सीबीआई से बोले पिता,पुलकित के मोबाइल की कॉल डिटेल निकालो

सीबीआई जांच और दुष्यंत गौतम की ताजपोशी से उबला उत्तराखंड

कांग्रेस का मौन उपवास

पिता बोले- चुनाव से पहले जांच पूरी नहीं करना चाहती सरकार

अविकल थपलियाल

देहरादून/पौड़ी। आठ महीने बाद अंकिता भंडारी के पिता से सीबीआई अधिकारियों की पूछताछ और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के बाद यह चर्चित मसला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। चुनावी बेला में विपक्ष ने इस मुद्दे पर भाजपा पर हमले की गति को भी बढ़ा दिया है।

गौरतलब है कि सीबीआई ने बीते 9 अक्टूबर को अंकिता के माता-पिता से उनके गांव डोभ श्रीकोट में कई घण्टे तक पूछताछ की। सीएम धामी ने फरवरी 2026 में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी।

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ने चार साल बाद एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियां बटोर ली हैं। दो बड़े घटनाक्रमों ने इस मामले को चुनावी साल में सियासी केंद्र में ला दिया है। पहला, आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद CBI का अंकिता के पिता से पूछताछ के लिए घर पहुंचना और दूसरा, मामले में VIP के तौर पर नाम उछले पूर्व भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम का सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त होना।
अब चुनाव से पहले क्या सीबीआई किसी नतीजे पर पहुंचती है। क्या सीबीआई के हाथ वीआईपी के गिरेबां तक पहुंचेंगे?चुनाव से पहले इन सवालों पर छाई धुंध के हटने के बाद ही राजनीति का ऊंट एक बार फिर नयी करवट बैठेगा।

अंकिता के पिता ने एक बार फिर पुलकित आर्य के मोबाइल की जांच व नार्को टेस्ट समेत कई मामले उठाकर तीखे आरोप लगाए। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने पूर्व भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने पर कांग्रेस ने मंगलवार को गांधी पार्क में मौन उपवास किया।
इधऱ, उर्मिला सनावर ने भी अंकिता भंडारी को न्याय देने की मांग की। पूर्व सीएम हरीश रावत व वामपंथी नेता इंद्रेश मैखुरी ने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने पर तीखे प्रहार किए।

कुल मिलाकर विपक्षी दल व सामाजिक संगठनों ने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने पर सड़क पर उतरना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस का मौन उपवास, बोली- जनता की भावनाओं पर चोट

दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध में कांग्रेस ने सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून के गांधी पार्क में गांधी प्रतिमा के समक्ष एक घंटे का प्रतीकात्मक मौन उपवास किया।

गोदियाल ने कहा, “अंकिता भंडारी हत्याकांड में अंकिता के माता-पिता द्वारा स्पष्ट रूप से VIP के तौर पर नामजद व्यक्ति को राज्यपाल बनाना उत्तराखंड की आम जनता की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाने जैसा है।”

उन्होंने CBI जांच पर भी गंभीर सवाल उठाए। गोदियाल ने आरोप लगाया, “CBI जांच एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी है और नामजद आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई FIR तक दर्ज नहीं की गई है। ऐसे में इस तरह के व्यक्ति को राज्यपाल पद पर नियुक्त करना बेहद आपत्तिजनक है।”

उधर, अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहीं सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला सनावर ने भी अंकिता को न्याय देने की मांग को दोहराया है।

पिता वीरेंद्र भंडारी के तीखे आरोप: सोची-समझी चाल है

इस पूरे मामले में सबसे तीखी प्रतिक्रिया अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी की ओर से आई है। उन्होंने CBI की कार्यशैली और सरकार की मंशा दोनों पर सवाल खड़े किए।

वीरेंद्र भंडारी ने कहा, “बेटी की हत्या में VIP की मुख्य भूमिका है। जनवरी में CBI जांच मांगी, अब 9-10 अक्टूबर को जांच शुरू करना सोची-समझी चाल है।”

उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार 2027 चुनाव से पहले जांच पूरी नहीं करना चाहती, ताकि चुनाव में जांच का श्रेय ले सके। 47 गवाहों के बयान हो चुके, फिर पूछताछ क्यों, क्या समय बिताया जा रहा है?”

