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हिट लव स्टोरी : तीन शादियों के बाद सुकून मिला बोर्ग को

विश्व विख्यात टेनिस खिलाड़ी बोर्ग की प्रेम कहानी

संजय श्रीवास्तव

ब्योर्न बोर्ग। टेनिस के महान खिलाड़ी। ७० के दशक में टेनिस की दुनिया की रहस्यमयी सनसनीे। कुछ लोग उन्हें टेनिस का पॉप स्टार कहते थे. वह टेनिस में नये युग का सूत्रपात करने वाले नायक हैं। लंबे बालों वाले बोर्ग की लड़कियां जबरदस्त दीवानी थीं. लेकिन बोर्ग इस कदर ठंडा व्यवहार करते थे कि उन्हें आइसमैन /आइसबर्ग कहा जाने लगा। हालांकि बोर्ग ने जिंदगी में कई रंग देखे. उनपर नाकाम पति और असफल प्रेमी का ठप्पा लगा। जिंदगी ने उन्हें कम झटके नहीं दिए. अकूत धन में खेलने वाला ये शख्स दीवालिएपन के करीब पहुंच गया। आत्महत्या की भी कोशिश की। भगवान का शुक्र है कि उनकी तीसरी शादी न केवल कामयाब रही बल्कि उन्होंने अपने डगमगाते बिजनेस को बखूबी संभालकर उसे फिर पहचान दी।

बोर्ग ने अपने छोटे से टेनिस करियर में ११ ग्रैंड स्लैम खिताब जीते। जिसमें लगातार पांच विंबलडन ताज थे। जब उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया तो सारी दुनिया चौंक उठी। लोग हैरान थे कि इतनी कम उम्र में संन्यास क्यों। तब उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी का जीवन जीते हुए मैं पूरी तरह मशीनी हो गया हूं। अब जीवन जीना चाहता हूं। वैसे टेनिस से संन्यास लेने के बाद उन्होंने जिस तरह की जिंदगी की कल्पना संजो रखी थी,वह भी उन्हें तब कहां मिल पाई?

बोर्ग की छवि एक हीरो की थी. एक सुंदर और सलीके से रहने वाले नौजवान की. जहां जहां टेनिस खेलने गए, लड़कियां उन पर मर मिटीं। जब वह किशोरावस्था में पैर रख रहे थे तभी उनका प्यार स्वीडिश टेनिस की जूनियर चैंंपियन हेलेना एनलिओर से हुआ. दोनों कई बरसों तक एक-दूसरे से जुड़े रहे। १९७५ में हेलेना ने ही बोर्ग को उस लडक़ी से मिलवाया, जो उसकी दोस्त थी। उसका नाम मारियाना था। यही वो लडक़ी थी जो बाद में बोर्ग की पहली पत्नी बनी. लेकिन तब बोर्ग को वह पसंद नहीं आई और न ही उन्होंने मारियाना में बहुत ज्यादा दिलचस्पी ली.

मारियाना सिमिओनेस्कू वर्ष १९७४ में फ्रेंच ओपन की जूनियर चैंपियन बन चुकी थी. लगातार देश-विदेश घूमकर टेनिस खेल रही थी. जब बोर्ग और मारियाना पहली बार मिले तो वह बोर्ग को कुछ ज्यादा शर्मीली लगीं. बात आई गई हो गई. चार साल बाद दोनों फिर पेरिस में मिले. दोनों को वहां फ्रेंच ओपन टेनिस में शिरकत करना था. बोर्ग के लिए उस साल फ्रेंच ओपन दुर्भाग्यशाली साबित हुआ. वह पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गए. सौभाग्य से उसी दिन शाम को बोर्ग के कोच लेनार्ट बोर्जलीन का जन्मदिन था. जिस होटल में बोर्ग और अन्य टेनिस खिलाड़ी ठहरे थे, उसी में मारियाना भी ठहरी थीं.

