मोदी ने अध्यात्म से उत्त्तराखण्ड के विकास तक कही अपने मन की

केदारधाम में धर्म दर्शन की पताका लहरा अपने मन की कह गए पीएम मोदी

राजनीतिक हमलों से परहेज कर धर्म की माला पिरोते रहे मोदी

अविकल थपलियाल

केदारनाथ। गृह मंत्री अमित शाह के हालिया उत्त्तराखण्ड दौरे पर कांग्रेस पर किये गए प्रहार के बाद सभी को यह उम्मीद थी कि पीएम मोदी भी विपक्ष पर राजनीतिक हमला करेंगे। लेकिन केदारधाम के सर्द दौरे पर पीएम मोदी ने अपनी बात मंदिर, धर्म,संस्कृति ,अध्यात्म, दर्शन व आदि शंकराचार्य व विवेकानन्द के विचारों के इर्द गिर्द ही केंद्रित रखी।

पीएम मोदी ने एक बार फिर केदारनाथ से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए तपस्वी संतों का स्मरण किया।

संस्कृत के कई श्लोक पढ़े। शिव व राम का जिक्र करते हुए अयोध्या के राम मंदिर,काशी-विश्वनाथ व मथुरा-वृंदावन में किये जा रहे कार्यों को तो गिनाया ही साथ ही नयी पीढ़ी को धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण की सलाह भी दी।

लगभग 1 घण्टे के भाषण में पीएम मोदी ने  आदि शंकराचार्य के जीवन दर्शन की विस्तृत व्याख्या करते हुए उन्हें शंकर भगवान का साक्षात अवतार भी करार दिया। 2013 की आपदा में आदि शंकराचार्य की ध्वस्त हुई समाधि व केदारधाम के जीर्णोद्धार का जिक्र कर उनकी मूर्ति के अनावरण को अपना सौभाग्य बताया।

कहा कि, अल्प आयु में आदि शंकराचार्य ने कठिन समय में देश के चारों कोनों में धामों की स्थापना कर केदारधाम में समाधि ली।

उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य की मूर्ति व समाधि के अनावरण के समय उन्हें उनकी आंखों से निकलते तेज प्रकाश पुंज की अनुभूति हुई। जिसका शब्दों में वर्णन नहीं किया जा सकता।

चूंकि, मोदी का कार्यक्रम का देश भर में लगभग 85 जगहों पर लाइव प्रसारण हो रहा था। इनमें कई मंदिर व मठों से जुड़े संत महात्मा भी लाइव देख रहे थे। लिहाजा, मोदी ने हिन्दू धर्म संस्कृति से जुड़े कई पहलुओं का उल्लेख कर संत समाज व लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पीएम मोदी की केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह व आदि शंकराचार्य की नव निर्मित  समाधि में कई गयी पूजा के लाइव प्रसारण कर भाजपा समूचे देश में धार्मिक यात्रा का संदेश देने में भी कामयाब रही।

इस दौरान उन्होंने कहा कि देश अब नये नये संकल्प ले रहा है। और समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्यों को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की प्राचीनता व ऐतिहासिकता का आधुनिकता से तालमेल बैठाते हुए विकास कार्यों को गति दी जा रही है।

हालांकि, पीएम ने देवस्थानाम बोर्ड के स्थानीय मुद्दे पर सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा। अलबत्ता, केदार धाम में बने तीर्थ पुरोहितों के आवास से मिलने वाली सुविधाओं का जिक्र कर पंडा समाज के आक्रोश को थामने की कोशिश जरूर की।

उन्होंने कहा कि पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि केदारनाथ की हवाओं और मिट्टी ने उन्हें पाला पोसा। यहां के कण कण में उन्हें विशेष अनुभूति होती है। और ईश्वर कृपा से आज उन्हें केदार बाबा की सेवा का पुण्य अवसर मिला। यह उनके लिए परम सौभाग्य की बात है।

पुराने दिनों को याद करते हुए मोदी ने कहा कि किस तरह पूर्व में केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित स्वंय ठंड बर्दाश्त कर यजमानों की सेवा करते थे। अब सुविधाएं मिलने से उनके कष्ट भी दूर होंगे। मोदी के इस कथन से आंदोलित तीर्थ पुरोहित की नाराजगी कुछ कम होने की भी उम्मीद जगी।

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि केदार में चल रहे कार्यों की वे सतत वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे। कहा कि, 2013 कि आपदा के बाद लोगों की यह आशंका थी कि ये काम हो भी पायेगा या नहीं। लेकिन विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों में निर्माण कार्य में लगी टीम, सरकार व तीर्थ पुरोहितों के सहयोग से यह कार्य सम्भव हो पाया।

