जीएसटी वसूली- ऊपर वालों को भनक नहीं, मातहत कर रहे खेल

कमिश्नर से मिलेगी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
– कोविड महामारी के बीच सूक्ष्म उद्यमियों को नोटिस भेजने का मामला
– जीएसटी अधिकारी एक दूसरे पर झाड़ रहे हैं पल्ला

अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून । कार्यालय अधीक्षक केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रेंज-5 देहरादून मंडल द्वारा कोविड महामारी के बीच जारी किए गए साल 2015-16 के नोटिस का मामला गंभीर रुख लेता जा रहा है। उद्यमियों की नाराजगी व सरकार से मदद की गुहार लगाने के बीच ही उत्तराखण्ड इंडस्टीज एसोसिएशन ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जीएसटी कमिशनर से मिल कर उद्यमियों के मुद्दे को उठाने का निर्णय लिया है। वहीं रेंज-5 के सुप्रिटेंडेंट संतोष मिश्रा से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अधिकारिक जवाब रेंज की सहायक कमिशनर ही दे सकेंगी वह अभी छुट्टी पर हैं। जैसे ही वह आती हैं उनके संज्ञान में यह विषय रखा जाएगा।

एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता

एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि विगत एक साल से गंभीर आर्थिक संकट झेल रहे सूक्ष्म एवं निम्न श्रेणी के उद्यमियों व स्वरोजगारियों को इस प्रकार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाना अनुचित व मानवीय मूल्यों के विरूद्ध है। उन्होंने बताया कि इस प्रकारण को लेकर जीएसटी कमिशनर अनुज गोगिया से संपर्क किया गया है। उनके कार्यालय ने आश्वासन दिया है कि शीघ्र ही संबंधित रेंज के सहायक कमिशनर से उद्यमियों की वार्ता करायी जाएगी।

गुप्ता ने बताया कि यह बहुत ही गंभीर है कि बदहाली की कगार पर पहुंच गए उद्यमियों को सरकार की ओर से राहत दिए जाने के बजाए उन्हें पांच साल पुराने नोटिस थमाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से की गई इस कार्यवाही को उच्च पदस्त अधिकारियों का दबाव बताया जा रहा है। जबकि पड़ताल करने पर पता चला है कि उच्च अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है। सुप्रिटेंडेंट व इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों ने आयकर विभाग से मिली रूटीन की जानकारी को आधार बना कर छोटे उद्यमियों को परेशान करने की साजिश रची है।

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