धूमधाम से लेनार्ट का जन्मदिन मनाया गया. केक कटा. बियर की बोतलें पी गईं. खाया-पिया गया. जब नशा बोर्ग पर रंग दिखाने लगा तो उन्हें किसी ने बताया कि मारियाना तो अकेले ही कमरे में बैठी हुई हैं. बोर्ग तुरंत उनके पास पहुंचे और पार्टी के लिए आमंत्रण दिया. देर रात तक पार्टी चलती रही. नाच-गाना हुआ. उस रात पहली बार बोर्ग ने मारियाना के हाथों में हाथ डालकर डांस किया. बोर्ग जैसा खिलाड़ी साथ में डांस करे, मारियाना के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती थी. वह तो पहले से ही उन्हें पसंद करती थीं. इस डांस के बाद वह स्वप्नलोक में विचरण करने लगी. दोनों एक-दूसरे से खुले. दोनों ने एक दूसरे के आंखों की भाषा पढ़ी. बोर्ग को भी वह अब अच्छी लगने लगी थीं. प्यार के भावों को जुबान पर आते देर नहीं लगी. यानि इजहार-ए-मुहब्बत भी हुई. दोनों की ये प्रेमकहानी भी सतरंगे और सुखद अहसासों को लिए हुए थी. जबरदस्त रोमांस चला.

मारियाना बड़े फख्र से अपनी मित्र मंडली में बतातीं कि किस तरह पहली बार बोर्ग ने उनका हाथ पकड़ा. किस तरह उसने बाद में कहा कि वह उससे प्यार करता है. दोनों एक-दूसरे के प्यार में इस कदर डूब गए कि टेनिस सर्किट में शायद ही किसी को शक रह गया कि ये प्यार शादी में नहीं बदलेगा. मारियाना और बोर्ग अब टेनिस दौरों में साथ-साथ जाते थे. मैचों के बाद बोर्ग अपनी मेहबूबा को साथ लेकर घूमने निकल पड़ते थे. देर रात घूमते रहते. प्यार की कसमें खाते. ढेर सारी बातें थीं दोनों के पास करने के लिए. न प्यार भरी बातों का खजाना कभी खत्म होता था और न ही रोमांस की ललक.
मारियाना के जिंदगी में आते ही बोर्ग की किस्मत भी खुल गई. बोर्ग दो बार फ्रेंच ओपन तो जीत चुके थे लेकिन १९७६ में उन्होंने विंबलडन का वो ताज जीता, जिसे जीतना टेनिस में सबसे ज्यादा महत्व रखता था. किसी भी खिलाड़ी के लिए सपना होता है विंबलडन का राजा बनना. अब सारी दुनिया मानों बोर्ग के कदमों में थी.

मारियाना को काफी गर्व होता था कि एेसा बोर्ग उसका प्रेमी है, जो उसके सबसे करीब है, जो सिर्फ उसका अपना है. बोर्ग भी मारियाना की तारीफ करते नहीं थकते. वह उन्हें अपने जीवन में आई सपनों की रानी ही नहीं लगती थीं बल्कि बुद्धिमान और व्यावहारिक भी. चूंकि मारियाना भी टेनिस सर्किट में खेल रही थीं, लिहाजा उनको मालूम था कि बोर्ग को कब किस बात की जरूरत है.

१९७७ में बोर्ग ने दूसरी बार विंबलडन जीता. मारियाना भी इस प्रतियोगिता में खेल रही थीं. हालांकि वह क्वार्टर फाइनल में हार गईं लेकिन उन्हें हार के गम से ज्यादा बोर्ग की जीत की खुशी थी. दोनों अब साथ रहने लगे थे. दोनों ने समझौता किया था कि चार साल बाद परंपरागत ढंग से शादी करेंगे. आखिरकार शादी का दिन आया. २४ जुलाई १९८०. शादी परंपरागत तरीके से बोर्ग के पैतृक गांव के चर्च में हुई।

