कांग्रेस ने धरना दिया,महाराज ने किया दौरा
विपक्ष ने कहा, मंत्री महाराज के साथ धन सिंह भी इस्तीफा दें
मंत्री महाराज ने पुल को बताया सुरक्षित
टौंस नदी पुल के एप्रोच मार्ग के धंसने पर महाभारत
कांग्रेस ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल
अविकल थपलियाल
देहरादून। चुनावी साल में तकनीकी विवि के पेपर लीक के बाद दून के एक अहम पुल के लीकेज पर राजनीतिक जंग तेज हो गयी है। लोनिवि ने कहा कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है सिर्फ एप्रोच रोड धंसी है।
कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए क्षतिग्रस्त पुल के समीप धरना दे भ्र्ष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार को प्रेमनगर (नंदा की चौकी) के निकट टौंस नदी पर बने नए पुल के एप्रोच मार्ग का एक हिस्सा भारी बारिश के बाद धंसने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
जहां लोक निर्माण विभाग और सरकार ने पुल के मुख्य ढांचे को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए शीघ्र मरम्मत कर यातायात बहाल करने का दावा किया है, वहीं कांग्रेस नेताओं ने मौके पर धरना देकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने मौके पर पहुंचकर घटना का संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुल का मुख्य संरचनात्मक ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और क्षति केवल एप्रोच मार्ग तक सीमित है। उनके अनुसार, रिटर्न वॉल के पास किए गए मिट्टी भरान के भीतर पानी के रिसाव के कारण एप्रोच मार्ग के नीचे खाली स्थान बन गया, जिससे सड़क का हिस्सा धंस गया।
महाराज ने बताया कि इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सचिव और प्रमुख अभियंता को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मौके पर बुलडोजर और विभागीय टीमें गड्ढे को भरने तथा मार्ग को सुचारू करने के कार्य में जुटी हुई हैं। मरम्मत कार्य पूरा होते ही पुल को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
उधर, पुल के एप्रोच मार्ग के धंसने के विरोध में कांग्रेस नेताओं और स्थानीय लोगों ने प्रेमनगर में धरना-प्रदर्शन किया। धरने में सूर्यकांत धस्माना के साथ सुमित खन्ना, संग्राम सिंह पुंडीर, जितेंद्र तनेजा, खुशबू गुरुंग, सुशीला शर्मा, सोनू भाई, लक्की राणा, आकाश बिरला और वीरेश शर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने पुल निर्माण में हुई कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार की जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सार्वजनिक परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही तकनीकी विवि की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ था। निजी शिवालिक इंजीनियरिंग कालेज के सहायक प्रोफेसर आशीष गुप्ता को गिरफ्तार किया था। तकनीकी विवि प्रशासन ने नियमों के विरुद्ध निजी कालेज के प्रोफेसर से प्रश्न पत्र बनवाया था।
कांग्रेस ने तकनीकी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत और महाराज से इस्तीफा मांगा है।



