भराड़ीसैंण सत्र की कार्यवाही चली मात्र डेढ़ दिन
कांग्रेस ने कई मुद्दों पर की नारेबाजी
अविकल थपलियाल
भराड़ीसैंण। विधानसभा चुनाव से पहले व धामी सरकार के आखिरी विधानसभा सत्र में विपक्ष के जारी हंगामे में सरकार ने सात हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट बिना चर्चा के पास किया।
हंगामे का लाभ उठाते हुए कई विधेयकों को भी पारित किया गया। और दोपहर लगभग 1 बजकर 10 मिनट पर वंदे मातरम व जन गण मन के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।

बुधवार की सुबह सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सदस्यों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस के सभी विधायक
चंदा चोरी, भ्र्ष्टाचार, अंकिता भंडारी केस, लचर कानून व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा । हंगामे के कारण स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित की।

इस दौरान प्रश्नकाल में एक ही सवाल और नियम 58 की कुछ सूचनाएं ग्राह्य की गई।नियम 58 के तहत शहजाद की सूचना पर मंत्री सुबोध उनियाल ने हरिद्वार जिले में भू कटाव पर उठाये कदमों की जानकारी दी।

स्पीकर ने कोटद्वार-लैंसडौन वन प्रभाग में मानव वन्य जीव सँघर्ष में घायल पीड़ितों को एक महीने के अंदर लंबित भुगतान करने के निर्देश दिए।

जारी हंगामे के बीच सरकार ने 7044 करोड़ के अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से पास किया।साथ ही बिना चर्चा के विधेयक भी पारित कर लिए।
सदन की कार्यवाही से पूर्व कांग्रेस विधायकों ने विधानभवन की सीढ़ियों पर जोरदार नारेबाजी कर सरकार पर प्रहार किए।
वेल में कांग्रेस के प्रमुख नारे
210 का झुमका कहाँ गिरा। भृष्ट मंत्री को बर्खास्त करो
Mbbs सीटों का घोटाला बन्द करो
बंटी बबली की सरकार
विपक्ष की आवाज सुनना शुरू करो
अंकिता हम शर्मिंदा हैं …
नकल माफिया पर कार्यवाही करो