बुखारेस्ट के करीब सगानोव गांव में हुई ये शादी एक अनूठे अफसाने की तरह थी. बोर्ग ने इस शादी को बहुत गुप्त रखा था. इसमें वर-वधू पक्ष के लोग और कुछ पारिवारिक मित्र ही शामिल थे. पांच फुट ११ इंच के बोर्ग काला सूट पहनकर किसी राजकुमार सरीखे लग रहे थे. जब बोर्ग ने मारियाना को हीरे से जड़ी अंगूठी पहनाई तो तालियों की गडग़ड़ाहट गूंज उठी. क्या खुशनुमा नजारा था. बोर्ग और मारियाना एक दूसरे का हाथ पकड़े सबका अभिवादन स्वीकार कर रहे थे. भूरे आंखों वाली मारियाना यूं तो सुंदर थी लेकिन एक नववधू की लाजयुक्त लालिमा उसके चेहरे को और भी सलोना बना रही थी.

विवाह होने के बाद ये जोड़ा एक महीने के लिए हनीमून पर चला गया. दोनों ने हनीमून स्पेन में मनाया. लेकिन शादी होने के दो-तीन साल बाद ही बोर्ग की जिंदगी में न जाने क्या हो गया. जिंदगी उलझने लगी. वर्ष १९८३ में बोर्ग ने टेनिस से संन्यास ले लिया. अब ज्यादा समय घर पर पत्नी के साथ बितातेे. प्रिय खेल से दूर होने के बाद एक अजीब सी कुंठा और गुस्सा उनके व्यक्तित्व पर हावी होता जा रहा था. मियां-बीबी में बिना बात ही टकराहट होने लगी. आपस में मतभेद इतने ज्यादा और गहरे होते गए कि तलाक के अलावा कोई रास्ता ही नहीं बचा. तलाक के एवज में बोर्ग को अपनी संपति का एक बड़ा हिस्सा मारियाना को देना पड़ा.

हालांकि मारियाना को तलाक देना बोर्ग के लिए कतई आसान नहीं था. इसके बाद भावनात्मक तौर पर टूट गया. उन्हें लगने लगा कि उन्होंने अपने गुस्से की वजह से मारियाना को खो दिया. बाद में एक साक्षात्कार में उन्होंने साफतौर पर ये बात स्वीकार की-बेचारी मारियाना पर मैने काफी अत्याचार किये. उसे अक्सर मेरे खराब मूड को झेलना पड़ता था. जो कुछ भी हुआ, उसमें गलती मेरी थी.
लेकिन बोर्ग की इमेज अब भी प्रशंसकों की नजर में बहुत बड़ी थी. चहेतों को इस तलाक में कुछ भी गलत नहीं लगा. कुछ लोगों का कहना है कि बोर्ग के सलाहकारों ने उनका ज्यादा बंटाधार किया.
मारियाना को छोडऩे के कुछ समय बाद ही बोर्ग का रोमांस स्वीडन की ब्यूटी क्वीन जैनिक बोरलिंग से चल पड़ा. शुरुआत में ये रोमांस दुनिया की नजर से गुप्त रहा. बोर्ग उसे लेकर गुप्तवास में निकल जाते. खाते-पीते, घूमते. बोरलिंग बला की हसीन थीं. कमनीय काया वाली इस बाला में खूबसूरती भी थी और नाजुकता भी. वह बोर्ग के ग्लैमर और तडक़-भडक़ से प्रभावित होकर उसकी ओर आकर्षित हुई थी. हालांकि दोनों की मुलाकातें वर्ष 74 में तब से हो रही थीं जब बोर्ग ने पहली शादी की थी. कहा जाता है कि ये शादी टूटने में इस रोमांस का भी कम योगदान नहीं था.

