अविकल उत्त्तराखण्ड
हरिद्वार।
…जैसे जैसे कुम्भ की तारीख करीब आती जा रही है वैसे वैसे केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का गुस्सा सतह पर फूट रहा है।मंगलवार को तो मंत्री निशंक इतने आवेश व आक्रोश में थे कि अपने सहयोगी केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को भी एकबारगी अपनी नाराजगी दिखा गए।

हालांकि, निशंक को लगा कि वह विभागीय सचिव अनीता से बात कर रहे हैं। जबकि फोन लगाने वाले ने मंत्री गंगवार को फोन लगा दिया था।
गलतफहमी का पता चलते ही निशंक ने विभागीय सचिव अनीता को निर्देश देने के बाद गंगवार से फिर बात कर उपजी गलतफहमी को दूर भी कर दिया। गंगवार को भाई साहब संबोधित करते हुए निशंक लापरवाह अधिकारियों को तुरंत हटाने के लिए भी कहते रहे। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी निशंक ने कुम्भ कार्यों को लेकर जमकर गुस्सा किया था।
मंगलवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण कक्ष (सीटीआर) के सभागार में केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कई मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। अधिकारियों को हड़काया। सभागार में विधायक आदेश चौहान, डीएम रविशंकर, मेलाधिकारी दीपक रावत व पुलिस अधिकारी संजय गुंज्याल मौजूद थे।
निशंक हरिद्वार में बनने वाले ईएसआई अस्पताल के निर्माण में देरी को लेकर भी खासे नाराज दिखे।
चार साल से लटके 100 करोड़ की लागत से बनने वाले ईएसआई अस्पताल के मुद्दे पर शासन के अधिकारी मुरुगेशन का जवाब तलब किया। जानकारी लेने के बाद केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार व विभागीय सचिव अनीता से भी थोड़ा तल्ख लहजे में अपनी बात रखी। और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कह डाली। दरअसल, ईएसआई अस्पताल के लिए सिडकुल ने पहले पांच एकड़ जमीन दी थी । बाद में सिडकुल प्रबन्धन को लगा कि जमीन ज्यादा दे दी गयी है, लिहाजा 2 एकड़ जमीन वापस लेने की कार्रवाई शुरू की। इसी पेंच के कारण ईएसआई अस्पताल का काम तक शुरू नहीं हुआ।
बैठक में कुम्भ कार्यों को लेकर भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री खासे तेवर में नजर आए। हर की पैड़ी व नमामि गंगे के मुद्दे पर अधिकारियों को खरी खोटी सुनाने से नही चूके। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामलों को लेकर भी तल्ख तेवर दिखाए। केंद्रीय मंत्री निशंक के आवेश व आक्रोश देखकर अधिकारी भी सहमे सहमे नजर आए। निशंक के इन तेवरों से अधिकारी सकते में नजर आए। हालांकि,सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, मंत्री मदन कौशिक व अधिकारी कमोबेश हर दूसरे दिन कुम्भ कार्यों की प्रगति व समीक्षा कर रहे हैं। जबकि हरिद्वार के सांसद व मंत्री निशंक अपने संसदीय इलाके को लेकर खासे चिंतित व आवेश में दिख रहे हैं।




