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सिद्धपीठ ज्वाल्पा धाम में नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने देवी आराधना की

अविकल उत्तराखंड

ज्वाल्पा धाम। मंगलवार को श्री ज्वालपा देवी मंदिर समिति की वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया है। बैठक में सिद्धपीठ से जुड़े कई मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।

गौरतलब है कि कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय मार्ग स्थित सुविख्यात सिद्धपीठ ज्वालपा देवी के मंदिर में नवरात्रि पूजा का आयोजन 26 सितंबर 2022 को घट स्थापना के साथ शुरू हुआ।

पंडित भास्कर ममगाईं और पंडित पवन नौडियाल नें वैदिक परम्परराओं के अनुसार श्री ज्वालपा देवी मंदिर समिति की ओर से पूजा पाठ किया।


शारदीय नवरात्रि की पूजा ज्वालपा देवी धाम में विशेष वार्षिक आयोजन होता है। सिद्धपीठ में माँ ज्वालपा से अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए बहुत बड़ी संख्या में दूर दराज से श्रद्धालु माँ ज्वालपा का आशीर्वाद पाने के लिए आते हैं।

इन श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या उन विवाह योग्य कन्याओं की होती है जो मनवांछित पति की कामना मन मे संजोए होती हैं।
मंगलवार को श्री ज्वालपा देवी मंदिर समिति की वार्षिक बैठक का आयोजन भी ज्वालपा धाम में निर्धारित है।

मंदिर समिति के मुख्य सचिव रमेश थपलियाल व श्रीमती उमा थपलियाल व अध्यक्ष कर्नल शांति प्रसाद थपलियाल एवं श्रीमती सरोज थपलियाल ने सप्तमी व अष्टमी की पूजा अनुष्ठान में हिस्सा लिया।


इस सत्र से ज्वालपा देवी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली से स्नातकोत्तर (संस्कृत) शिक्षा प्रदान करने की मान्यता मिल चुकी है, इस कारण ज्वालपा धाम में मंदिर समिति, महाविद्यालय प्रबंधन समिति, अध्यापकों और छात्रों में उत्साह देखने योग्य है। गढ़वाल में कई संस्कृत महाविद्यलयों की मान्यता न बढ़ने के कारण छात्रों की संख्या में आशातीत वृद्धि हुई है।

पार्थसारथि थपलियाल, जनसंपर्क अधिकारी, मंदिर समिति

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