महिला अपराधों को लेकर सरकार पर हमलावर कांग्रेस
प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने चंपावत सामूहिक दुष्कर्म कांड और प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देहरादून में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार का पुतला दहन किया, जबकि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को आक्रोश पत्र सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। गैंगरेप कांड को लेकर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन हुए।
इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें एक भाजपा नेता है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर अंकुश नहीं लगा तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी।
कैंट विधानसभा क्षेत्र के यमुना कॉलोनी चौक, चकराता रोड पर युवा कांग्रेस नेता रितेश छेत्री के संयोजन में आयोजित प्रदर्शन में महिला अपराधों और चंपावत की सामूहिक दुष्कर्म घटना के विरोध में राज्य सरकार का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान “मुख्यमंत्री इस्तीफा दो” और “बहन-बेटियों पर अत्याचार नहीं सहेंगे” जैसे नारे लगाए गए।

प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। रितेश छेत्री ने कहा कि देवभूमि एक बार फिर शर्मसार हुई है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक न्याय नहीं मिला और अब मुख्यमंत्री की विधानसभा चंपावत में नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि चंपावत की घटना ने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोगों के नाम लगातार गंभीर अपराधों में सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा करने में विफल मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही भाजपा की महिला नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
इस दौरान पीयूष जोशी, माही जेटली, राजीव प्रजापति, पिया थापा, कासिम चौधरी, प्रियांशु गौड़, वंश सूद और रहमान समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन को आक्रोश पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोपियों की गिरफ्तारी, कठोर कार्रवाई और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता राज्यपाल और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और कई मामलों में भाजपा पदाधिकारियों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरती, जिससे अपराधियों को राहत मिली।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच कर रही एजेंसियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के बीच भय का माहौल बना हुआ है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

