शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी लंबे कार्यकाल के बाद  रिटायर

शिक्षा मंत्री ने दीर्घ व उत्कृष्ट सेवा की प्रशंसा की

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। बेसिक व संस्कृत शिक्षा निदेशक समेत अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही कंचन देवराड़ी 30 अप्रैल ,गुरुवार को रिटायर हो गयी। 

शिक्षा विभाग की वरिष्ठ एवं समर्पित अधिकारी श्रीमती कंचन देवराड़ी आज

  गुरुवार को उनके सेवानिवृत्ति के अवसर पर विभाग ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। और उनकी दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवायात्रा की प्रशंसा की। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा सचिव  रविनाथ रमन, निदेशक माध्यमिक शिक्षा  मुकुल कुमार सती, अपर निदेशक (एससीईआरटी)  पदमेंद्र सकलानी, अपर निदेशक महानिदेशालय  के. एस. रावत तथा अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, गढ़वाल मंडल  पी. के. बिष्ट ने कंचन देवराड़ी को काबिल अफसर बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उन्होंने वर्ष 1990 में प्रवक्ता के रूप में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नारायणबगड़ (चमोली) से सेवा प्रारंभ की। वर्ष 1997 में लोक सेवा आयोग में चयन के पश्चात प्रधानाचार्य (चंपावत एवं नरेंद्रनगर), खंड शिक्षा अधिकारी (डोईवाला), जिला शिक्षा अधिकारी (हरिद्वार) तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में संयुक्त निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

अपने कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुधार हेतु महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 2024 में पदोन्नति के पश्चात उन्होंने अपर निदेशक (प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा), पौड़ी गढ़वाल तथा तत्पश्चात निदेशक संस्कृत एवं निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के रूप में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया।

उनकी कार्यशैली, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती है। उनके सफल करियर में उनके पति  डी.पी. देवराड़ी (पंचायती राज में सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक) का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

उनका जन्म 30 अप्रैल 1966 को देवप्रयाग, टिहरी गढ़वाल में स्वर्गीय श्री कृष्णकांत टोडरिया (स्वतंत्रता सेनानी) एवं स्वर्गीय श्रीमती किशोरी देवी के यहाँ हुआ। उनकी दो छोटी बहनें भी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।

उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, देवप्रयाग से तथा इंटरमीडिएट कांचखेत इंटर कॉलेज से पूर्ण किया। उच्च शिक्षा में उन्होंने एम. के. पी. महाविद्यालय से अंग्रेज़ी विषय में स्नातकोत्तर, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से बी.एड., इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से एम.एड. किया तथा एस.जी.आर.आर. विश्वविद्यालय, देहरादून से शिक्षा शास्त्र में पीएच.डी. अध्ययनरत हैं।

इस अवसर पर उनके पुत्र  अमित देवराड़ी (पशु चिकित्सक), पुत्रवधू मृदुला,  कैलाश देवराड़ी (सॉफ्टवेयर अभियंता) उपस्थित रहे । उनकी पुत्री गौरी देवराड़ी चिकित्सा स्नातक (एमबीबीएस) की पढ़ाई कर रही हैं।

विदाई समारोह में मौजूद शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उनकी उत्कृष्ट सेवाएँ सदैव स्मरणीय रहेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। विभाग उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय एवं समूद्ध जीवन की हार्दिक कामना करता है।

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