी व सीएम धामी एकसाथ नजर आए। साथ साथ डिनर करने की भी खबरें पब्लिक हुई। हाईकमान के निर्देश पर हम एक हैं ,का संदेश देने की कोशिश की गई।
नितिन नबीन और बीएल संतोष के दून आगमन पर पार्टी ने कई नाजुक बिंदुओं पर विशेष मंथन किया। सभी नेताओं और पदाधिकारियों ने अपने अपने दिल की कही। अरविंद पांडे ने भी काफी कुछ कहकर केंद्रीय नेताओं को भी चौंकाया।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दून आगमन की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि बीजापुर के सेफ हाउस में सीएम धामी और विधायक अरविंद पांडे के बीच पनपे गिले शिकवे दूर होने सम्वन्धी फोटोज वॉयरल हुए। और सब कुछ ठीक ठाक होने का राजनीतिक संदेश दिया गया।
इस हाई प्रोफाइल एपिसोड के ‘सुखद अंत’ के बाद कहानी में एक नया मोड़ आना बाकी था। और नितिन नबीन के दून से विदा लेते ही 1 जून को पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने दिल्ली के डीसीपी को पत्र लिखकर सुरेश काम्बोज पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर जंग को और बढ़ा दिया।
गौरतलब है कि बलूनी व त्रिवेंद्र के गदरपुर दौरे के समय तराई क्षेत्र के भाजपा नेता सुरेश काम्बोज ने भी खुलकर मोर्चा खोल दिया था। और जारी अंदरूनी महाभारत के बीच पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, अनिल बलूनी व अरविंद पांडे पर खूब प्रहार किए थे। और इन्हें पार्टी से बाहर करने की मांग भी की थी। भ्र्ष्टाचार के भी कई आरोप लगाए। भू माफिया भी कहा।
यह आक्रमण नितिन नबीन के दौरे के शुरू होने से ठीक पहले किया गया था।
इस बीच, त्रिवेंद्र के दिल्ली पुलिस को दिए गए पत्र के बाद भी सुरेश काम्बोज नये सिरे से मैदान में कूद गए। और त्रिवेंद्र पर जमकर प्रहार कर रहे हैं। एक मोर्चे पर यह जंग खूब टीआरपी बटोर रही है।
उधर, 13 जून को सीएम धामी ने एक एडम गदरपुर की ओर बढ़ाया। अरविंद पांडे के साथ गदरपुर में होने वाली अंतरराष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का जायजा लिया।
चूंकि, भाजपा में सांगठनिक व अन्य स्तरों पर बदलाव होने की पूरी संभावना हैं। नितिन नबीन की ग्राउंड जीरो पर फीड बैक लेने के बाद संगठन महामंत्री अजेय कुमार की उत्तराखण्ड से विदाई हो गयी। संगठन व मंत्रियों की कमजोर परफार्मेन्स की ग्राउंड रिपोर्ट मिलने के बाद कुछ और परिवर्तन की भी चर्चा है।

ऐसे में सीएम ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात के बाद गदरपुर के विधायक अरविंद पांडे के साथ वाटर बोट की सैर कर ‘हम साथ साथ हैं’ , का संदेश दे दिया है।
हालांकि, कुछ दिन से अरविंद पांडे सीएम धामी के बाबत सकारात्मक भाव लिए नजर आ रहे थे। एक समय तल्ख व व्यंग्यात्मक तेवरों के साथ इशारों ही इशारों में बहुत कुछ कह चुके अरविंद पांडे सीएम के साथ वाटर स्पीड बोट का लुत्फ उठाने के बाद किस करवट बैठते हैं, यह देखना भी दिलचस्प होगा।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से उत्तराखण्ड बनेगा साहसिक खेलों का प्रमुख केंद्र – मुख्यमंत्री
गदरपुर।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।
इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