बोर्ग की अमीरी के चर्चे उस समय सारी दुनिया में थे. उनके पास आलीशान मकान थे. किलानुमा बंगले थे और वह एक टापू के भी मालिक थे. इसके अलावा फैशन बिजनेस में उन्होंने हाथ डाला हुआ था. उनकी कंपनी नए परिधानों की डिजाइनिंग के साथ बड़े पैमाने पर उनका उत्पादन भी करती थी. उनके माल की खपत यूरोप के बाजारों में होती थी. बोर्ग इसके लिए बड़ी बड़ी मॉडल्स की सेवाएं लेते थे. इसी क्रम में वह पहली बार बोरलिंग से मिले थे. इसके बाद अक्सर व्यावसायिक मुलाकातें होने लगीं. जो दोनों को करीब ले आई. हालांकि दोनों की उम्र में आधे का अंतर था.

बगैर शादी के ही बोरलिंग ने बोर्ग के बच्चे को जन्म दिया. १९८६ में दोनों के पहला बेटा हुआ. नाम रखा गया-रोबिन. इसके कुछ दिन बाद ही बोर्ग का मन अपनी इस प्रेमिका से ऊबने लगा. हालांकि बोर्ग ने उसे खूब महंगे उपहार दिए, जिसमें तीन लाख पौंड का एक शानदार घर भी था. जब बोर्ग का उससे इश्क चल रहा था, तो वह अक्सर बड़ी खरीदारी के लिए स्टाकहोम जाया करती थी. पता नहीं कैसे बोर्ग को शक हुआ कि कहीं उसने किसी और पुरुष के साथ चक्कर तो नहीं चलाया हुआ है. इस संदेह में उसके पीछे प्राइवेट जासूस लगा दिए गए. जब बोरलिंग को इसका पता लगा तो वह भडक़ उठी.
उसकी नाराजगी का कारण ये भी था कि बोर्ग के जीवन में एक और महिला का आगमन हो चुका था. वह बोर्ग से उम्र में करीब सात-आठ साल बड़ी थी. वह थी ४१ वर्षीय पॉप सिंगर लोरेडाना ब्रेट. बोरलिंग को ये कई बार बोर्ग को आगाह भी किया कि वह गलत कर रहे हैं. आखिरकार वह उनसे अलग हो गई। उसके मन में लोरेडाना को लेकर भी बहुत कड़वाहट थी. अलग होने से ये जरूर कहा कि इससे पहले बोर्ग के साथ किसी की भी निभानी बहुत मुश्किल है, क्योंकि वह रिश्तों की कद्र करना नहीं जानते. बच्चे को लेकर भी बोर्ग और बोरलिंग में टकराव हुआ. मामला कोर्ट तक भी पहुंचा. बाद में बोर्ग ने समझौता करके बेटे रोबिन को अपने अधिकार में लिया. अब तो रोबिन खासे बड़े हो चुके हैं. बोर्ग के साम्राज्य की विरासत भी उन्हीं के नाम है. लेकिन पिता से ज्यादा आज भी वह अपनी मां के करीब हैं.

ये तो हर कोई जानता था कि लोरेडाना के साथ बोर्ग के रिश्ते नहीं टिकने वाले और एेसा ही हुआ. लोरेडाना कतई सीधी नहीं थी बल्कि काफी चालाक और तेज-तर्रार महिला थी. इटली में अक्सर उसके उन्मुक्त आचरण के चर्चे उड़ते रहते थे. लोरेडाना प्लेबॉय के लिए न्यूड पोज देकर भी खासी सुर्खियां बटोर चुकी थी. उसकी गायिका प्रतिभा को लेकर बहुत ऊंचे ख्याल नहीं जाहिर किये जाते थे. उसे ऐसी गायिका के तौर पर जाना जाता था जिसने फूहड़ गानों से नाम कमाया था. जब वह बोर्ग से मिली तो वह करियर के ढलान पर थी. उसे किसी बड़े नाम वाले शख्स की जिंदगी में तलाश थी. ऐसे में जब बोर्ग से उसकी मुलाकात हुई तो उसकी बांछें खिल गईं। बोर्ग न केवल टेनिस के महान खिलाड़ी थे बल्कि बेहद शोहरतमंद और बड़े फैशन कारोबार के मालिक. लेकिन उसे ये नहीं मालूम था कि बोर्ग का आर्थिक साम्राज्य खुद ढहने की कगार पर था. बोर्ग ने अपना सारा बिजनेस अपने पार्टनर और मातहतों पर छोड़ा हुआ था, जो उसे कसकर चूना लगा रहे थे. इसी बीच ये चर्चाएं भी आईं कि बोर्ग ड्रग्स यानि कोकीन के भी आदी हो गए हैं.

