सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए उद्योग, शिक्षा व वैज्ञानिक समुदाय मिलकर करेंगे काम
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। विज्ञान भारती से संबद्ध नीड मिशन की वार्षिक साधारण बैठक में देशभर के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में इस वर्ष ‘नेट जीरो उत्सर्जन’ के लक्ष्य को प्रमुख कार्यक्षेत्र बनाने और इस दिशा में उद्योग, शिक्षण संस्थानों तथा वैज्ञानिक समुदाय के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। उत्तराखंड के प्रतिनिधियों ने भी प्रदेश में संचालित गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया और आगामी कार्यक्रमों के लिए सुझाव दिए।
नीड मिशन की वार्षिक बैठक में देशभर के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
विज्ञान भारती (VIBHA) के आयाम नीड मिशन (NEED Mission) की वार्षिक साधारण बैठक (एजीएम) का आयोजन किया गया। बैठक में देश के विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योगपतियों ने भाग लिया।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिव कुमार शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री प्रवीण रामदास उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नीड मिशन की चेयरपर्सन एवं उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने की। उन्होंने मिशन की गतिविधियों, भावी कार्ययोजना और आगामी रणनीतियों की जानकारी दी।
बैठक में विभिन्न प्रांतों के अध्यक्षों और सह-संयोजकों ने अपने-अपने राज्यों में बीते वर्ष संचालित गतिविधियों और कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही भविष्य की योजनाओं और कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया।
उत्तराखंड के कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया
बैठक में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व नीड मिशन के प्रांतीय संयोजक प्रोफेसर कमल पांडे और सह-संयोजक डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने किया। दोनों ने प्रदेश में मिशन के तहत किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
इस दौरान उत्तराखंड में सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में किए जाने वाले कार्यों पर भी चर्चा हुई। उत्तराखंड प्रांत के सचिव नरेंद्र सिंह के योगदान के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया।
‘नेट जीरो उत्सर्जन’ पर रहेगा विशेष फोकस
नीड मिशन ने इस वर्ष ‘नेट जीरो उत्सर्जन’ (शुद्ध शून्य उत्सर्जन) के लक्ष्य को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इस दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के सहयोग से पहले ही एक सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है।
बैठक में इस पहल को देशभर में व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके तहत उद्योग जगत, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों और विज्ञान भारती के वैज्ञानिक समुदाय को एक मंच पर लाकर समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया।
बैठक का उद्देश्य वैज्ञानिक ज्ञान और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से सतत विकास को प्रोत्साहित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी पहल को आगे बढ़ाना रहा।




