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कारगिल विजय दिवस- सरकार, उत्तराखण्ड के शहीद परिवारों के साथ, दून में बनेगा पांचवा सैन्य धाम


कारगिल में उत्तराखंड के 75 जवानों ने दी थी शहादत, 37 को मिला था वीरता पदक

शहीद धाम को भूली राज्य सरकार-सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस


पदक अलंकृत सैनिकों की अनुमन्य राशि में बढ़ोत्तरी


अविकल उत्तराखंड ब्यूरो


देहरादून।
कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गांधी पार्क में शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने  भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य को नमन करते हुए  कहा कि उत्तराखण्ड में सैनिकों की वीरता व बलिदान की लम्बी परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के खत्म होते ही शहीदों की याद में सहस्त्रधारा के निकट पांचवा धाम, सैन्य धाम का काम शुरू किया जाएगा। जमीन का चयन कर लिया गया है।


कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। इस युद्ध में वीर भूमि उत्तराखंड के 37 जवानों को वीरता पदक भी मिले। 75 जवान शहीद हुए।  


     
      मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत सैनिकों को अनुमन्य राशि में कई गुना बढ़ोतरी की है। परम विशिष्ट सेवा मेडल पर 15 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपए, अति विशिष्ट सेवा मेडल पर अनुमन्य एकमुश्त राशि को 7 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार किया गया है।


सेना मेडल पर राशि पहले अनुमन्य नहीं थी। अब इसके लिए 1 लाख रुपये की राशि अनुमन्य है। विशिष्ट सेवा मेडल में एकमुश्त अनुमन्य राशि को 3 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रूपए किया गया है। हमने द्वितीय विश्वयुद्ध पेंशन को भी दो गुना किया है। इसे 4 हजार प्रतिमाह से बढ़ाकर 8 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है।
पूर्व सैनिकों/वीरांगनाओं और उनके आश्रितों को स्वावलम्बी बनाने के लिए सभी जिलों में कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र शौर्य दिवस पर पांचवें धाम की घोषणा करते हुए

पूर्व सैनिक के आश्रितों को प्रान्तीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रतिभाग करने पर प्रोत्साहन अनुदान दिया जा रहा है।
सैनिक कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे केंद्रों से भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के सेना, अर्द्धसैनिक बल और राज्य पुलिस बल में भर्ती होने पर 20 हजार की धनराशि पुरस्कार के रूप  में प्रदान की जाती है।

कारगिल शहीदों की याद में अंकित पुरम व शाम्भवी लोक में पौधरोपण
शहीद धाम की स्थापना को भूली सरकार-धस्माना
देहरादून: “शहीदों की चिंताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पे मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा ” यह शेर आज कोरोना काल में जब फलीभूत होना संभव नहीं है तो हमारा फ़र्ज़ है कि शहीदों की यादों को अक्षणु रखने के लिए उनकी स्मृति में पौधे रोपे जो आने वाली पीढ़ियों को देश प्रेम और देश पर कुर्बान होने की प्रेरणा देते रहें यह बात आज जीएमएस रोड अंकित पुरम व शाम्भवी लोक कॉलोनियों में कारगिल शहीदों की स्मृति में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि देश के शहीद अमर होते हैं और उनकी स्मृतियां पूरे देश की धरोहर होती हैं न की किसी पार्टी या धर्म या जाति विशेष की । उन्होंने कहा कि 2019 के लोक सभा चुनावों में उत्तराखंड में सैन्य धाम बनाने की बात हुई थी जिसे फिलहाल भुला दिया गया है और फिर 2022 या 2024 में चुनावों के वक्त वो फिर याद आ जाये। कारगिल शहीदों को नमन करते हुए श्री धस्माना ने कहा कि 1999 के वो दिन आज भी स्मृतियों में जब ताज़ा होते हैं जब उत्तराखंड में पहला शव शहीद मेख गुरुंग का देहरादून पहुंचा था और उसके बाद एक के बाद एक देहरादून में ही दो दर्जन शहीदों के शव आये थे तो शरीर के रौंगटे खड़े हो जाते हैं । कार्यक्रम में पौधरोपण के साथ श्री धस्माना ने सभी कालोनी वासियों को देवभूमि मानव संसाधन विकास ट्रस्ट की ओर से मास्क ग्लव्स व सैनिटाइजर भेंट किये। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रख कर कारगिल शहीद समेत देश के सभी महान शहीदों को श्राद्धाजंलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर श्री देवेंद्र अरोड़ा, श्री संजीव शर्मा एडवोकेट,श्री कैलाश जोशी,श्री नरेश गौर, श्री आनंद रावत, डॉक्टर रोहित अरोड़ा, श्रीमती आराधना गुरुंग ,श्री आर के पांडे डॉक्टर मयंक बडोला श्री अनुज दत्त शर्मा आदि उपस्थित रहे।

एन.डी.ए., आई.एम.ए., ओ.टी.ए., एयर फोर्स अकादमी, नेवल अकादमी, सिविल सेवा, पी.सी.एस., एम.बी.बी.एस., आई.आई.टी., आई.आई.एम. में चयन होने पर उत्तराखण्ड के निवासी पूर्व सैनिक आश्रितों को कोचिंग व्यय की प्रतिपूर्ति की जाती है।

कारगिल शहीदों की याद में पौधा रोपण करते कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना


      मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि पूर्व सैनिकों द्वारा पुनर्वास हेतु लिए गए ऋण पर अनुदान में वृद्धि की है। 5 लाख रुपये तक के ऋण पर 10 प्रतिशत और 5 से 10 लाख तक के ऋण पर 5 प्रतिशत या अधिकतम 75 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।

वीडियो-शौर्य स्थल, देहरादून में मुख्यमंत्री, विधायक, सैन्य अधिकारी शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए


पूर्णतया दिव्यांग पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के चलाए जा रहे शिक्षण केंद्रों को प्रति वर्ष दी जाने वाली राशि को 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख कर दिया गया है। पूर्व सैनिकों के दैवीय आपदा में आवास क्षतिग्रस्त होने पर अनुदान की राशि को भी 30 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए किया गया है।
      इस अवसर पर विधायक हरवंश कपूर, गणेश जोशी, खजान दास, विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव एवं सैन्य अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी।


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कारगिल शहीद नागा रेजीमेंट के नायक स्व. श्री देवेन्द्र सिंह रावत के कौलागढ़ स्थित आवास पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किये।

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