सिंचाई विभाग में बड़े ठेकेदारों के एकछत्र सिंडिकेट पर चोट

अब बड़े निर्माण ठेकों के चार हिस्सों में टेंडर होंगे

अब सिंचाई विभाग में बाहरी वजनदार ठेकेदारों की नही बोलेगी तूती

छोटे ठेकेदारों को भी मिलेंगे टेंडर

लंबे समय से सिंचाई मंत्री महाराज सिंडिकेट तोड़ने की कोशिश में जुटे थे


अविकल उत्त्तराखण्ड

देहरादून। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने उत्त्तराखण्ड के सिंचाई विभाग में लंबे समय से काबिज बड़े ठेकेदारों के सिंडिकेट पर हथौड़ा चला दिया।

कैबिनेट की मुहर के बाद अब स्थानीय छोटे ठेकेदारों को भी सिंचाई विभाग के ठेके मिलेंगे। लंबे समय से सिंचाई विभाग में अभी तक बड़े ठेकेदारों की तूती बोल रही थी।

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बाहरी ठेकेदारों के वर्चस्व को समाप्त करते  सिंचाई  मंत्री सतपाल महाराज ने बड़े ठेकों को चार हिस्सों में बांटने से छोटे ठेकेदारों को राहत मिली है। स्थानीय ठेकेदार भी अब इन ठेकों में हिस्सेदारी ले सकेंगे।

महाराज ने बताया कि स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए  सिंचाई विभाग के तहत होने वाले बड़े निर्माण कार्यों के ठेकों को छोटा करने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा था । इस प्रस्ताव पर 17 सितम्बर को कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी है।

कुछ औपचारिकतायें पूरी करने के बाद अब शीघ्र ही इस व्यवस्था को सिंचाई विभाग में लागू कर दिया जायेगा।

सतपाल महाराज ने कहा कि पहले बाहरी बड़े ठेकेदारों को सिंचाई विभाग में बड़े ठेके दिये जाते थे जिन्हें वह पेटी पर स्थानीय ठेकेदारों को देते थे लेकिन भुगतान के समय वह स्थानीय ठेकेदारों का पैसा मार देते थे।

  महाराज ने कहा कि कैबिनेट के इस फैसले के बाद निश्चित रूप से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

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