Uksssc पेपर लीक – राजेश चौहान की कंपनी का सालाना टर्नओवर 111 करोड़

प्रदीप पाल ने सचिवालय रक्षक भर्ती प्रतियोगिता का प्रश्न पत्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग कार्यालय से पेन ड्राइव में चुराया था। नीचे देखें पूरी खबर

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। RIMS प्रिंटिंग प्रेस के मालिक राजेश चौहान की कम्पनी का सालाना टर्न ओवर 111 करोड़ है। जबकि लखनऊ में करोड़ों रुपए की चल अचल संपत्ति का भी पता चला है। STF राजेश चौहान को ही पेपर लीक का मुख्य अभियुक्त मान कर चल रही है।

  1. आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन प्रा०लि०
  2. आरएमएस टेक्नोटच सॉल्यूशन प्रा0लि0
  3. लखनऊ इन्टरनेशनल पब्लिक स्कूल में पार्टनरशिप
  4. लखनऊ जानकी पुरम में घर
  5. पत्नी के नाम फ्लैट जानकी पुरम में
  6. 2 बीघा जमीन लखनऊ में
  7. बैंक बैलेंस करीब 20 लाख रू0

अब तक की विवेचना में यह पाया कि अभियुक्त राजेश चौहान केंद्रपाल से कई वर्षों से परिचित था। अभियुक्त राजेश चौहान ही मुख्य कड़ी है। अभियुक्त के माध्यम से ही उत्तराखण्ड यूकेएसएसएससी का पेपर आउट हुआ था एवं विभिन्न स्त्रोतों से कई लोगो को पहुँचाया गया था।

VDO/VPDO भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में की जा रही विवेचना के क्रम में एसटीएफ टीम अब तक कुल 24 अभियुक्तों को गिरफ्तारकर चुकी है। एसटीएफ टीम द्वारा संकलित साक्ष्यों के आधार पर मुख्य अभियुक्त केंद्रपाल पुत्र भीम सिंह निवासी टीचर कॉलोनी धामपुर को दिनांक 26 अगस्त को गिरफ्तार किया था

केंद्रपाल की पूछताछ के दौरान यह प्रकाश में आया था कि VDO / VPDO का पेपर आरएमएस टेक्नोसोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड में छपा था यह प्रश्नपत्र कंपनी के स्वामी राजेश चौहान के माध्यम से प्राप्त हुआ था ।

कंपनी आरएमएस टेक्नोसोल्यूशंस लिमिटेड के मालिक राजेश चौहान के संबंध में गहनता से जानकारी की गई एवं कुछ अन्य गवाहों के बयानों एवं अन्य टेक्निकल साक्ष्य से यह प्रकाश में आया कि आरएमएस टेक्नोसोल्यूशंस लिमिटेड का स्वामी राजेश चौहान ही प्रश्नपत्र लीक का मुख्य अभियुक्त है एवं यहीं वह कड़ी है जिसके माध्यम से पेपर पहुंचाया गया एवं उत्तराखंड VDO / VPDO भर्ती का प्रश्न पत्र बड़े स्तर पर लीक करवाया गया एवं कई अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र उपलब्ध करा कर करोड़ों रुपए का अवैध धन अर्जित किया गया।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अभियुक्त राजेश चौहान को विभिन्न तिथियों पर पूछताछ हेतु एसटीएफ कार्यालय बुलाया गया था जहां पर गहनता से पूछताछ की गई। अभियुक्त राजेश चौहान द्वारा बताए गए जवाबों को वेरीफाई करवाया गया अभियुक्त के बयानों में कई विरोधाभास आया । अभियुक्त से की गई लंबी पूछताछ एवं विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त राजेश चौहान को उक्त अपराध में गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त राजेश कुमार पुत्र श्रीहर्ष रूप सिंह निवासी बी 2/97 सेक्टर थ् जानकीपुरम लखनऊ अभियुक्त राजेश चौहान की संपत्ति के संबंध में प्रथम दृष्टया जांच में पाया कि अभियुक्त राजेश चौहान की कंपनी का टर्नओवर करीब वार्षिक 111 करोड़ के आसपास है। अभियुक्त के पास निम्न सम्पत्ति की जानकारी प्राप्त हुई है।

