बिना प्रतिस्थानी के कार्यमुक्त होने पर होगा बवाल
समिति ने डीएम को भेजा ईमेल
विकासखंड स्तर से हो शिक्षकों की नियुक्ति
अविकल उत्तराखंड
पिथौरागढ़। हिमालय बचाओ संघर्ष समिति ने सोमवार को ईमेल से जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई को ज्ञापन भेजकर सीमांत विकासखंड मुनस्यारी तथा धारचूला की बदहाल शिक्षा व्यवस्था का मामला उठाया। उन्होंने सीमांत क्षेत्र के विद्यालयों से बिना प्रतिस्थानी के एक भी शिक्षक कार्यमुक्त नहीं करने की मांग की।
डीएम के माध्यम से सरकार को सुझाव दिया कि रिक्त पदो पर नियुक्ति के लिए विकास खंड स्तर से विज्ञप्ति जारी कर तैनाती की जाए।
चीन तथा नेपाल की सीमा से लगे विकास खंड मुनस्यारी तथा धारचूला में शिक्षको के सैकड़ो पद रिक्त है। हर वर्ष स्थानांतरण में शिक्षक तो चले जाते है, उसके बदले एक भी शिक्षक नहीं आता। इस कारण सीमांत के प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट कालेज शिक्षक विहिन होने की स्थिति में है।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने कहा कि बिना प्रतिस्थानी के एक भी शिक्षक को कार्यमुक्त ना किया जाए। डीएम से मांग किया कि इसके लिए तत्काल प्रभाव से मुख्य शिक्षा अधिकारी पिथौरागढ़ को स्पष्ट आदेश जारी करके सीमांत के बच्चों के साथ न्याय किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदो पर नियुक्ति के लिए उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार विकास खंड स्तर पर रिक्त-स्थान के आधार पर विज्ञप्ति प्रकाशित कर 15 दिन के भीतर शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। इसके लिए डीएम से से राज्य शासन तथा सरकार को आज ही प्रस्ताव भेजकर इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। कहा कि राज्य स्तर पर होने वाली नियुक्तियों में सीमांत के विद्यालयों को शिक्षक नहीं मिल पाते है।
दूसरा काउंसलिंग के आधार पर की जा रही नियुक्तियों के कारण भी सीमांत तथा दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षक नहीं आ पा रहे है।
इसलिए विकासखंड स्तर से नियुक्ति होनी चाहिए ताकि सीमांत क्षेत्र के विद्यालयों को पर्याप्त संख्या में शिक्षक मिल सके।
उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन की कापी भेजते हुए जिलाधिकारी का आदेश आने तक बिना जिलाधिकारी के अनुमोदन के किसी भी शिक्षक को उक्त विकास खंडों से कार्यमुक्त नहीं करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि ज्ञापन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सीमांत की जनता के पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा।