पीएम मोदी ने कहा कि केदार की आपदा के समय वे यहां दौड़े चले आये थे। केदार की आपदा और दर्द को उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। उस समय यह आशंका भी जताई जा रही थी कि केदार फिर से उठ खड़ा होगा। लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि केदारधाम पुरानी आन बान और शान के साथ फिर खड़ा होगा। बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री उन्हें कच्छ में भूकंप में बाद कार्यों का अनुभव भी था।

अपने भाषण का दो तिहाई हिस्सा आदि शंकराचार्य के ज्ञान-विज्ञान व  हिन्दू धर्म दर्शन को देने के बाद पीएम मोदी ने उत्त्तराखण्ड में हो रहे विकास कार्यों की चर्चा की।

देवभूमि के सैन्य परिवारों , ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम आल वेदर रोड, हेमकुंड साहिब में रोपवे, केदारनाथ में केबल कार, दून-दिल्ली हाईवे, महिलाओं की कर्मठता, होम स्टे आदि का जिक्र कर केंद्र व राज्य सरकार के कार्यों को गिना चुनावी संदेश भी देने की कोशिश की।

साथ ही उत्त्तराखण्ड के विकास की दृष्टि से आने वाले दशक को काफी महत्वपूर्ण बता धामी सरकार की पीठ भी ठोकी। कहा कि, इन विकास कार्यों के पूरा होने पर आने वाले दस साल में उत्त्तराखण्ड में राज्य में इतने श्रद्धालु व तीर्थयात्री आएंगे जितने बीते सौ साल में आये।

2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व केदार दौरे को पूरी तरह हिन्दू एजेंडे के तहत धार्मिक स्वरूप देने में सफल रहे पीएम मोदी किसी भी तरह का राजनीतिक हमला न कर विपक्ष व राजनीतिक दलों को भी हैरत में डाल गए। सिर्फ भाजपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के व आने वाले दस साल की बात कहकर उत्त्तराखण्ड की जनता को यह इशारा अवश्य कर गए कि भाजपा ही समयबद्ध विकास कर सकती है…

प्रधानमंत्री ने किया 400 करोड़ के केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास

आदि शंकराचार्य की प्रतिमा तथा समाधि स्थल का किया अनावरण एवं लोकार्पण।

आदि शंकराचार्य का पूरा जीवन जितना असाधारण था उतना ही जन साधारण के कल्याण के लिये समर्पित था : प्रधानमंत्री

केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण ’ईश्वरी कृपा’ : प्रधानमंत्री

पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी अब आयेगी पहाड़ के काम, रूकेगा पलायन : प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ धाम में गोवर्धन पूजा के अवसर पर शुक्रवार को बाबा केदार की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 400 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें आदि गुरू श्री शंकराचार्य जी के पुनर्निर्मित समाधि स्थल और नई प्रतिमा का अनावरण के साथ तीर्थ पुरोहितों के आवास, सरस्वती नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा तथा घाटों का निर्माण, मन्दाकिनी नदी तट पर बाढ़ सुरक्षा हेतु भार वाहक दीवार, गरुड़ चट्टी के लिये मन्दाकिनी नदी पर पुल के निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें श्री केदारनाथ धाम में संगम घाट का पुनर्विकास एवं रैन शैल्टर शेड, प्राथमिक चिकित्सा एवं पर्यटक सुविधा केन्द्र, मन्दाकिनी आस्था पथ पंक्ति प्रबन्धन, मन्दाकिनी वाटर एटीएम एवं मन्दाकिनी प्लाजा, प्रशासनिक कार्यालय एवं अस्पताल भवन, केदारनाथ तीर्थ स्थल में संग्रहालय (म्यूजियम) परिसर, सरस्वती सिविक एमेनिटी भवन का निर्माण कार्य शामिल है। इस अवसर पर राज्यपाल ले.ज.(से.नि) श्री गुरमीत सिंह, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत, विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक आदि भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास था कि आपदा के बाद केदारनाथ धाम पूरी आन बान और शान के साथ फिर से खड़ा होगा। केदारनाथ पुनर्निर्माण को उन्होंने ’ईश्वरी कृपा’ बताया और इसमें योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में भारत की संस्कृति की व्यापकता का आलौकिक दृश्य दिखाई देता है। यहां आकर महसूस होता है कि भारत की ऋषि परंपरा कितनी महान है। मैं यहां जब भी आता हूं कण-कण से जुड़ जाता हूं। उन्होंने कहा कि गरुड़चट्टी से मेरा पुराना नाता है। मेरा सौभाग्य है कि गोवर्धन पूजा के दिन उन्हें केदारनाथ दर्शन का सौभाग्य मिला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केदारनाथ में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। 2013 की आपदा के दौरान मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था। इस दौरान केदारनाथ आपदा को याद कर प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आपदा में जो नुकसान यहां हुआ, वो अकल्पनीय था। हर कोई सोचता था कि क्या ये हमारा केदारनाम धाम फिर से उठ खड़ा हो पाएगा, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास था कि यह धाम पहले से अधिक आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने केदारनाथ के पुनर्निर्माण का जो सपना देखा था वो आज पूरा हो रहा है। इस आदि भूमि पर शाश्वत के साथ आधुनिकता का ये मेल, विकास के ये काम भगवान शंकर की सहज कृपा का ही परिणाम हैं। उन्होंने पुनर्निर्माण कार्यों में तत्परता दिखाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की। उन्होंने इन पुनीत प्रयासों के लिए मंदिर के रावल, पुजारियों और इन निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी उठाने वाले सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया। खासतौर पर उन्होंने पुनर्निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि बर्फबारी और कड़कड़ाती ठंड के बीच यहां निर्माण का काम करना बेहद मुश्किल था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य जी ने पवित्र मठों की स्थापना की और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के पुनर्जागरण का काम किया। बाल्यावस्था में ही उन्होंने सबकुछ त्यागकर देश, समाज और मानवता के लिए जीने वालों के लिए एक सशक्त परंपरा खड़ी की है। आदि गुरू शंकराचार्य को शंकर का अवतार बताते हुए उन्होंने कहा कि ’शं करोति सः शंकरः’ का तात्पर्य है, जो कल्याण करे, वही शंकर है। इस व्याकरण को भी आचार्य शंकर ने प्रत्यक्ष प्रमाणित किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन जन-साधारण के कल्याण में खपा दिया। आज हम सभी आदि शंकराचार्य जी की समाधि की पुनः स्थापना के साक्षी बन रहे हैं। एक समय था जब आध्यात्म को, धर्म को केवल रूढ़ियों से जोड़कर देखा जाने लगा था। लेकिन, भारतीय दर्शन तो मानव कल्याण की बात करता है, जीवन को पूर्णता के साथ समग्र तरीके में देखता है। आदि शंकराचार्य ने समाज को इस सत्य से परिचित कराने का काम किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमारे यहां सदियों से चारधाम यात्रा का महत्व रहा है। तीर्थाटन हमारे यहां जीवन काल का हिस्सा माना गया है। अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केंद्रों को उसी गौरव भाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया कि वे तीर्थ और धार्मिक स्थलों का भ्रमण जरूर करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है, अयोध्या को उसका गौरव वापस मिल रहा है। अभी दो दिन पहले ही अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरी दुनिया ने देखा। भारत का प्राचीन सांस्कृतिक स्वरूप कैसा रहा होगा, आज हम इसकी कल्पना कर सकते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में काशी का भी कायाकल्प हो रहा है। विश्वनाथ धाम का कार्य बहुत तेज गति से पूर्णता की तरफ आगे बढ़ रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अयोध्या, काशी और मथुरा का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश अब गौरव के साथ अपने लिए बड़े लक्ष्य तय कर रहा है। देश कठिन समय सीमाएं निर्धारित करता है, तो कुछ लोग कहते हैं कि इतने कम समय में ये सब कैसे होगा, होगा भी या नहीं होगा। तब मैं कहता हूं कि समय के दायरे में बंधकर भयभीत होना अब भारत को मंजूर नहीं है। उत्तराखण्ड के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि चारधाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, चारों धाम सुरक्षित हाईवे से जुड़ रहे हैं। भविष्य में यहां केदारनाथ तक श्रद्धालु केबल कार के जरिए आ सकें, इससे जुड़ी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यहां पास में ही पवित्र हेमकुंड साहिब जी भी हैं। हेमकुंड साहिब जी के दर्शन आसान हों, इसके लिए वहां भी रोप-वे बनाने की तैयारी है। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि चारधाम यात्रा आने वाले भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में यहां पिछले 100 वर्षों से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने कोरोना संक्रमण में साहस का परिचय दिया। कोरोना टीकाकरण की पहली डोज में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। ये उत्तराखंड की ताकत है, सामर्थ्य है। पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी अब उसी के काम आएगी, पलायन रुकेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री धामी को धन्यवाद भी दिया। कहा कि मुझे पूरा विश्वास है जितनी ऊंचाई पर उत्तराखंड है भविष्य में वह उतनी ही ऊंचाई हासिल करेगा।