एसटीएफ उत्तराखंड द्वारा सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा में आयोग कार्यालय से पेन ड्राइव के माध्यम से पेपर चुराने वाले अभियुक्त प्रदीप पाल को किया गिरफ्तार

प्रदीप पाल

अवगत कराना है वर्तमान में एसटीएफ टीम द्वारा वीडियो भर्ती परीक्षा से संबंधित मुकदमे की विवेचना की जा रही है जिसमें पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तों एवं अन्य गवाहों के बयानों में यह साक्ष्य प्राप्त हुए हैं कि 26 सितंबर 2021 को सचिवालय रक्षक भर्ती आयोजित हुई जिसमें भी कई अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध हो गया था ।

सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा के संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा जांच करने के आदेश दिए गए थे एवं उक्त आदेश पर एसटीएफ टीम द्वारा सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा की जांच की गई जांच उपरांत परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने के साक्ष्य प्राप्त हुए एवं एसटीएफ टीम द्वारा दिनांक 24 अगस्त 2022 को थाना रायपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 351 धारा 420 467 468 471 120 बी भादवि एवं 9/10 उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम पंजीकृत कराया गया

विवेचनात्मक कार्यवाही

विवेचना के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि सचिवालय रक्षक भर्ती में कुल 33 पद हैं एवं कुल 66 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है शारीरिक परीक्षा होनी अभी शेष है। सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा के संबंध में की जा रही विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आया कि सचिवालय

रक्षक का प्रश्न पत्र आयोग द्वारा ही आयोग बिल्डिंग में लगी प्रिंटिंग मशीनों में छपवाया गया था जिसका टेंडर आरएमएस टेक्नोसोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था आरएमएस टेक्नोसोल्यूशन लिमिटेड के कर्मचारी प्रदीप पाल एवं उनकी टीम परीक्षा की तिथि से 1 सप्ताह पूर्व आयोग में प्रश्न पत्र सैट करने / छपवाने के लिए आयोग की प्रिंटिंग प्रेस में रायपुर में आए थे जहां पर प्रदीप पाल द्वारा पेनड्राइव के माध्यम से यह पेपर चुराया गया था। एसटीएफ टीम द्वारा आयोग मैं जिस जगह पर पर प्रश्न पत्र छापा गया था उस जगह का निरीक्षण किया गया एवं जिस लैपटॉप में प्रश्न पत्र तैयार किया गया था वह लैपटॉप कब्जे में लिया गया है एवं जिस दिन पेपर छपाई का कार्य चल रहा था उस दौरान की सीसीटीवी फुटेज जो आयोग द्वारा संरक्षित की गई थी) को कब्जे में लिया गया है सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया जिसमें पेपर निकालने की पुष्टि हुई है।

विवेचना के दौरान कुछ ऐसे अभ्यर्थी चयनित किए गए एवं उनके बयान अंकित किए गए जिनको प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले ही उपलब्ध हो गया था। विवेचना के दौरान आधार साक्ष्यों के आधार पूछताछ के बाद अभियुक्त प्रदीप पाल को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त

प्रदीप पाल पुत्र गया प्रसाद निवासी ग्राम बलीपुर थाना हैदरगढ़ जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश’ ‘उम्र 24 वर्ष’ गिरफ्तार अभियुक्त प्रदीप पाल द्वारा अपनी पूछताछ में बताया गया कि आयोग बिल्डिंग में पेपर छपने के दौरान मौका पाकर पेनड्राइव के माध्यम से प्रश्नपत्र चुराया गया था एवं यह प्रश्न पत्र पेनड्राइव के माध्यम से ही चुराने के बाद उसके द्वारा जयजीत दास को दिया गया था।

अभियुक्त प्रदीप पाल वर्ष 2017 से आरएमएस टेक्नोसोल्यूशंस लिमिटेड का कर्मचारी / कम्प्यूटर ऑपरेटर है जो कंपनी के प्रिंटिंग प्रेस संबंधी कार्य देखता है एवं देहरादून में पाम सिटी में कंपनी के फ्लैट में रहता था अभियुक्त द्वारा अपनी पूछताछ में अहम जानकारी दी गयी है जिसकी पुष्टि की जा रही है।

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