खैर बोर्ग के जीवन से सहज-सरल बोरलिंग जा चुकी थी और उन्होंने लोरेडाना के साथ पति-पत्नी के रूप में रहना शुरू कर दिया था. हालांकि बाद में अपनी आत्मकथा में बाद में बोर्ग ने स्वीकार किया कि लोरेडाना के जीवन में दाखिल होने के बाद से उनका तनाव बढ़ गया था.

वर्ष १९८८ में लोरेडाना और बोर्ग की शादी तो हुई लेकिन काफी नाटकीय घटनाक्रमों के बाद। शादी से कोई २६ दिन पहले बोर्ग ने नशीली दवाओं का ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की. आधिकारिक तौर पर कहा गया कि ड्रग्स और शराब साथ लेने के चलते बोर्ग को फूड प्वाइजनिंग हो गई थी. हालांकि लोगों को इस बात पर भरोसा नहीं हुआ. बताया जाता है कि शादी में आ रही रुकावटों को लेकर लोरेडाना और बोर्ग काफी तनाव में थे. लोरेडाना का पूर्व पति तलाक देने पर राजी नहीं था. खैर इस मामले को किसी तक सुलझाया गया और दोनों शादी के बंधन में बंधे.

वहीं दूसरी ओर बोर्ग की व्यक्तिगत जिंदगी में हो रही उथल-पुथल का असर सीधे सीधे उनके फैशन कारोबार ग्रुप पर पड़ रहा था. ये ग्रुप एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लांच करने वाला था. जिस पर कारोबार का भविष्य टिका था. दरअसल ग्रुप यूरोप में पुरुषों के परिधानों को लांच करने की व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रहा था. इसमें काफी धन लगा था. जब बोर्ग की आत्महत्या की कोशिश की खबरें यूरोप पहुंचीं तो आर्डर रद्द कर दिए गए, कुछ निवेशकों ने भी हाथ खींच लिया, इन्हीं दिनों बोर्ग की पार्टनर से भी खटपट हुई और दोनों अलग हो गए. जिससे ये कंपनी डूब गई. बोर्ग दीवालिया होने की कगार पर पहुंच गए. वह मोटे कर्ज तल दब गए। कंपनी ने नए प्रोजेक्ट के लिए मोटा कर्ज लिया था. अब कर्जदार अदालत की शरण में जाकर उसकी मांग करने लगे.

लोरेडाना भी बोर्ग की जिंदगी में लंबे समय तक नहीं रह सकी. बोर्ग की माली हालत ने उसे भी निराश और कुंठित कर दिया था. शादी तो हो गई थी लेकिन बोर्ग बिजनेस डूबने और नई बीबी के व्यवहार से काफी दुखी था. वह पूरी तरह नशे में डूबता गया. कर्ज चुकाने के लिए उसने अपनी सारी चल-अचल संपत्ति बेच दी, तब भी कर्ज नहीं उतरा. इन सबके सबसे बड़ा झटका लोरेडाना को लगा, उसे तो लगा था कि बोर्ग से शादी करके वह उसकी बेपनाह दौलत में अधिकार पा जाएगी, यहां तो उल्टा ही हो चुका था, फिर बोर्ग की जीवनशैली ने उसे कोई कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. वह एक दिन बोर्ग को छोडक़र चली गई. बाद में उसने आत्महत्या कर ली.

