उत्तराखंड की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक

बुधवार को उत्तराखंड में विशेष सरगर्मी देखी गयी। नौकरी में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और लचर पैरवी का आरोप लगाया। इस बीच, महिला वन अधिकारी तनुजा परिहार व ITI हरिद्वार के प्रिंसिपल पीके धारीवाल को निलंबित कर दिया। उधर, भर्ती घपले को लेकर राजधानी में खूब धरना प्रदर्शन हुए। जबकि मास्टरमाइंड हाकम सिंह को रिमांड पर लेने के बाद STF ने उसके सांकरी स्थित रिजॉर्ट में छानबीन की । देर रात ,सीएम धामी ने दोषियों पर गैंगेस्टर व सम्पत्ति जब्त करने के आदेश देकर धंधेबाजों के कैम्प में हलचल मचा दी। सवाल अब यह भी उठ रहा है कि कॉलर ऊपर कर घूम रहे कितने धंधेबाजों पर पुलिस गैंगेस्टर लगा पाएगी।

इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार और हाईकोर्ट में उचित पैरवी नहीं करने का आरोप लगाया है।
सहायक वन सरंक्षक व आईटीआई का प्रिंसिप सस्पेंड

अविकल उत्तराखंड


नैनीताल। हाईकोर्ट ने हरियाणा की पवित्रा चौहान समेत अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की उत्तराखंड सम्मिलित सेवा, प्रवर सेवा के पदों के लिए आयोजित परीक्षा में उत्तराखंड की महिला अभ्यर्थियों को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के 2006 के शासनादेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आयोग की मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति देने को कहा है।


याचिकर्ताओं के अनुसार आयोग ने विभिन्न विभागों में 200 से अधिक पदों के लिए 26 मई को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था, जिसमें अनारक्षित श्रेणी की दो कट आफ लिस्ट जारी की गई। उत्तराखंड मूल की महिला अभ्यर्थियों की कट आफ 79 थी, जबकि याचिकाकर्ता को 79 से अधिक अंक के बावजूद अयोग्य घोषित किया गया।


मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति आरएस खुल्बे की खंडपीठ ने उत्तराखंड की महिला अभ्यर्थियों को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के 2006 के शासनादेश पर रोक लगा दी है। साथ ही याचिकाकर्ताओं को आयोग की मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति देने को कहा है।

उक्रांद नेता काशीसिंह ऐरी व आंदोलनकारी ताकतों ने इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया

एसीएफ तनुजा परिहार निलम्बित

देहरादून में तैनात सहायक वन संरक्षक तनुजा परिहार को गड़बड़ी के आरोप में निलम्बित कर दिया। प्रमुख सचिव आर के सुधांशु ने निलंबन के आदेश किया। तराई केंद्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर में वृक्षारोपण व तालाब की मिट्टी गायब होने सम्बन्धी जांच चल रही थी। जांच में पता चला कि वृक्षारोपण किया ही नहीं गया था। लिहाजा, 2022 के जून माह में एसीएफ तनुजा परिहार को भाखड़ा रेंज से हटाकर DFO कार्यालय सम्बद्ध कर दिया था।


आईटीआई का प्रिंसीपल सस्पेंड, निदेशालय में अटैच


देहरादून। शासन ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हरिद्वार के प्रधानाचार्य पीके धारीवाल को निलंबित कर दिया है। उन्हें हल्द्वानी निदेशालय में अटैच किया गया है।


उल्लेखनीय है कि शासन ने धारीवाला का आईटीआई देहरादून से अटैचमेंट समाप्त कर उन्हें उनकी मूल तैनाती स्थान पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा स्थानांतरण किया था। लेकिन, अल्मोड़ा में ज्वाइन करने की बजाय धारीवाल बिना अनुमति के 28 जुलाई 2022 तक अनाधिकृत रुप से अवकाश पर रहे।

इस पर प्रशिक्षण निदेशालय ने 23 जून को उनके वेतन आहरण पर रोक लगा दी थी।
29 जुलाई को धारीवाल का पिथौरागढ़ से हरिद्वार स्थानांतरण किया गया है। 8 अगस्त को धारीवाल ने स्वंय के हस्ताक्षर से जून और जुलाई का रोका गया वेतन बिना निदेशालय की अनुमति से हरिद्वार कोषागार से आहरित कर लिया।

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