उत्तराखण्ड के प्रति प्रधानमंत्री का है विशेष लगाव- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का हिमालय तथा यहां पर स्थित मंदिरों से विशेष लगाव रहा है। चाहे कैलाश मानसरोवर की यात्रा हो अथवा केदारपुरी में तप एवं ध्यान साधना हो, यहां की भूमि से आपने सदैव एक असीम आध्यात्मिक दिव्य ऊर्जा प्राप्त की है, जिसने आपको निरंतर भारत वर्ष के समग्र कल्याण का कार्य करने की शक्ति दी है। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म संस्कृति में आदि गुरु शंकराचार्य जी को कौन नहीं जानता। वे भारत की राष्ट्रीय एवं आध्यात्मिक चेतना के सूत्रधार थे। भारत की गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं, वेदों एवं उपनिषेदों के असीम ज्ञान के संरक्षण व संवर्धन का श्रेय आदिगुरू शंकराचार्य जी को ही जाता है। उनकी इसी महान परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य आज हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हो रहा है।

भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के इतिहास का महत्वपूर्ण अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारधाम के पुनर्निर्माण एवं आदि गुरु शंकराचार्य जी की समाधि की पुनर्स्थापना के लिए आदि गुरु जैसी ही जिजीविषा, संकल्प और धैर्य की आवश्यकता थी, जो प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में परिलक्षित होती है। आज का दिन भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी जी के निर्देशन में केदारपुरी में जहां प्रथम चरण के 225 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं वहीं 184 करोड़ के कार्य द्वितीय चरण में गतिमान है। इसके साथ ही बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के लिए जहां 245 करोड़ रूपये से अधिक स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं गंगोत्री व यमनोत्री के लिए भी करोड़ों रूपये के कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री जी जो कहते हैं, जो सोचते हैं, वही अन्तोत्गत्वा करते हैं।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सम्पूर्ण विश्व में बढ़ रहा है भारत तथा भारतीय संस्कृति का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत एवं भारतीय संस्कृति का मान, सम्मान, स्वाभिमान संपूर्ण विश्व में बढ़ रहा है तथा भारत विश्व गुरू के पद पर पुनः आरूढ़ होने के लिए तैयार हो रहा है। देश में जो कार्य कभी नामुमकिन से प्रतीत होते थे वे आज पूर्णता की ओर बढ़ रहे हैं। चाहे वो राम मंदिर का मुद्दा हो, धारा 370 का मुद्दा हो, तीन तलाक का मुद्दा हो या शक्तिशाली भारत के सम्पूर्ण विकास की बात हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धाम ने राज्य में चल रही केन्द्र की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।

राज्य के विकास में मिल रहा है केन्द्र सरकार का भरपूर सहयोग मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऐसे बहुत से काम हुए हैं, जो पहले नामुमकिन लग रहे थे। पिछले पांच वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा करीब एक लाख करोड़ रूपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिये स्वीकृत हुई है। जिनमें से बहुत सी योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और अन्य पर कार्य चल रहा है। हम पहाड़ में रेल का सपना देखते थे। मोदी जी ने इस सपने को साकार किया है। आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तथा सामरिक दृष्टि एवं भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसी प्रकार चार धाम ऑल वेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट पर भी तीव्र गति से काम किया जा रहा है। चार धाम यात्रा उत्तराखण्ड के लिए लाइफ लाईन है और ये परियोजनाएं जहां चारधाम यात्रा को सुगम बनाएंगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी वहीं हमारी अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन भी लाएगी।

प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में संचालित हो रहा सबसे बड़ा ’सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ अभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों से हम कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं। परन्तु प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने जहां एक ओर इस महामारी से डटकर मुकाबला किया है, वहीं विकास की गति को भी आगे बढ़ाया है। यह माननीय प्रधानमंत्री जी का ही नेतृत्व है कि देश में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड वैक्सीनेशन अभियान ’सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ चल रहा है। पूरी दुनिया में इसकी सराहना की जा रही है। प्रदेश सरकार ने भी सफलतापूर्वक कोविड की प्रथम डोज को लगाने का लक्ष्य समय से पूर्व ही शत प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। साथ ही दूसरी डोज भी करीब 50 प्रतिशत लोगों को लगाई जा चुकी है। कोरोना महामारी से प्रभावित पर्यटन, परिवहन, क्षेत्रों के लिये 200 करोड़ का राहत पैकेज, स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती एवं इससे जुड़े कार्मिकों को प्रोत्साहन हेतु 205 करोड़ तथा महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिये 118 करोड़ का राहत पैकेज प्रदान किया जा रहा है। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लोगों के खातों में भेजी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, जन-स्वास्थ्य, बिजली, पानी, कनेक्टिविटी, रोजगार, महिला एवं बाल विकास, खेती-किसानी, सिंचाई हर क्षेत्र में उत्तराखंड ने पिछले पांच वर्षों में अभूतपूर्व तरक्की की है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार उत्तराखंड में जो विकास कार्य कर रही है वे ’’न भूतो न भविष्यति’’ हैं। हमारी सरकार ने जहां 24 हजार सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, वहीं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा नैनो उद्यम योजना के द्वारा हम लाखों को स्वरोजगार द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर बढ रहे हैं।

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