अपनी आपबीती सुनाते हुए वीरेंद्र भंडारी ने बताया, आठ महीने बीत जाने के बाद भी CBI का कोई अता-पता नहीं था और शुक्रवार 9 अक्टूबर को CBI के दो लोग दिल्ली से आए।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने सबसे पहला सवाल किया कि सर जो आपने CBI की जांच करनी है वो आपके साथ सुप्रीम कोर्ट के जज हैं कि नहीं? तो उन्होंने मना किया। उसके बाद मैंने कहा कि आप वही गांवों पर आधारित बयान रिपीट कर रहे हैं। मैंने उनको बार-बार कहा कि आप वहां जाइए ना जो सोशल मीडिया पर नवंबर-दिसंबर में घपला हुआ था।”

उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के वीडियो का हवाला

वीरेंद्र भंडारी ने उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर के वायरल वीडियो का हवाला देते हुए बड़ी मांगें रखीं।

उन्होंने कहा, “सुरेश राठौर कह रहा है कि अंकिता भंडारी का जो मर्डर हुआ, आपको पता है कि VIP कौन थे? वो साफ-साफ कह रहे हैं कि अजय कुमार, दुष्यंत कुमार गौतम उसके VIP थे और उन्होंने यहां मार दिया उसको और सरकार उनको तो बचा देगी, सरकार उनका कुछ नहीं बिगाड़ेगी।”

वीरेंद्र ने कहा, “उर्मिला सनावर जो कि सुरेश राठौड़ की पत्नी है, जो कि नवंबर-दिसंबर 2025 में ये दोनों घूमने गए थे और सुरेश राठौड़ कह रहा है कि अंकिता भंडारी का VIP अजय कुमार और दुष्यंत कुमार गौतम है जिसकी ऑडियो-वीडियो उर्मिला सनावर ने बनाई हुई है जिसमें कि सुरेश राठौड़ कह रहा है कि उत्तराखंड सरकार दुष्यंत कुमार गौतम के हाथ में है।”

पिता ने CBI के सामने अपनी मांगें स्पष्ट तौर पर रखीं

उन्होंने कहा, “मैं CBI से कहना चाहता हूं कि सैंतालीस गांवों के बयान कोटद्वार कोर्ट में हो चुके हैं तो आप उन्हें दोबारा परेशान क्यों कर रहे हैं? मैं CBI को कहना चाहता हूं कि सबसे पहले आप आरोपी पुलकित आर्य के फोन की अठारह व उन्नीस सितंबर 2022 तक की कॉल डिटेल निकालो।”

वीरेंद्र भंडारी ने मांग की, “वंतरा रिजॉर्ट को तोड़ने के लिए किसने आदेश दिया था तथा बाईस सितंबर, तेईस सितंबर 2022 को सुबह आठ बजे से की कॉल डिटेल निकाली जाए। 18 से 24 सितंबर तक अजय कुमार और दुष्यंत कुमार गौतम के दोनों के फोनों की लोकेशन निकाली जाए।”

उन्होंने आगे कहा, “उर्मिला सनावर और उनके पति के बयान दर्ज करवाए जाएं। सुरेश राठौड़ का नार्को टेस्ट किया जाए। विधायक रेणु बिष्ट के बयान कोर्ट में दर्ज हों। मैंने रेणु बिष्ट के बयान वहां कोर्ट में लेने की कोशिश की लेकिन सरकार ने पूरा दबाव डाल रखा था कोर्ट में।”

सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, “सरकार से मेरी गुजारिश है कि उर्मिला सनावर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और विशेषकर वो आरती गौड़ पर भी बयान लिए जाएं क्योंकि वो भी ज्यादा बयानबाजी कर रही है और उसका भी कॉल डिटेल निकाली जाए।”

उन्होंने कहा कि SIT ने जानबूझकर कॉल डिटेल नहीं निकाली क्योंकि पुलकित आर्य ने उस दिन VIP लोगों कई लोगों से बात की होगी। उसका तो नया फोन जमा हुआ जब उन्नीस तारीख को उसने नया फोन लिया। पुराना फोन तो जमा हुआ ही नहीं।”

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