डीएम की फोन वार्ता रिकॉर्ड कर प्रसारित करने पर नोटिस जारी

देखें वीडियो, एसडीएम के नृत्य पर डीएम का लिया था बयान

रिकॉर्डिंग की अनुमति और प्रसारण से जुड़े बिंदुओं पर मांगा स्पष्टीकरण

सात दिन में जवाब तलब

नैनीताल। डीएम ललित मोहन रयाल से दूरभाष वार्ता की बिना पूर्वानुमति रिकॉर्डिंग कर सार्वजनिक प्रसारण करने पर जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यूज़ पोर्टल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। और सात दिन के अंदर जवाब मांगा है।

मिली जानकारी के मुताबिक रामनगर में 22 अगस्त को आयोजित जनपद स्तरीय सरस मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जौनसारी संस्कृति के पारंपरिक नाटी नृत्य में उप जिलाधिकारी, रामनगर द्वारा मंच पर कलाकारों के साथ नृत्य किया था।

इस संबंध में रोहित गोस्वामी (निवासी बम्बाघेर मोती महल, हेड लाइन न्यूज पोर्टल, रामनगर) द्वारा जिलाधिकारी, नैनीताल से दूरभाष पर संपर्क कर यह जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया कि उक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग किए जाने के संबंध में शासकीय आचरण नियमों / प्रचलित प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत किसी प्रकार की कार्रवाई का प्रश्न उत्पन्न होता है अथवा नहीं।

प्रकरण में यह तथ्य संज्ञान में आया है कि उक्त दूरभाष वार्ता को बिना पूर्व सूचना / अनुमति / सहमति के रिकॉर्ड किया गया। और उक्त रिकॉर्डिंग के अंश / सामग्री को न्यूज लाइन पोर्टल अथवा अन्य माध्यम से समाचार / वीडियो के रूप में सार्वजनिक किया गया।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी नैनीताल के प्रतिनिधि के रूप में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौ.) नैनीताल द्वारा संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस द्वारा-तहसीलदार, रामनगर के माध्यम से तामील कराया गया है।

नोटिस में 6 बिंदुओं पर स्पष्ट, तथ्यात्मक एवं प्रमाण सहित लिखित स्पष्टीकरण 7 दिन के भीतर मांगा गया है।

नोटिस में पूछा गया है कि-
क्या जिलाधिकारी के साथ हुई उक्त वार्ता आपके द्वारा अथवा आपके संस्थान / पोर्टल की ओर से रिकॉर्ड की गई थी? यदि हाँ तो किस व्यक्ति द्वारा, किस उपकरण / माध्यम से तथा किस उद्देश्य से?

क्या वार्ता रिकॉर्ड किए जाने से पूर्व जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दी गई थी अथवा उनकी अनुमति / सहमति प्राप्त की गई थी? यदि हाँ तो प्रमाण उपलब्ध कराया जाए। यदि नहीं तो आधार, उद्देश्य एवं औचित्य स्पष्ट किया जाए।

उक्त रिकॉर्डिंग को समाचार / वीडियो के रूप में सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया? निर्णय लेने वाले व्यक्ति का नाम, पदनाम एवं संस्थागत दायित्व स्पष्ट किया जाए।

उक्त सामग्री के प्रकाशन / प्रसारण से पूर्व क्या जिलाधिकारी द्वारा व्यक्त कथन का पूर्ण संदर्भ एवं मूल वार्ता के संदर्भ में सत्यापन किया गया था? यदि हाँ तो सत्यापन प्रक्रिया का विवरण उपलब्ध कराया जाए।

उक्त रिकॉर्डिंग / वीडियो / समाचार को किन-किन माध्यमों अथवा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया? प्रत्येक माध्यम के संबंध में प्रकाशन / प्रसारण की दिनांक, समय, शीर्षक तथा लिंक / प्रति प्रस्तुत की जाए।

बिना पूर्व सूचना अथवा अनुमति के किसी लोक सेवक के साथ हुई दूरभाष वार्ता की रिकॉर्डिंग एवं उसके सार्वजनिक प्रसारण के संबंध में न्यूज लाइन पोर्टल की संपादकीय नीति, आंतरिक प्रक्रिया एवं प्रचलित मानक क्या हैं? इस प्रकरण में उक्त नीति / प्रक्रिया का किस प्रकार अनुपालन किया गया? यदि आपके द्वारा यह माना जाता है कि उक्त वार्ता की रिकॉर्डिंग एवं उसका प्रसारण विधिसम्मत, उचित एवं पत्रकारिता के स्थापित मानकों के अनुरूप था, तो उसके समर्थन में तथ्य, दस्तावेज, संपादकीय औचित्य एवं अन्य संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि 7 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त न होने अथवा प्रस्तुत स्पष्टीकरण / अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत वह संतोषजनक न पाए जाने की स्थिति में उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के आधार पर प्रकरण को जिलाधिकारी महोदय नैनीताल के समक्ष प्रस्तुत कर विधि एवं प्रचलित नियमों के अनुसार अग्रिम कार्रवाई के संबंध में निर्णय हेतु आवश्यक संस्तुति की जाएगी।

यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान नोटिस का उद्देश्य किसी वैध पत्रकारिता, समाचार संकलन, जनहित संबंधी सूचना के प्रकाशन अथवा विधि द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति के अधिकार को प्रतिबंधित करना नहीं है।

यह नोटिस केवल जिलाधिकारी के साथ हुई उक्त दूरभाष वार्ता की रिकॉर्डिंग, उसके स्रोत, अनुमति / पूर्व सूचना की स्थिति, संपादन एवं सार्वजनिक प्रसारण से संबंधित तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने तथा संबंधित व्यक्तियों / मीडिया संस्थान को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का समुचित अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से जारी किया जा रहा है।

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