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पौड़ी के कंडोलिया जंगल में हौले हौले उतर रहा इक अधूरा ख्वाब

-कोरोना संकट में कंडोलिया लैंडस्केप योजना ने ली अंगड़ाई
– लॉकडौन से योजना पर लग गया था ब्रेक
-अब कंडोलिया जंगल में गूंजेगी स्वर लहरियां
– स्केटिंग, योगा और जिम भी लुभाएंगे पर्यटकों को
-थियेटर और कैफेटेरिया कंडोलिया लैंडस्केप योजना की विशेष खासियत
-डीएम धीरज गर्ब्याल की पहल पर वीरान कंडोलिया को गुलजार करने की कवायद
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कोरोना आतंक के बीच उत्तराखंड के पौड़ी मुख्यालय का कंडोलिया जंगल। अक्सर सूने व वीरान कंडोलिया जंगल में काफी हलचल के साफ संकेत। इन दिनों भी कभी कोहरे, बारिश व धूप की आंख मिचौली में घिरा कंडोलिया। कभी पत्थर तोड़ने की ठक ठक तो कभी मशीनों की घर्र घर्र। कंडोलिया में एक नया ख्वाब आकार लेता नजर आया। इस ख्वाब को कंडोलिया लैंडस्केप योजना के तहत जमीन पर उतारने में जुटे जिलाधिकारी धीरज गर्ब्याल काफी उत्साहित नजर आए। कोरोना लॉकडौन ने चिंता तो जरूर बढ़ा दी लेकिन डीएम धीरज उम्मीदों से लबरेज भी दिखे।
घने जंगल वाला कंडोलिया, देवदार के विशाल दरख़्त से घिरा नजर आता है। बीच मे सीधी सपाट पतली सड़क। जिसे ठंडी सड़क भी कह सकते हैं।देवदारों के पेड़ों से छनकर आ रही धूप बमुश्किल ही सड़क पर पहुंच पाती है। कहीं-कहीं से हिमालय के विराट दर्शन भी। ये इस पहाड़ी इलाके की खास विशेषता है, खूबसूरत हिमालय दर्शन।
इसी इलाके में कमिश्नर, जिलाधिकारी समेत तमाम अधिकारियों के बंगले हैं। अंग्रेज ऐसी ही जगहों पर डेरा डालते रहे हैं। कंडोलिया देवता मन्दिर की घण्टियाँ शांत कंडोलिया की खामोशी को अक्सर तोड़ देती है। पतली सड़क के दोनों ओर देवदार से घिरे वन में लोकडौन में छूट मिलते ही अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने में मजदूर फिर से जुट गए हैं। कहीं सुरक्षा दीवार बन रही तो कहीं थियेटर की सीढ़ियां ।
अगर कोरोना त्रासदी से lockdown नही हुआ होता तो इस खूबसूरत पहाड़ी नगरी में पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों को एक बेहतरीन तोहफा मिल चुका होता। पौड़ी के कंडोलिया इलाके में करीब 2 करोड़ की लागत से एक बेहतरीन व खूबसूरत ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। इस उपेक्षित मंड़ल मुख्यालय में पर्यटकों की कम आवाजाही हमेशा से ही चिंता का मुद्दा रही है। इस पौड़ी जिले ने देश और प्रदेश को कई बड़े चेहरे दिए हैं, लेकिन मिला कुछ नही।
इस बीच, करीब 6 हजार फीट पर मौजूद कंडोलिया जंगल मे बन रहे आडिटोरियम में पर्यटकों के लिए स्केटिंग रिंग, गार्डन, वाक ट्रेक एक बहुत बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है। इसके अलावा प्राकृतिक वातावरण में योगा व जिम की पूरी सुविधाएं दी जाएंगी। ओपन एयर थियेटर में सांस्कृतिक कार्यकर्मों की धूम रहेगी। नाटक, गायन समेत अन्य विधा से जुड़े कलाकार अपने हुनर को दिखा सकेंगे। पर्यटकों को वाटर फाल्स, तालाब, फव्वारे भी कंडोलिया जंगल में दिखेंगे। कैफेटेरिया भी कंडोलिया लैंडस्केप योजना का अहम हिस्सा होगा।
इधर, कोरोना संकट से आई परेशानी के बावजूद जिलाधिकारी धीरज गर्ब्याल मुतमईन है कि सब ठीक होगा। गर्ब्याल कहते हैं कि ये कार्य मई तक पूरा हो जाना था लेकिन कोरोना लॉकडौन के कारण विलम्ब हो गया। लेकिन हम सभी कंडोलिया लैंडस्केप योजना के तहत इस बहुआयामी नैसर्गिक सांस्कृतिक प्लेटफार्म को जल्द तैयार कर लेंगे। पर्यटकों को कंडोलिया के जंगल में आकर सुखद अनुभूति होगी।

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