कर्जदार हो चुके बोर्ग को धन बटोरने के लिए फिर से रैकेट लेकर टेनिस कोर्ट का रुख करना पड़ा. वह एग्जीविशन मैचों में खेलने लगे. हालांकि इतने लंबे समय बाद वापसी के बाद टेनिस बदल चुकी थी. वह इस खेल में अनफिट से थे. ऐसे मौके पर बोर्ग के दोस्तों ने उनकी काफी मदद की. बोर्ग के प्रदर्शन मैचों में शिरकत और आर्थिक मदद से उन्होंने न केवल कर्ज उतार दिया बल्कि फिर से अपनी कंपनी को खड़ा करने में जुट गए.

पीछे एक के बाद एक झटकों ने बोर्ग को बदल दिया. उन्होंने पूरी मेहनत से अपना बिजनेस अंपायर फिर खड़ा कर लिया है. उनकी कंपनी ब्योर्न बोर्ग दुनिया में पुरुषों के इनरवीयर और मोजों के क्षेत्र में यूरोप की बहुत बड़ी ब्रांड मानी जाती है. २२ से ज्यादा देशों के साथ उनकी कंपनी का कारोबार होता था. इसके अलावा बोर्ग कुछ और भी बिजनेस से जुड़े हैं। अब उनका बिजनेस अंपायर कहीं ज्यादा बड़ा और बेहतर संचालित है.

बोर्ग अब ६० साल की उम्र के आसपास होने वाले हैं. कोई सात आठ साल पहले उनकी जिंदगी में फिर एक औरत आई. जिससे उन्होंने तीसरी शादी की. ये शादी उनकी कामयाब शादी कही जाएगी. दोनों बहुत अच्छी तरह से जीवन गुजार रहे हैं.
बोर्ग की तीसरी पत्नी का नाम पैट्रिशिया है. वह, पैट्रीशिया और बेटा रोबिन स्टाकहोम के बाहरी इलाके में शानदार तरीके से रहते हैं. पैट्रिशिया करीब ४५ वर्ष की हैं. वह खुद स्टाकहोम में अपना रियल एस्टेट का कारोबार चलाती हैं. दोनों जिस उम्र में करीब आए वो परिपक्व उम्र थी. दोनों चोट खाए हुए थे. पैट्रिशिया की पहली शादी भी बहुत अच्छी नहीं चल पाई थी. वह एक गंभीर जीवनसाथी की तलाश में थीं, बोर्ग को भी अब एक ऐसी जीवनसाथी चाहिए थी, जिसके साथ वह सीधा-सादा जीवन गुजार पाएं. दोनों ने शादी करने से पहले कई साल तक एक दूसरे जाना परखा, फिर शादी की.

उन्होंने पिछले दिनों ब्रिटेन के एक अखबार गार्डियन के रिपोर्टर से कहा. उन्होंने कहा-एक जमाना था, जब मेरे आसपास ढेरों लड़कियां मंडराती थीं लेकिन अब सब कुछ बदल चुका है. मुझे अपने जीवन में सही स्त्री मिल गई है. मेरा पारिवारिक जीवन अब एकदम ठीक है. मैं अब अपना समय घर पर उनके साथ गुजारता हूं. मैं अब उसी तरह रह रहा हूं, जिस तरह रहने की मैने कभी कल्पना की थी. तो कहा जा सकता है कि मैं बहुत खुश और संतुष्ट हूं.

 

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संजय श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार हैं. प्रिंट और टीवी से जुड़े रहने के बाद अब डिजिटल मीडिया से जुड़ावा. विविध विषयों पर कलम चलाते रहे हैं. खिलाड़ियों और नेताओं के लव-स्टोरीज की लंबी सीरीज लिखी है. जो काफी लोकप्रिय रही हैं. 04 किताबें लिख चुके हैं. हालिया किताब “सुभाष बोस की अज्ञात यात्रा” है

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