12 से 14 जून तक प्रदर्शनी, जनकल्याण शिविर, प्रेस वार्ता और संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के उपलक्ष्य में उत्तराखंड में 12 से 14 जून तक विभिन्न जनसंपर्क, जनजागरूकता एवं जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी व्यापक रूप से जनता तक पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में उपलब्धि प्रदर्शनी (अचीवमेंट एग्जीबिशन) आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी में केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास परियोजनाओं, जनहितकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि आमजन सरकार की विकास यात्रा से अवगत हो सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जनकल्याण शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, लखपति दीदी समेत विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया जाएगा। साथ ही पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जून को सभी जनपदों में जिला स्तरीय प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रेस वार्ताओं के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित तथ्यपरक एवं जनोपयोगी प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश भी दिए। यह प्रस्तुतीकरण विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों और विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद स्थापित करेंगे तथा सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी साझा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, जनकल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन व्यापक जनसहभागिता, समन्वय और प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ सुनिश्चित किया जाए।



