मुख्यमंत्री धामी ने दिए दारोगा भर्ती की विजिलेंस जांच के आदेश

सचिवालय रक्षक भर्ती मामले में एसटीएफ ने शनिवार को प्रदीप पाल (निवासी बाराबंकी उत्तर प्रदेश) को साक्ष्य व गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया ।

पेन ड्राइव से चुराया था सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र


उत्तराखंड यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामला:अब तक 26 गिरफ्तार

उत्तराखंड की विधानसभा में बैकडोर से तदर्थ नियुक्त हुए 72 कर्मियों की सूची को लेकर भी बवाल कट गया है। प्रेमचंद अग्रवाल के समय हुई नियुक्तियों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। लिहाजा, पूर्व विधानसभाध्यक्ष रहे गोविंद कुंजवाल के समय 2012 -2017 के बीच 150 से अधिक नियुक्तियों की भी जांच की मांग तेज हो गयी है। इन नियुक्तियों में कई नेताओं, प्रभावशाली व पत्रकारों के परिजन बताए जा रहे हैं। पैसे के भी खुले लेनदेन की चर्चा भी बहुत गर्म है। अब सभी की निगाहें सीएम धामी के कदम पर टिकी है…. देखें नीचे सूची

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2015-16 में पुलिस में 339 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने समाचार एजेंसी एएएनआई को बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले में एसटीएफ द्वारा आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि इंस्पेक्टरांे की भर्ती में कुछ गड़बड़ी हुई थी।


उन्होंने कहा कि यह तथ्य सामने आने के बाद उन्होने सरार से स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच कराने की सिफारिश की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

सचिवालय रक्षक भर्ती मामले में एसटीएफ ने प्रदीप पाल को दबोचा

देहरादून। सचिवालय रक्षक भर्ती मामले में एसटीएफ ने प्रदीप पाल (निवासी बाराबंकी उत्तर प्रदेश) को साक्ष्य व गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि 2021 की सचिवालय रक्षक भर्ती मामले में एसटीएफ ने दो दिन पूर्व थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया था एसटीएफ की टेक्निकल टीम ने गहन जांच के बाद इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस को पाने में सफलता प्राप्त की है

एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि इस मामले में मामले में अभियुक्त प्रदीप पाल भी RIMS कंपनी का कर्मचारी था और आयोग में लंबे समय से कार्यरत था। प्रदीप पाल ने ही पेन ड्राइव के माध्यम से प्रश्न पत्र चुराया गया और अन्य साथियों की मदद से परीक्षार्थियों को लाखो रुपए में बेचा गया था

इस बाबत एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि 26 सितंबर 2021 को सचिवालय रक्षक भर्ती आयोजित हुई जिसमें भी कई अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध हो गया था।
सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा के संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा जांच करने के आदेश दिए गए थे ।

एसटीएफ टीम द्वारा सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा की जांच की गई जांच उपरांत परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने के साक्ष्य प्राप्त हुए एवं एसटीएफ टीम ने 24 अगस्त 2022 को थाना रायपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 351 धारा 420 467 468 471/120 आईपीसी एवं 9/10 उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम पंजीकृत कराया गया।


विवेचना के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि सचिवालय रक्षक भर्ती में कुल 33 पद हैं एवं कुल 66 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है शारीरिक परीक्षा होनी अभी शेष है।
सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा के संबंध में की जा रही विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आया कि सचिवालय रक्षक का प्रश्न पत्र आयोग द्वारा ही आयोग बिल्डिंग में लगी प्रिंटिंग मशीनों में छपवाया गया था जिसका टेंडर आरएमएस टेक्नोसोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था ।

आरएमएस टेक्नोसोल्यूशन लिमिटेड के कर्मचारी प्रदीप पाल एवं उनकी टीम परीक्षा की तिथि से 1 सप्ताह पूर्व प्रश्न पत्र सैट करने / छपवाने के लिए आयोग की प्रिंटिंग प्रेस रायपुर में आए थे । यहीं पर प्रदीप पाल ने पेनड्राइव के माध्यम से यह पेपर चुराया गया था।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि एसटीएफ टीम द्वारा आयोग मैं जिस जगह पर पर प्रश्न पत्र छापा गया था उस जगह का निरीक्षण किया गया एवं जिस लैपटॉप में प्रश्न पत्र तैयार किया गया था वह लैपटॉप कब्जे में लिया गया है । जिस दिन पेपर छपाई का कार्य चल रहा था उस दौरान की सीसीटीवी (फुटेज जो आयोग द्वारा संरक्षित की गई थी) को कब्जे में लिया गया है । सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया जिसमें पेपर निकालने की पुश्टि हुई है।
विवेचना के दौरान कुछ ऐसे अभ्यर्थी चयनित किए गए एवं उनके बयान अंकित किए गए जिनको प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले ही उपलब्ध हो गया था।

विवेचना के दौरान आधार साक्ष्यों के आधार पूछताछ के बाद अभियुक्त प्रदीप पाल को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त
प्रदीप पाल पुत्र गया प्रसाद निवासी ग्राम बलीपुर थाना हैदरगढ़ जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश’ ’उम्र 24 वर्ष’
गिरफ्तार अभियुक्त प्रदीप पाल द्वारा अपनी पूछताछ में बताया गया कि आयेग बिल्डिंग में पेपर छपने के दौरान मौका पाकर पेनड्राइव के माध्यम से प्रष्नपत्र चुराया गया था एवं । प्रश्न पत्र पेनड्राइव के माध्यम से ही चुराने के बाद जयजीत दास को दिया गया था।


अभियुक्त प्रदीप पाल वर्ष 2017 से आरएमएस टेक्नोसोल्यूशंस लिमिटेड का कर्मचारी / कम्प्यूटर ऑपरेटर है जो कंपनी के प्रिंटिंग प्रेस संबंधी कार्य देखता है एवं देहरादून में पाम सिटी में कंपनी के फ्लैट में रहता था
अभियुक्त द्वारा अपनी पूछताछ में अहम जानकारी दी गयी है जिसकी पुष्टि की जा रही है।

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