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ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह- 91 को गोल्ड मेडल व 6800 को मिली डिग्री

91 को गोल्ड मैडल, 6800 को डिग्री

कोई देश को विकसित होने से नहीं रोक सकता- राज्यपाल

• लोककवि नरेंद्र नेगी व अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी को मानद डॉक्टरेट

अविकल उत्तराखण्ड


देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने कहा कि गोल्ड मैडल पाने वाले छात्र-छात्राएं आने वाले भारत के लीडर हैं। उन्हें लीडर की तरह सोचना शुरू करना चाहिए। डिग्री और मैडल पाने वालों पर उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाने की अतिरिक्त जिम्मेदारी है। राज्यपाल आज ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। ग्राफिक एरा ने लोकप्रिय गढ़वाली गीतकार नरेंद्र सिंह नेगी और फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी को डाक्टरेट की मानद उपाधि से विभूषित किया गया। दीक्षांत समारोह में 91 गोल्ड और इतने ही सिल्वर मैडल देने के साथ ही 6800 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी गईं।


राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने दीक्षांत भाषण में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की लगातार व तेजी से प्रगति की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि डॉ कमल घनशाला ने जिस तरह कम्प्यूटर साईंस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और नई खोजों के जरिये ग्राफिक एरा को बहुत ऊंचाई तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि ग्राफिक शब्द उन्हें बहुत प्रभावित करता है क्योंकि इसमें ग्राफ आता है और ग्राफ तो लगातार ऊंचा उठते रहना चाहिए। एक कम्प्यूटर सेंटर खोलकर डॉ कमल घनशाला ने पहला कदम उठाया और उसके बाद लगातार आगे बढ़ते रहे। करीब सात हजार छात्र-छात्राओं को डिग्री देना छोटी बात नहीं है। शानदार प्लेसमेंट, एमओयू और टाई अप्स नई उम्मीदें जगाने वाले हैं। बीटेक की छात्रा पूजा टिहरी की बेटी है, उसे एटिलासियन ने चुन लिया है। आज पूजा को 85 लाख रुपये का पैकेज मिला है, आने वाले समय में वह एक करोड़ पर पहुंचेगी।


राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को विकसित बनाने के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि जिस दिशा में युवा जा रहे हैं, कोई देश की प्रगति और विकसित होने से नहीं रोक सकता। आज मैडल पाने वालों में जो उत्साह और क्षमता देखाई दी, उससे साफ है कि कोई देश को विकसित होने से नहीं रोक सकता। आने वाले 25 वर्षों में भारत पूरी दुनिया में सबसे अधिक युवाओं वाला देश होगा। यही टेलेंटेड युवा पीढ़ी परिवर्तन की सूत्रधार होगी।

यही सबसे बड़े कर्मयोगी होंगी। वर्ष 2030 तक देश में 14 करोड़ स्नातक होंगे। यह साइबर, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मास मीडिया पर ध्यान देने का युग है। उत्तराखंड की महिलाओं के प्रोडेक्ट्स को वोकल फॉर लोकल अभियान के तहत व्यापक बाजार देने की चुनौती को जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डॉ कमल घनशाला ने इसे स्वीकार किया है। इससे काफी उम्मीदें बंधी हैं।


मुख्य अतिथि राज्यपाल गुरमीत सिंह ने गोल्ड मैडल पाने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहाड़ की महिलाओं ने क्षमता और कर्मठता चिपको आंदोलन से लेकर अब तक साबित की है। उन्होंने पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए गंभीर कदम उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि अब रिवर्स माइग्रेशन के लिए प्रयास किए जाने चाहिएं। राज्यपाल ने अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी और लोककवि नरेंद्र सिंह नेगी मानद उपाधि दिए जाने को उत्तराखंड की धरोहर का सम्मान मानकर सराहा।


उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति लागू करने के साथ ही कई बड़े कदम उठाये गए हैं। राज्य में 12 भाषाओं में शिक्षा देने की तैयारी की जा रही है। कोई भी बच्चा अपनी मातृभाषा में प्राइमरी शिक्षा पा सकता है। इसके लिए सिलेबस तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय का छात्र किसी भी सेमेस्टर में दूसरे विश्वविद्यालय में स्थानांतरण करा सकते है, इसके लिए क्रेडिट सिस्टम लागू किया जा रहा है। किसी छात्र को आर्थिक कारणों से पढ़ायी बीच छोड़कर नौकरी करनी पड़े, तो उसकी उस समय तक की पढ़ायी बेकार नहीं जाएगी, कुछ साल नौकरी करने के बाद वह वापस वहीं से शिक्षा आगे जारी रख सकेगा।


उच्च शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने कहा कि राज्य में अब 50 अंक अतिरिक्त रूप से देने की व्यवस्था की जा रही है। उदाहरण के लिए पेड़ लगाने पर पांच नंबर, किसी को पढ़ाने पर पांच नंबर और योग के लिए पांच नंबर दिए जाएंगे। हर विश्वविद्यालय एक गांव, एक प्राइमरी स्कूल और एक आंगनवाड़ी केंद्र को गोद लेगा। राज्य में हर साल अन्तर्विश्वविद्यालय खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी ताकि प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा सके।


ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के चांसलर और ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ कमल घनशाला ने युवाओं से संवादहीनता से बचने, कनेक्टीविटी बनाये रखने और असुरक्षा की भावना रखने वालों को पहचान कर उन्हें मुख्य धारा में लाने की कोशिश करने का आह्वान किया। डॉ. घनशाला ने डिग्री और मैडल पाने वालों का आह्वान किया कि सपने जरूर देखें, सबसे अच्छा सपना वह होता है, जो रात को सोने न देता। एक सपना पूरा होने पर उससे बड़ा दूसरा सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए पूरी शक्ति से जुट जाएं।


कुलपति डॉ आर गावरी ने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की ग्यारह वर्षों की शानदार उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिक्षा में उच्च गुणवत्ता के साथ ही सामाजिक सरोकारों और नैतिक मूल्यों का समावेश करके युवाओं को बेहतरीन नागरिक के रूप में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं को देश, समाज और परिवार के प्रति अपने दायित्वों की शपथ दिलाई।
समारोह में ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन की वाइस चेयरपर्सन राखी घनशाला ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

समारोह में ग्राफिक एरा ग्रुप के मुख्य संरक्षक आर सी घनशाला, ग्राफिक एरा एजुकेशनल सोसायटी की अध्यक्षा लक्ष्मी घनशाला, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ आर सी जोशी, कुलपति डॉ संजय जसोला, गवर्निंग बॉडी के सदस्यों वरिष्ठ पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट, डॉ आर एन सचदेवा और सेवानिवृत्त आईएएस अल्का सिरोही, मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्य डॉ सुभाष गुप्ता, डॉ ज्योति छाबड़ा, एकेडमिक काउंसिल के प्रो. ए. क्यू. अंसारी, कुलसचिव डा अरविंद धर और तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। संचालन डॉ एम पी सिंह ने किया।

गोल्ड मैडल पाने में छात्राएं आगे

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने कहा कि गोल्ड मैडल पाने वालों में छात्राओं की संख्या अधिक है। वर्ष 2020, 2021 और 2022 में कुल मिलाकर 91 छात्र छात्राओं को गोल्ड मैडल, 91 को ही सिल्वर मैडल और 86 को ब्रॉंज मैडल दिए गए।
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने वर्ष 2022 के चित्रा पांडेय, चिराग मुकुल पांडेय, हर्षित जोशी, मिनल गडिया व स्वाति जोशी समेत 34 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मैडल प्रदान किए। वर्ष 2021 के प्रज्ञा परमार, कीर्ति नैनवाल, पारस मेहता, उर्वशी चौहान और पलक चांदना समेत 28 छात्र छात्राओं को गोल्ड मैडल दिए गए। वर्ष 2020 के गोल्ड मैडल पाने वालों में हर्षलीन कौर सेठी, आयुषि जैन, अक्षता पांडेय, मल्लिका जोशी और गरिमा पांडेय समेत 30 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2022 के 2615 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी गईं। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने चार स्कॉलर्स डॉ हिमानी बिंजोला- पत्रकारिता, डॉ ताहा सिद्दीकी- पत्रकारिता, डॉ पंकज अग्रवाल- मैनेजमेंट और जसप्रीत कौर- इंगलिश को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। इस समारोह में गोल्ड मैडल पाने वालों में लड़कियों की संख्या 57 है, जबकि 34 लड़कों को गोल्ड मैडल दिए गए। तीनों तरह के 208 मैडल्स में से 116 मैडल लड़कियों ने प्राप्त किए।

ग्राफिक एरा को संस्कृति व माटी से लगाव

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी से डी लिट की मानद उपाधि पाने वाली दोनों विभुतियों ने इसे उत्तराखंड की धरोहरों का सम्मान करार दिया।
लोकप्रिय गढ़वाली गीतकार नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि आज उत्तराखंड की लोकभाषा को सम्मानित किया गया है। यह ग्राफिक एरा की लोककला, संस्कृति और माटी की महक के प्रति लगाव है। यही कारण है कि यहां के बच्चे आईटी, कम्प्यूटर आदि के साथ ही लोकगीत और संगीत से भी लगाव रखते हैं।


फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी को यह सम्मान मिला है। जिस शहर में वह पैदा हुईं और जिस शहर ने उनकी कला को परखा उस शहर में डाक्टरेट की उपाधि मिलना बहुत सुखद अहसास है। अपने चिर परिचित अंदाज में हिमानी शिवपुरी ने एक सीरियल का कटोरी अम्मा के अंदाज में सपने देखने और आगे बढ़ने के लिए डायलॉग सुनाया प्रेरित किया। राज्यपाल ने उन्हें शेरनी कहकर संबोधित किया।

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